बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

नार्वे एम्बेसी के दल ने किया जिले का भ्रमण













सीहोर : विकास के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लेने आज नार्वे एम्बेसी के एक दल ने जिले की आष्टा तहसील के ग्राम मानाखेड़ी का दौरा किया। इस दल में नार्वे एम्बेसी के राजदूत असलक ब्रून, एडवाइजर जेने एन्डरसन, यू एन वूमेन संस्था की रीजनल प्रोग्राम डायरेक्टर एने स्टेनहेमर, जेन्डर कन्सलटेन्ट शिवानी भारद्वाज, प्रोग्राम एसोसिएट रचना विस्ट, आयुक्त पंचायती राज संचालनालय विश्व मोहन उपाध्याय शामिल थे। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. संजय गोयल, सीईओ जिला पंचायत बी.एस.जामौद एवं अन्य अधिकारी, सरपंच किरण सोलंकी, जनपद सदस्य श्रीमती ममता उमठ सहित पंचायत पदाधिकारी और ग्रामीणजन मौजूद थे। नार्वे एम्बेसडर ने कहा "वन्डरफुल" ग्राम मानाखेड़ी पहुंचे नार्वे के दल का परम्परागत रूप से जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने स्वागत किया। ग्रामीण महिलाओं ने नार्वे के एम्बेसडर असलक ब्रून द्वारा किए गए प्रश्नों के बेबाकी से उत्तर दिए। महिलाओं की जागरूकता और विकास में उनकी सहभागिता को देख अपने स्वागत से अविभूत श्री ब्रून ने कहा "वन्डरफुल"। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिलाओं को विकास में बराबर का भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित महिलाओं से जानकारी प्राप्त की और कहा कि वे बेहतर कार्य कर रही हैं। श्री ब्रून ने महिलाओं से पंचायत चुनाव में उनकी सहभागिता के सिलसिले में प्रश्न किए और महिलाओं की जागरूकता की सराहना की। महिलाओं की अहम भूमिका कार्यक्रम में नार्वे एम्बेसी की जेन्डर एडवाइजर जेने एन्डरसन ने कहा कि विकास में महिलाओं की अह्म भूमिका है। महिलाओं की सहभागिता से ग्रामीण विकास को गति मिलती है। उन्होंने बताया कि भारत और नार्वे दोनों देशों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए जा रहे है। महिला और पुरूष दोनो की विकास में बराबर की हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि नार्वें का दल ग्रामीण महिलाओं खासकर निर्वाचित महिलाओं के अनुभव जानने के लिए यहां आया है। सीहोर जिले का चयन आयुक्त पंचायती राज संचालनालय विश्वमोहन उपाध्याय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रदेश शासन द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है और महिलाओ की समाज में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई है। श्री उपाध्याय ने बताया कि नार्वे एम्बेसी दल के भ्रमण हेतु प्रदेश में सीहोर जिले का चयन किया गया है। यू.एन.वूमेन संस्था दक्षिण एशिया के पांच देशों में कार्य कर रही है जिनमें से भारत के 6 राज्यों के 13 जिले शामिल हैं।यादगार रहेगी शाल रीजन प्रोग्राम डायरेक्टर एने स्टेनहेमर ने अपने पारम्परिक स्वागत पर ग्रामीणों को शुक्रिया देते कहा कि जो शाल भेंट की गई है वह नार्वे की सर्दी में काम आएगी और इस गांव के निवासियों के स्नेह को याद दिलाती रहेगी। केम्पेन चलेगा कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने कहा कि नार्वे दल के इस गांव में आगमन का उद्देश्य निर्वाचित महिलाओं से उनकी समस्याएं जानना और प्रशासन से उनकी अपेक्षाओं का आंकलन करना है। कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना और बेटी बचाओ जैसे अभियान को प्राथमिकता से क्रियान्वित किया जा रहा है जिससे महिला सशक्तिकरण को ओर अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने नार्वे दल के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि महिला सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे प्रोग्राम को केम्पेन के रूप में क्रियान्वित कर इसे परिणाममूलक बनाया जाएगा। सरपंच किरण सोलंकी, जनपद सदस्य ममता उमठ, ग्राम पंचायत पंच बसकन्या बाई, सेजूबाई, सुनीताबाई सहित अनेक महिलाओं ने अपने विचार व्यक्त कर अपने अनुभव सुनाए। इस मौके पर एसडीएम आष्टा सी.पी निगम, जनपद पंचायत आष्टा के सीईओ उपेन्द्र सेंगर, इछावर सीईओ भूपेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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