सीहोर ( ) ये मामला ऐसा है कि जो वैसे तो दबा दिया गया लेकिन मामले की यदि गंभीरता देखी जाये तो पता चलता है मामला ऐसा नहीं है कि उसे दबाया जाता । सीहोर के चंद्रशेखर आज़ाद शासकीस अग्रणी महाविद्यालय के लाइब्रेरियन राजेंद्र शर्मा की मृत्यु का है जिसे सामान्य मृत्यु ही माना जा रहा है । लेकिन हकीकत ये है कि राजेंद्र शर्मा ने कॉलेज के प्रिंसीपल श्री सिंह के द्वारा ये सारे स्टाफ के सामने ये कहने पर कि 'आप पंखे से लटक कर आत्महत्या कर लो ।' सचमुच वैसा ही कर लिया ।
पंखे से लटक कर की गई आत्महत्या को केवल सामान्य मृत्यु में कैसे बदल दिया गया । मामला यूं है कि कॉलेज की लाइब्रेरी का भौतिक सत्यापन चल रहा था । और ये भौतिक सत्यापन लगभग 10 साल बाद हो रहा था । मृदुभाषी राजेंद्र शर्मा पिछले कुछ सालों से लाइब्ररियन का पद संभाले हुए थे, क्योंकि लाइब्रेरियन सेवानिवृत हो चुके थे । राजेंद्र शर्मा के जानने वालों का कहना है कि वे संतानहीन होने के कारण काफी भावुक और संवेदनशील थे । और उसी कारण ये सब हो गया । लाइब्रेरी का भौतिक सत्यापन पिछले कई सालों से नहीं हुआ था । राजेंद्र शर्मा ने भी जब कार्यभार लिया तो इसी प्रकार चार्ज ले लिया था । इसी बीच सीहोर के कॉलेज में लाइब्रेरियन अजय श्रीवास्तव की पदस्थापना भी हो चुकी थी । लेकिन प्रिंसीपल सिंह ने एक साल होने के बाद भी श्रीवास्तव को चार्ज नहीं दिलावाया था । इसके पीछे क्या कारण था ये तो श्री सिंह ही बता सकते हैं । बार बार वे राजेंद्र शर्मा को प्रताडि़त कर रहे थे । राजेंद्र शर्मा की मौत के एक दिन पहले सारे स्टाफ के सामने श्री सिंह ने एक बार फिर से राजेंद्र शर्मा को बुरी तरह से प्रताडि़त किया । काफी अपशब्द कहे और बहुत भला बुरा कहा । जब राजेंद्र शर्मा ने ये कहा कि लाइब्रेरी के भौतिक सत्यापन का काम तो चल ही रहा है, अब मैं क्या कर सकता हूं । तो श्री सिंह ने कड़े शब्दों में सारे स्टाफ के सामने कहा कि आप ये तो कर ही सकते हैं कि पंखे से लटक कर आत्महत्या कर लें । बात राजेंद्र शर्मा को चुभ गई और रात को उन्होंने वही कर लिया । लेकिन यहां एक और बात ये हुई कि रातों रात राजेंद्र शर्मा की आत्महत्या को दिल के दौरे से हुई मौत में बदल दिया गया । राजेंद्र शर्मा अपनी पत्नी के साथ अकेले इंग्लिशपुरा में रहते थे । आत्महत्या की खबर जब रात चार बजे जब प्रिंसीपल के कुछ चहेते कर्मचारियों को मिली तो उन्होंने रात को ही पहुंच कर राजेंद्र शर्मा की पत्नी पर दबाव बनाया कि आप इसे यदि आत्महत्या का मामला बतायेंगीं तो आपको पेंशन, जीपीएफ कुछ नहीं मिलेगा सब डूब जायेगा । बदहवास श्रीमती शर्मा ने बात को मान लिया । बात की बात में श्री शर्मा के एक नजदीकी रिश्तेदार, जो कि पुलिस विभाग में टू स्टार हैं को, और प्रिंसीपल के चहेते एक पत्रकार को बुलाया गया तथा लाश को नीचे उतार कर गले से रस्सी आदि खोल कर उसे सामान्य मौत बनाने का प्रयास किया गया । उसके बाद उक्त टूस्टार लाश को हस्पताल ले गये जहां डाक्टरों के साथ मिल कर दिल का दौरा बता कर मामले को वहीं समाप्त कर दिया गया । आज पूरा मामला शांत हो चुका है । कोई नहीं जानता कि राजेंद्र शर्मा की मौत के पीछे का सच क्या है । क्यों उस निसंतान, मृदुभाषी व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली । क्या है उस मौत के पीछे का सच ये आज इस मेल के द्वारा खोला जा रहा है ।