सोमवार, 10 जून 2013

कैसे असल साबित होगा यहां अटल ज्योति अभियान




      सीहोर/ जिले में 11 जून से जोर शोर के साथ अटल ज्योति अभियान की शुरूआत होने जा रही है इस अभियान की शुरूआत के बाद सरकार का दावा है कि  लोगों को 24 घंटे लाईट देगे और अधेंरे में डूबे रहने वाले गांव हमेशा के लिए रोशन हो जाएंगे लेकिन वो गांव कैसे रोशन होंगे जहां विधुत पोलो को तार खिंचने का सालो से इतजार है वो गांव कैसे रोशन होंगे जिनके ग्रामीणों को महिनों से जले ट्रांसफार्मर बदलाए जाने का इंतजार है उनघरों में लाईट कैसे पहुचंेगी जिनके विधुत कनेक्शन विभाग ने भारी भरकम राशि के बिल पहुचंाकर काट दिए।  अकेली इछावर तहसील के दर्जनों गांव ऐसे है जहां ज्योति सिर्फ लालटेनों और चिमनियों में जल रही है तहसील मुख्यालय से 20कि.मी.दूर ग्राम रघुनाथपुरा का ही अगर जिक्र किया जाए तो वहां 38 साल पहले विधुत विभाग ने पोेल तो गांडे थे लेकिन उन पर तार खीचना भूल गये थे ग्रामीण बताते है कि सन्1975 के पहले जब विधुत मंत्री अजीज कुरैशी हुआ करते थे तब गांव में विभाग ने लाईट के लिए पोल गाडे थे लेकिन न तो उन पोलो पर तार खिंच पाए बल्कि एक एक कर सभी पोल बीते सालों में जमीदोज हो गए तमाम प्रयासों के बाद भी आज तक रघुनाथपुरा में लाईट अपलब्ध नही है इछावर से मात्र 4 किलोमीटर दूर मोगरा गावं को भी अटल ज्योति अभियान से लाभांवित होने के लिए महिनों इंतजार करना पडेगा क्योकि फीडर सेप्रेशन के लिए लगाए जाने वाले पोल अभी तो सड़क पर ही पडे है तहसील के दर्जनों गांव से ट्रांसफार्मा नही होने की खबर है ऐसे में 11जून से शुरू हो रहा राज्य शासन का अटल ज्योति अभियान गांवो के लिए कितना असल साबित होगा यह कहना मुश्किल है


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