सोमवार, 3 अक्टूबर 2011

महिला पंचों को दी जायेगी जवाबदारी

सीहोर : सशक्त होती महिलाओं को अब राज्य शासन ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख योजनाओं से जोड़ने जा रही है। राज्य शासन की मंशा है कि ग्राम पंचायत की महिला पंचों को उन योजनाओं में भागीदार बनायें जिसकी जवाबदेही वे बेहतर ढंग से निभा सकती हैं।कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने बताया कि राज्य शासन द्वारा जारी एक परिपत्र में पंचायतों के माध्यम से चुनी हुई महिला पंचों की ऊर्जा और अनुभव का लाभ शासन की ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उठाने को कहा गया है। महिला पंचों को जिन योजनाओं में भागीदार बनाने को कहा गया है उनमें मध्यान्ह भोजन, सर्वशिक्षा अभियान, समग्र स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य एवं गाँव के विकास की योजनाएँ शामिल हैं। सर्वशिक्षा अभियान के तहत गाँव के सभी बच्चे स्कूल जा रहे हैं इसे भी वे सुनिश्चित करेंगी। महिला पंच मध्यान्ह भोजन अंतर्गत इस बात पर निगरानी रखेंगी कि स्कूलों में भोजन समय पर बँट रहा है या नहीं, स्कूलों में शासन के निर्देशानुसार माताओं के रोस्टर बने हुए हैं और क्या उसके अनुसार रोज एक माता भोजन करती है। समग्र स्वच्छता अभियान में महिला पंच यह देखेंगी कि स्कूलों में शौचालय हैं कि नहीं, लड़के और लड़कियों के अलग-अलग शौचालय हैं कि नहीं। गाँव की साफ-सफाई पर महिला पंचों की निगरानी होगी। गाँव के सभी बच्चों का टीकाकरण हो रहा है कि नहीं, इसकी जानकारी महिला पंच लेंगी। महिला पंच ग्राम सभा की बैठक में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करायेंगी। गाँव में कौन-से विकास कार्य प्राथमिकता पर हों इसमें भी महिला पंचों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

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