सीहोर : लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा कि बेटी बचाओ अभियान मध्यप्रदेश सरकार की सराहनीय और दूरदर्शी पहल है। बेटियों के बीच हो रहे भेदभाव को दूर करने में यह अभियान जहां परिणामदायी सिद्ध होगा वहीं " बेटी है तो कल है " के नारे को साकार करेगा। श्रीमती स्वराज आज सीहोर के लीसा टाकीज हॉल में भ्रूण लिंग परीक्षण निषेध आधारित पीएनडीटी कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर उन्होंने " बेटी बचाओ अभियान" पर केन्द्रित नुक्कड़ नाटक को देखकर इसे सराहा। उन्होंने अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने पर छात्र - छात्राओं एवं एक बेटी वाले दंपत्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर म.प्र हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामपालसिंह, एमपी एग्रो अध्यक्ष श्री रामकिशन चौहान, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रघुनाथ सिंह भाटी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरेश मेवाडा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कलेक्टर डॉ. संजय गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री के.बी.शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री बी.एल.जामोद एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।बोझ नहीं वरदान है बेटी कार्यशाला को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा कि बेटी बचाने का बीड़ा उठाकर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बेटी बचाओ अभियान की अभिनव शुरूआत की है। बेटियों के कल्याण हेतु लाड़ली लक्ष्मी, मुख्यमंत्री कन्यादान जैसी अनेक योजनाएं क्रियान्वित कर प्रदेश सरकार बेटियों के हक में अग्रणी है। बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, विवाह और सुखमय जीवन के लिए कई जन हितैषी योजनाएं सरकार द्वारा चलाई जा रही है जिसका मकसद बेटी बोझ नहीं वरदान बने।डाक्टर अपना फर्ज निभाएं भ्रूण लिंग परीक्षण पर चिन्ता व्यक्त करते हुए सांसद श्रीमती स्वराज ने कहा कि पीएनडीटी एक्ट को कारगर तरीके से अमलीजामा पहनाया जाता तो आज लिंगानुपात की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने कहा कि जहां नवरात्र में कन्या पूजन किया जाता है वहीं दूसरी ओर दूषित मानसिकता के चलते भ्रूण हत्या कर कन्या को जन्म लेने से पूर्व ही रोका जाता है। उन्होंने कहा कि भ्रूण लिंग परीक्षण पर सरकार की सख्ती के बावजूद नए नए तरीके ईजाद कर लिए गए हैं जिनसे कोख में पलने वाले बेटा - बेटी की पहचान की जाती है यह घटनाएं शर्मशार करने वाली हैं। उन्होंने बेटी बचाने के लिए जनजागरण की जरूरत बताते हुए कहा कि सामाजिक सोच में बदलाव लाने के साथ ही चिकित्सकों को भी संकल्प लेना होगा कि वे भ्रूण परीक्षण के जरिए कभी भी किसी को बेटा-बेटी के बारे में नही बताएगें और सही चिकित्सक होने का फर्ज निभाएंगे।
जिला प्रशासन की सराहना अपने संबोधन की शुरूआत में सांसद श्रीमती स्वराज ने बेटी बचाओ अभियान पर केन्द्रित कार्यशाला पर खुशी जाहिर करते हुए कलेक्टर डॉ. संजय गोयल को बधाई दी और इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने बेटी बचाओ अभियान पर आधारित चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन कर कु.अपर्णा एवं कु. गीतिका यादव के द्वारा उकेरे गए रंगीन चित्रों पर उन्हें शाबाशी भी दी।
कार्यशाला का महत्व कार्यशाला में उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ.भूषण श्रीवास्तव, राज्य आईईसी सलाहकार श्री आशीष चौबे, सिविल सर्जन जे.पी.अस्पताल भोपाल डॉ.वीणा सिन्हा, यूनिसेफ के बीसीसी सलाहकार श्री मनोज पाण्डे, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्री एन.पी.दुबे आदि ने संबोधित कर पीएनडीटी एक्ट के संबंध में जानकारी प्रस्तुत कर कार्यशाला का महत्व बताया। इस मौके पर एसडीएम श्री इच्छित गढ़पाले, सीएमएचओ डॉ.ए.एल.मरावी, सिविल सर्जन डॉ.टी.एन.चतुर्वेदी, डॉ.बी.के.चतुर्वेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश शिवहरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इन्हें किया गया पुरस्कृत बेटी बचाओ अभियान के संबंध में विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियो को सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज ने सम्मानित किया। इनमें भाषण प्रतियोगिता में कु.मेघा मोर्य, कु.भारती पंवार, दीपक ठाकुर, कविता लेखन में कु.कामिनी यादव, कु.शिवानी प्रजापति, देवेन्द्र विश्वकर्मा और विल्सन जैन, नारे लेखन में कु.माधुरी बैरागी, विल्सन जैन, प्रवीण सोनी, चित्रकला में अपर्णा शर्मा, दीपिका यादव, धर्मेन्द्र प्रजापति, महाविद्यालयीन स्लोगन प्रतियोगिता में कु.साक्षी देव्वाल, सुदर्शन व्यास, कविता जायसवाल तथा पोस्टर प्रतियोगिता में कु.कविता जायसवाल, दिव्या लोवानिया एवं कु.रेखा चौहान और एसएमएस स्लोगन प्रतियोगिता में श्री रीतेश, डॉ.दीपा पारिख एवं श्री राकेश वर्मा को क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा एक बेटी के बाद ऑपरेशन कराने वाले दंपत्तियों में श्रीमती रंजना/संजय चौरसिया और श्रीमती मधु/कैलाश सेन को भी सम्मानित किया गया। बड़ी अनमोल बेटी .....। कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट विद्यालय नसरूल्लागंज के विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक मंचित कर जनम लेने से पहले मार दे कैसा ये जालिम समाज है", "हक जीने का हमसे न छीनो एक बेटी की ये आवाज है" और "बड़ी अनमोल बेटी की जान है, ये बेटी बचाओ अभियान है" गीत प्रस्तुत किया जिसकी सांसद श्रीमती स्वराज ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इसी तरह महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए भ्रूण लिंग परीक्षण निषेध तथा प्रदेश सरकार की महिला हितैषी योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। संबल सेवा समाज समिति द्वारा भी नुक्कड़ नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया।







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