बुधवार, 5 अक्टूबर 2011

बेटी वाले परिवार और बेटियां सम्मानित

सीहोर : प्रदेश व्यापी बेटी बचाओ अभियान का आज जिले में भी समारोहपूर्वक शुभारंभ किया गया। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित समारोह में जहां उत्कृष्ट कार्य करने वाली बेटियों का सम्मान किया गया वहीं बेटी वाले दंपत्तियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उपस्थित जनसमुदाय को बेटी और बेटे के बीच भेदभाव नहीं करने का संकल्प दिलाया गया। जिले में बेटी बचाओ अभियान के तहत रैलियां आयोजित की गई जिनके जरिए बिटिया बचाने का संदेश दिया गया। जिला मुख्यालय पर नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा के मुख्य आतिथ्य में बेटी बचाओ अभियान का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। मील का पत्थर बनेगा अभियान आवासीय खेलकूद संस्थान सीहोर के सभागृह में बेटी बचाओ अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने प्रदेश में बेटी बचाओ अभियान की परिकल्पना और इसकी शुरूआत के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए कहा कि बेटी बचाओ अभियान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की दूरगामी और संवेदनशील सोच को उजागर करता है। प्रदेश में बेटियों की खुशहाली के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार की जननी सुरक्षा, लाड़ली लक्ष्मी और मुख्यमंत्री कन्यादान जैसी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में लगातार हो रही कमी को दूर करने में यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा। समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने कहा कि आज किसी भी क्षेत्र में बेटियां पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक रूढ़िवादिता के चलते पुत्र और पुत्रियों में आज भी फर्क किया जाता है। समाज की ऐसी सोच में परिवर्तन लाने, भ्रूण हत्या जैसे अपराध को रोकने और बेटियों को सम्मान दिलाने के मकसद से ही बेटी बचाओ अभियान शुरू किया गया है। शासन द्वारा शुरू किया गया यह अभियान लिंगानुपात में हो रहे अन्तर को समाप्त करने में कारगर साबित होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए.एल.मरावी ने कहा कि भ्रूण हत्या गैरकानूनी है जिसके लिए दण्ड का प्रावधान है। भ्रूण हत्या के कारण बेटियों की जन्मदर में कमी आई है जिस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रबुद्ध वर्ग को आगे आकर समाज को इस बात के लिए जागृत करना होगा कि बेटा-बेटी एक समान है और बेटी को जन्म लेने से रोकना नियति के विपरीत है। एडीएम एस.एस.बघेल ने कहा कि बेटियों को बचाने में सामाजिक बदलाव लाने की जरूरत है। समारोह को पं.गणेश शर्मा ने भी संबोधित किया और बेटियों के महत्व को रेखांकित किया। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने बेटी और बेटे के बीच भेदभाव नहीं करने का संकल्प दिलाया। समारोह में जहां कलापथक दल के कलाकारों ने एक नाटक मंचित कर बेटी बचाने का संदेश दिया वहीं महिला बाल विकास विभाग की श्रीमती पालीवाल ने ""होती है परिवार की आधार बेटियां"" नामक गीत प्रस्तुत किया। समारोह में एक पुत्री के बाद नसबंदी आप्रेशन कराने वाले चार व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जिनमें डॉ. सरला कसौटिया, बी.के.शर्मा, श्रीमती मधुकैलाश, श्री संजय चौरसिया शामिल थे। इसके अलावा खेल एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए बेटियों का सम्मान किया गया। इनमें राज्य स्तरीय खेलों में हाकी के प्रतिनिधित्व के लिए जुबेदा बी और क्रिकेट के लिए निधि भारद्वाज को प्रशस्ति पत्र एवं ट्राफी प्रदान की गई। इसी तरह राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में जिले को गौरवान्वित करने वाली कु. सीमा धाड़ी, विश्वविद्यालयीन खेल प्रतियोगिताओं में टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली फुटवाल खिलाड़ी कु. नीतू मेवाड़ा, खो-खो खिलाड़ी कु. अनुराधा भिलाला, कबड़डी एवं हेण्डबाल खिलाड़ी कु. शीला मालवीय, जिम्नास्टिक खिलाड़ी कु. सविता शर्मा तथा कक्षा बारहवीं में राज्य स्तर पर तीसरे स्थान पर रहने वाली कु. सुरभि शर्मा को सम्मानित किया गया। इस मौके पर संयुक्त कलेक्टर गिरीश शर्मा,एसडीएम इच्छित गढ़पाले, जिला शिक्षा अधिकारी धमेन्द्र शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. टी.एन. चतुर्वेदी, डॉ. बी.के.चतुर्वेदी, डॉ. आर.सी.गुप्ता सहित अन्य अधिकारी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री प्रदीप गौतम, श्री दिनेश पाटीदार, पार्षद सर्वश्री कमलेश राठौर, रिजवान पठान, मुकेश मेवाड़ा, रामचन्द्र पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक एवं स्कूली विद्यार्थी मौजूद थे। समारोह का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास बृजेश शिवहरे ने किया।

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