सोमवार, 3 अक्टूबर 2011

बेटी बचाओ अभियान का शुभारंभ पांच अक्टूबर को

सीहोर : प्रदेश व्यापी ""बेटी बचाओ अभियान""का शुभारंभ पाँच अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान अपने भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर करेंगे। इस मौके पर आयोजित कन्या भोज में करीब एक हजार कन्याएं शामिल होंगी। सीहोर जिले में ""बेटी बचाओ अभियान" का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। इस सिलसिले में कलेक्टर डॉ.संजय गोयल ने अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। व्यापक तैयारीकलेक्टर डॉ. संजय गोयल के निर्देश पर जिले में पाँच अक्टूबर से शुरू होने वाले ""बेटी बचाओ अभियान"" की सभी तैयारियाँ की गई हैं। बेटी बचाओ अभियान का शुभारंभ पाँच अक्टूबर को पूरे प्रदेश में एक साथ होगा। अभियान के शुभारंभ समारोह में मुख्यत: स्कूली छात्र-छात्राओं की रैली आयोजित की जायेगी। समारोह में विशेष उपलब्धियाँ अर्जित करने वाली स्थानीय बालिकाओं एवं महिलाओं का सम्मान भी किया जाएगा। बेटी के जन्म पर वृक्षारोपण के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जायेगा। नाटकों के प्रदर्शन आदि कार्यक्रम भी इस मौके पर आयोजित किये जा जायेगें। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने बताया कि अभियान को सफल बनाने हेतु शासन के निर्देशानुसार समस्त राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों का सहयोग लेकर जनसहभागिता सुनिश्चत की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जो गतिविधियां तय की गई है उसमें ऐसे परिवार जिसमें सिर्फ बेटियां ही हैं, उन्हें अपने आवास की रजिस्ट्री पति-पत्नी के नाम करने पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाएगी। अभियान में अच्छा काम करने वाले व्यक्ति एवं संगठनों को पुरूस्कृत भी किया जाएगा। स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजनकलेक्टर डॉ. गोयल ने बताया कि ""बेटी बचाओ अभियान "" के परिपेक्ष्य में स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। कोई भी प्रतिभागी बेटी बचाओ से संबंधित नारा मोबाइल नंबर 9893007386 पर एसएमएस कर सकता है। प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 5 अक्टूबर को पुरूस्कृत किया जाएगा।सम्मानित होंगे बेटियों वाले दंपत्तिअभियान के दौरान सर्फ बेटियों वाले दम्पत्तियों को सम्मानित किया जाएगा ताकि बेटियों वाले परिवार स्वयं को गौरवान्वित महसूस करें। अभियान में विशिष्ट योगदान प्रदान करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी हर वर्ष पुरस्कृत किया जायेगा। बेटियों को गोद लेने वाले अभिभावकों और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाली बेटियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने की भी पहल की जायेगी। ""सिर्फ बेटी वाले परिवार क्लब"" के सदस्यों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़कर गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। दहेज माँगने वाले एवं देने वाले परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने के लिये जन-जागृति लायी जायेगी तथा सादगीपूर्ण विवाह समारोह को बढ़ावा दिया जायेगा।हर साल मनेगा बेटी दिवसशासन निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा हर साल एक नियत तिथि को ""बेटी दिवस"" का आयोजन किया जाएगा जो किसी प्रसिद्ध महिला के जन्म-दिवस पर होगा। जिले में बेटी बचाओ अभियान का नेतृत्व जिले की महिला जन-प्रतिनिधियों/समाज सेविकाओं को सौंपा जायेगा। अभियान को सफल बनाने तथा बेटियों की महत्ता को कायम रखने की दिशा में घरेलू हिंसा अधिनियम का भी प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। अभियान के लिये कार्यशालाओं के आयोजन के साथ ही समाज में बेटियों के पक्ष में वातावरण निर्माण के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्य प्रभावी गतिविधियाँ भी संचालित की जाएंगी। "" बेटी है तो कल है""स्टीकर, पोस्टर, दीवार लेखन, गांवों में मुनादी, नुक्कड़ नाटक, आडियो-वीडियो आदि के जरिए बेटी बचाओ अभियान का व्यापक रूप से प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया गया है। अभियान का हर स्तर पर प्रचार-प्रसार कर इसे जनान्दोलन का रूप दिया जाएगा। प्रचार-प्रसार के लिए पंचलाइन होगी ""बेटी है तो कल है""

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