सीहोर । पुण्य और समृद्धि के लिए गुरुवार को नगर सहित आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय नवमी के अवसर पर भगवान विष्णु व आंवला वृक्ष की पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर नगर के अनेक स्थानों मंदिरों और घरों में अन्नकूट महोत्सव का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर नगर के चाणक्यपुरी स्थित मंदिर में अन्नकूट उत्सव धूमधाम से मनाया गया। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की वही कार्तिक शुक्ल नवमीं के दिन नगर के अनेक मंदिरों में आंवला नवमीं का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। गुरुवार को महिलाओं ने पूजा करने के लिए सुबह से ही महिलाएं जुटी रहीं। पूजन करने के उपरांत महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि तथा कष्टों से दूर रहने की कामना की। पूजा के दौरान महिलाओं ने आंवला पेड़ पर दूध चढ़ाकर कच्चा सूत लपेटते हुए परिक्रमा कर मंत्र जाप किया। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंडित गणेश शर्मा ने बताया कि ग्रंथों में कार्तिक शुक्ल नवमीं को पड़ने वाले इस पर्व का विशेष महत्व है। पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए महिलाओं द्वारा आंवला नवमी की पूजा को महत्वपूर्ण माना गया है। आंवला नवमी की यह पूजा व्यक्ति के समस्त पापों को दूर कर पुण्य फलदायी होती है। जिसके चलते कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को महिलाएं आंवले के पेड़ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपनी समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करती हैं।







0 comments:
एक टिप्पणी भेजें