शनिवार, 28 जनवरी 2012

नोट के बाद अब नकली बैंक ड्राफ्ट

श्रवण मावई
सीहोर । अब तक नकली नोटों के जरिए असली नोट बनाने वाले गिरोह ने अब नकली बैंक ड्राफ्ट बनाने शुरू कर दिए हैं इस कारोबार का खुलासा तीन व्यापारियों को थमाएं गए डेढ़ लाख रूपए के बैंक ड्राफ्ट से हुआ है। यह सभी बैंक ड्राफ्ट बैंक आॅफ बड़ोदा से बनवाएं गए हैं और प्रदेश भर की अनेक बैंकों में इन नकली बैंक ड्राफ्ट होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है।
26 जनवरी के ठीक पहले सीहोर के सदगुरू इलेक्ट्रिकल्स पर अपने आप को देवास निवासी ओमप्रकाश तिवारी बताते हुए एक व्यक्ति ने 50 हजार रूपये का कोटेशन मांगा और 50 हजार रूपये का बैंक ड्राफ्ट देते हुए कहा कि वह माल सिर्फ 10 हजार रूपये का लेगा और 40 हजार रूपये नगद इसकी एवज में दुकानदार को 2 प्रतिशत कमीशन देगा। सदगुरू इलेक्ट्रिनक के संचालक राजेन्द्र गुप्ता ने 2 प्रतिशत कमीशन प्राप्त करने के लिए सहज भाव में डीडी स्वीकार कर लिया और उन्होंने दूसरे दिन यह डीडी बैंक आॅफ बड़ोदा में प्रस्तुत किया जब यह डीडी केश होने के लिए पहुंचा तो अधिकारी के होश उड़ गए यह डीडी नकली था। लंबी जांच के बाद राजेन्द्र गुप्ता को इसकी जानकारी दी गई कि उनके द्वारा प्रस्तुत किया गया डीडी नकली है। इसी तरह इस ओमप्रकाश तिवारी नामक व्यक्ति ने महालक्ष्मी रेडीमेड के संचालक जितेन्द्र महेश्वरी, बुरहानी किराना को 50-50 हजार रूपये का बैंक ड्राफ्ट दिया और इनसे 2 हजार रूपये लिये। जिन्हें बाद में समायोजन के लिए कहकर चला गया। इन दोनों व्यापारियों ने जब राजेन्द्र गुप्ता की कहानी सुनी तो उन्होंने भी अपने बैंक ड्राफ्ट दिखाये तब पता चला कि यहां दोनों बैंक ड्राफ्ट भी नकली है।
बैंक परेशानी में
बैंक आॅफ बड़ोदा की देवास शाखा से जारी हुए यह बैंक ड्राफ्ट सीहोर शाखा के लिए मुसीबत बन गए हैं, चूंकि पुलिस बैंक प्रबंधक को फरियादी बनाने के बाद धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज करेगी।
मामले को हल्के में ले रही पुलिस
नकली बैंक ड्राफ्ट के इस मामले को पुलिस बहुत हल्के में ले रही है इस मामले को तीन दिन हो गए हैं लेकिन पुलिस ने आरोपी को ढूंढने के प्रयास नहीं किए जबकि यह मामला न केवल गंभीर है, बल्कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति से भी जुड़ा है यदि यह नकली बैंक ड्राफ्ट बड़ी संख्या में बनाए गए हैं तो इन्हें और किन शहरों में चलाया जा रहा है इसमें कितना बड़ा गिरोह काम कर रहा है और बैंक में इस समय कितने नकली बैंक ड्राफ्ट पहुंच चुके हैं। यह सब बिन्दु जांच का विषय है। इस मामले में बैंक आॅफ बड़ोदा के प्रबंधक अपनी और से कुछ भी कहने को तैयार नहीं है। उन्होंने पुलिस का हवाला दिया है।

इनका कहना है
बैंक आॅफ बड़ोदा के बैंक प्रबंधक को बुलाया गया है वह आ जाते हैं तो धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया जाएगा।
सतीश मेहलवाला, टीआई कोतवाली

शनिवार, 14 जनवरी 2012

निकायों में होगी एलडरमेन की घोषणा जल्द

सीहोर। मिशन 2013 का असर धीरे-धीरे ही सही लेकिन दिखाई देने लगा है भाजपा संगठन ने सभी निकायों में एलडरमेन की नियुक्ति की तैयारी कर ली है और एक या दो दिन बाद इनकी घोषणा कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि 2013 में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपने के लिए संगठन ने निकायों में एलडरमेन की नियुक्ति लगभग कर ही दी है बस औपचारिक घोषणा होना शेष रह गया है जो संभवत: एक या दो दिन में हो जाएगी जिले में सीहोर नगरपालिका में 5 एलडरमेन नियुक्त किए जाने हैं, जिसमें गोपाल सोनी, अशोक सिसोदिया और एक अल्पसंख्यक नेता सहित इसके अलावा दो और अन्य नेता का नाम शामिल है। इसी प्रकार आष्टा में तीन, बुधनी में दो, शाहगंज में दो, जावर में दो, कोठरी में दो, रेहटी में दो, नसरूल्लागंज में दो, इछावर में दो एलडरमेन नियुक्त किए जाने हैं। इन निकाय में नियुक्त किए जाने वाले संभावित उम्मीदवारों के नाम तय किए जा चुके हैं।
डेढ़ साल पहले बनी सूची
सूत्र बताते हैं कि निकायों में एलडरमेन नियुक्ति की सूची संगठन के पदाधिकारियों ने डेढ़ साल पहले बनाई थी इसी सूची को अब घोषित किया जाएगा।
आएगी सक्रियता
एलडरमेनों की नियुक्ति के पीछे संगठन की मंशा है यह है कि कर्मठ कार्यकर्ताओं में सक्रियता लाई जा सके और उन्हें पार्टी की अन्य जिम्मेदारियां भी दी जाए।

सोमवार, 9 जनवरी 2012

मोटरसायकल सहित 5 नग जब्त

इछावर। रविवार को वन विभाग के अमले ने वनमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक मोटरसायकल एवं चोरों द्वारा ले जाई जा रही लकड़ी जब्त कर ली है, जबकि चोर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को मुखिबर की सूचना पर वन परिक्षैत्राधिकारी सुनील भरतद्वाज के मार्गदर्शन में वनमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एससी त्रिपाठी वनपाल, हरिनाथ पाण्डेय वनपाल, उमेश मिश्रा वनरक्षक, रामसिंह मोहनियां वनरक्षक, द्वारा रात्री गश्त के दौरान डूण्डलावा से बोरदीखुर्द के रास्ते पर एक मोटरसायकल क्रमांक एमपी 05 एमबी 4969 का पीछा का किया अंधेरे का फायदा उठाकर चोर भाग निकले वही विभाग के कर्मचारियों ने मोटरसायकल और 5 नग सागौन के जब्त कर लिए है जिनकी कीमत 7980 रूपये आंकी गई है वनविभाग ने रविवार को सहित 3 दिनों तक लगातार लकड़ी पकड़कर हैट्रिक लगा दी है।

एयरफोर्स वाहन पलटा, सात घायल



सीहोर। इंदौर भोपाल राजमार्ग पर सोया चौपाल के नजदीक भोपाल से गांधीनगर जा रहे एयरफोर्स का वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। उसमें सवार सात जवान गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार भोपाल से एयरफोर्स का वाहन 12 टेक के सात जवानों को लेकर गांधी नगर गुजरात रवाना हुआ था तभी रास्ते में सोया चौपाल के नजदीक अचानक वाहन चालक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे वाहन में सवार हर्ष राजपूत, अरविन्द कुमार, विनोद चंद्र सिंह, डीके पांडे, वीर सिंह, वीसी सिंह और एके सिंह को गंभीर चौटें आई दुर्घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। गंभीर अवस्था में घायलों को भोपाल रेफर कर दिया गया है।

कांग्रेस ने दिखाया दम



सीहोर। सात साल के लंबे अर्से के बाद कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव के ठीक एक साल पहले भाजपा सरकार को घेरने कें लिए सोमवार जेल भरो आंदोलन किया। आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं में जहां जान फूंकने की कोशिश की, वहीं संगठन का दम भी दिखाया।
सोमवार की सुबह से ही शहर में कांग्रेसी इक्कठे होने शुरू हो गए ग्रामीण क्षेत्रों से भी विभिन्न साधनों से कांग्रेसियों की टोली मुख्यालय तक पहुंचने लगी। कोतवाली चौराहा पर सभी कांग्रेस इक्कठा हुए और फिर एक रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसियों ने गिरफ्तारी दी।
पांच हजार ने दी गिरफ्तारी
कांग्रेस के मुताबिक पांच हजार कार्यकर्ताओं ने जेल भरो आंदोलन में गिरफ्तारी दी है, जबकि प्रशासनिक आंकड़ा लगभग पन्द्रह सौ का बताया जा रहा है।
पुराने कांग्रेसी भी आए
आंदोलन में इस मर्तबा पुराने कांग्रेसी भी नजर आए जो वर्षों से घर बैठे हुए थे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल हुए।
जान फूंक गया आंदोलन
जेल भरो आंदोलन भले ही कुछ घंटों का था लेकिन इस आंदोलन ने पूरे जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है। निष्क्रय कांग्रेस अब सक्रिय नजर आने लगी है। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
महिलाओं ने भी की भागीदारी
आंदोलन में महिलाओं की संख्या भी काफी दिखाई दी। कलेक्ट्रेट मैदान पर महिला कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए।
यह हुए शामिल
आंदोलन में जिला अध्यक्ष कैलाश परमार, महामंत्री हरीश राठौर, कांग्रेस नेता विनीत सिंगी, प्रमोद पटेल, रूममणी रोहिला, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष स्वदेश राय, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश राय, जगदीश निगोदिया, कांग्रेस नेता महेन्द्र सिंह अरोरा मिन्दी, जयंत शाह, राजाराम बड़े भाई, जलज छोकर, ममता त्रिपाठी, मृदुल तोमर आदि शामिल हुए।
वाहनों का काफिला
कोतवाली चौराहा से कलेक्ट्रेट मैदान तक वाहनों का लंबा काफिला दिखाई दिया। पिछले कई सालों में कांग्रेस का इंतना दमदार प्रदर्शन देखने को नहीं मिला।

शनिवार, 7 जनवरी 2012

सागौन की सिल्लियां जब्त

इछावर। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने चोरों द्वारा ले जा रही सागौन की सिल्लियां जब्त करने में सफलता प्राप्त की है।
विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह करीबन 4 बजे दुदलाई से इछावर की और एम्बेसेटर एमपी 13 सी 0248 में सागौन की 35 चरपट सिल्लियां भरकर ले जाई जा रही थी मुखबीर की सूचना पर रेंजर सुनील भरतद्वाज के नेतृत्व में संजय शर्मा सहित टीम के अन्य सदस्यों के सहयोग से सिल्लियों से भरी एम्बेसेटर को पकड़ने में कामयाब हुए जबकि लड़की चोर अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़कर भाग निकले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अपराध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

अब ग्रामीण भी ले सकेंगे पार्क का आनंद

श्रवण मावई
सीहोर। एक तरफ जहां शहरी क्षेत्र से पार्को का अस्तित्व खतरे में हैं, वहीं अब ग्रामीण इलाकों में पार्क बनाए जाने की तैयारी चल रही है। जिले के 27 गांव में ग्रामीणों के लिए पार्क बनाए जाएंगे यह काम जिला पंचायत करेगी।
गांव के समग्र विकास के लिए विभिन्न विभागीय योजनाओं के माध्यम से कई तरह के कार्य कराए जाएंगे, जिनमें गांव में पार्क यानी बगीचा भी बनाया जाना निर्धारित किया गया है इसके लिए जिले के 27 गांवों का चयन हुआ है। इन गांव में बगीचे के अलावा पुस्तकालय, प्रतिक्षालय, प्रवेश द्वार, सौर उर्जा लाइट, कचरा उठाने के लिए लोडिंग आॅटो, पेयजल की व्यवस्था, इंदिरा आवास की बाउंड्रीवाल, सीसी सड़क निर्माण, नाली निर्माण और शौचालय जैसे कार्य कराए जाएंगे।
ग्रामीण उठाएंगे पार्क का आनंद
यदि सब कुछ ठीक रहा तो इन 27 गांव में बगीचें होंगे और इनका आनंद यह रहने वाले ग्रामीण उठा सकेंगे। खेतों में बैठने वाले ग्रामीण बगीचें में बैठकर खेतों की बात करेंगे।
एक विकास खण्ड से पांच गांव
जिले के एक विकास खण्ड से पांच गांव का चयन किया गया है कुल 27 गांव चिन्हित किया है, जिसमें जैत भी शामिल है।
इन गांव में बनेंगे पार्क
विकास खण्ड सीहोर: ग्राम मुंगावली, बरखेड़ा हसन, सुआखेड़ी, झरखेड़ा, छतरपुरा।
विकास खण्ड आष्टा: मेहतवाड़ा, देवनखेड़ी, गुड़ारिया वर्मा, वेदाखेड़ी, खामखेड़ा जत्रा।
विकास खण्ड इछावर : आमाझिर, बावड़िया नौबाद, अलीपुर, हीरापुर, जमोनिया हटेसिंह।
विकास खण्ड नसरूल्लागंज: चकल्दी, चीच, बसंतपुर पागरी, खड़गांव, पाटतलाई, धोलपुर।
विकास खण्ड बुधनी: खेरी, रतनपुर, खिड़ियाकुर्मी, गादर, जैत, पीलीकरार शामिल है।

बुधवार, 4 जनवरी 2012

पुलिस की गले की हड्डी बना मृतक बाबूलाल

सीहोर।
अब से 11 वर्ष पूर्व इछावर थाना क्षेत्र में पुलिस की पिटाई से हुई एक ग्रामीण की मौत के मामले में पुलिस खात्मा लगाने का मन बना चुकी है। इस मामले में रिपोर्ट आईजी एजेके को भेजी गई है। वह से स्वीकृति मिलने के बाद संभवत: खात्मा लगाया जा सकता है, लेकिन 11 साल के अंतराल में पुलिस मामले में चालान पेश नहीं कर सकी है। यह मामला पुलिस के लिए गले की हड्डी बन हुआ है। चूंकि यदि चालान पेश करते हैं तो विवेचक सही आलाधिकारी जेल जा सकते हैं वहीं मानव अधिकार आयोग चालान पेश करने के लिए लगातार रिमांडर भेज रहा है।
गौरतलब है कि सन 2000 में इछावर थाने में अवैध रूप से शराब रखने के आरोप में ग्राम दुदलई निवासी बाबूलाल पुत्र मांगीलाल मोंगिया को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई जिससे उसके शरीर में गंभीर चौंटे आई। एक हफ्ते के बाद वह सीहोर और फिर भोपाल हमीदिया अस्पताल में भर्ती हुआ जहां उसकी मौत हो गई। उसकी पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण एक हफ्ते पहले की गई पिटाई से आई चौटें बताया गया। इसी आधार पर पहले पुलिस ने 4 पुलिस कर्मी प्रधान आरक्षक महेश यादव, आरक्षक ओमप्रकाश यादव, आरक्षक गजराज सिंह और सैनिक जमना प्रसाद के खिलाफ धारा 304 ए के तहत मामला दर्ज किया गया। लेकिन मृतक बाबूलाल की पत्नी और उसका परिवार पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं था। मृतक की पत्नी तेजू बाई ने मानव अधिकार आयोग में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई मामले को संज्ञान में लेते हुए आयोग ने पीएम रिपोर्ट को आधार मानते हुए पुलिस को धारा 302 तथा एससीएसटी एक्ट के तहत पुलिस कर्मी के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने निर्देश का पालन करते हुए मामला दर्ज भी कर लिया। लेकिन कुछ समय बाद ही कोर्ट में पुलिस ने खात्मा प्रस्तुत कर दिया इस दौरान फरियादी तेजूबाई ने कोर्ट में बयान पलट दिए और कहा कि उसका पति काम करने गया था। उस दौरान वह गिर गया जिससे उसे चौटें आई और मौत हो गई तथा वह कोई कार्रवाई नहीं चाहती, लेकिन इस मामले में फिर पेच फंसा और मानव अधिकार आयोग ने पुलिस को मामले में चालान पेश करने के निर्देश दिए।
एक लाख की वसूली
मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर आरोपी पुलिस कर्मियों की तनख्वाह से एक लाख रूपयों की कटौती कर मृतक की पत्नी को दिए गए। साथ ही डेढ़ लाख रूपये की राशि एससीएसटी वर्ग के लोगों पर होने वाले अपराध पर मिलने वाली राहत राशि के माध्यम से दी गई।
एसआई से बन गए हवलदार
11 साल के इस अंतराल में आरोपी पुलिस कर्मियों को विभागीय कार्रवाई के दौरान सजा मिली। घटना के वक्त इछावर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक महेश यादव पदोन्नत होकर एएसआई बन गए, लेकिन उन्हें वापस हवलदार बना दिया गया। साथ ही दोनों आरक्षकों की एक साल की वेतन वृद्धि रोक दी गई।
कैसे करे चालान पेश
पिछले 11 साल में मानव अधिकार आयोग लगातार इस मामले में कोर्ट में चालान प्रस्तुत करने के रिमांइडर भेजता रहा लेकिन पुलिस अधिकारी चालान प्रस्तुत नहीं कर सके इसके पीछे कानूनी पेंच यह है कि चालान तभी प्रस्तुत किया जा सकता है जब उसके साथ मृतक के अस्पताल के भर्ती के मूल दस्तावेज संलग्न करे। यह दस्तावेज पुलिस को बीते 11 साल में नहीं मिले और इस वजह से आदिम जाति कल्याण थाना चालान प्रस्तुत नहीं कर सका। यह सवाल यह भी उठता है कि इतने लंबे अंतराल में पुलिस को संबंधित दस्तावेज क्यों नहीं मिले।
गले की हड्डी बना चालान
यह मामला अपने आप में अनौखा मामला है इस मामले में पहले तो पुलिस ने अपनी छवि सुधारने के लिए पुलिस कर्मियों का मामला दर्ज कर लिया ओर जब फरियादी ने कोर्ट में बयान बदले लेकिन मामला फिर खुला तब पुलिस की उलझने बढ़ गई। इस मामले में यदि पुलिस बिना दस्तावेज के चालान प्रस्तुत करती है तो आला पुलिस अधिकारियों से लेकर मामले के अब तक के विवेचक धारा 4 क के तहत जेल जा सकते हैं।
अब देर क्यों
इस मामले में पुलिस आखिरकार अब खात्मा लगाने का मन बना चुकी है और ऐसे में बीते महीनों में पुलिस जाने क्यों इस मामले को लटकाए हुए हैं।
ुइनका कहना है
मामले की डायरी आईजी एजेके के समक्ष प्रस्तुत की गई है साथ ही मामले से संबंधित रिपोर्ट भी एसपी साहब ने फारवड की है वह से जैसे निर्देश मिलेंगे वैसा काम किया जाएगा।
नरेन्द्र तिवारी, डीएसपी एजेके थाना सीहोर

अस्पताल के कर्मचारी रहेंगे जेल में!


सीहोर। जिला अस्पताल के ठीक सामने पुराने जेल भवन में अब कैदियों के स्थान पर अस्पताल के कर्मचारी रहेंगे। जेल भवन में रहने वाले कर्मचारियों की सूची सिविल सर्जन कार्यालय बनाएगा जिसकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है। हालांकि यह जेल भवन मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल को स्थानांतरित किया गया है।
गौरतलब है कि लगभग एक वर्ष पूर्व पुराने जेल भवन से नए जेल भवन में कैदियों को स्थानांतरित कर दिया गया जिसकी वजह से पुराना जेल भवन रिक्त था। इस भवन को इस सदुपयोग के लिए कलेक्टर डॉ संजय गोयल ने शासन स्तर पर प्रयास कर भवन को जिला अस्पताल को स्थानांतरित करवा दिया। उनकी मंशा यह है कि इस भवन में मरीजों की सुविधा के मद्देनजर वार्ड बनाए जाए। लेकिन अस्पताल प्रशासन कलेक्टर की इस मंशा से इतफाक नहीं रखता है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की चिंता को दरकिनार कर कर्मचारियों की सुविधा को प्राथमिकता दी है और पुराने जेल भवन में मौजूद कमरों में अस्पताल के कर्मचारी निवास करेंगे। इन कमरों को हथियाने के लिए सभी तरह के प्रयास कर्मचारियों ने शुरू कर दिए हैं। बताया तो यह तक जा रहा है कि कुछ कर्मचारी अपने इन प्रयासों में सफल भी हो गए हैं और उन्हें आश्वस्त कर दिया गया है कि कमरे उन्हें ही मिलेंगे।
इधर सिविल सर्जन कार्यालय कर्मचारियों की सूची तैयार करने की तैयारी कर रहा है।
संविदा कर्मचारियों को प्राथमिकता
सूत्रों को मुताबिक पुराने जेल भवन में अस्पताल को शासन संविदा कर्मचारियों को कमरे देने में प्राथमिकता देगा। इसका कारण यह है कि इस समय अस्पताल में संविदा कर्मचारियों को अच्छा खासा दबदबा है और यह सभी किसी न किसी डॉक्टर के प्रिय है।
हो गई साफ सफाई
पुराने जेल भवन अस्पताल कर्मचारियों के रहने लायक बनाए जाने की तैयारियां की जा रही है। भवन के परिसर की साफ सफाई की जा चुकी है।
इनका कहना है
पुराना जेल भवन अस्पताल को उपलब्ध हो गया है। इसमें अस्पताल के कर्मचारियों को कमरे आवंटित किए जाएंगे इसकी प्रक्रिया चल रही है।
डॉ टीएन चतुर्वेदी, सिविल सर्जन जिला अस्पताल

टीआई के खिलाफ धारा 350 के तहत प्रकरण दर्ज

सीहोर। न्यायालय ने कोतवाली टीआई को एक अपराधिक मामले में साक्ष्य प्रस्तुत करने की पेशी पर हाजिर न होने के मामले में धारा 350 के तहत प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया है।
जानकारी के अनुसार अपर सत्र न्यायाधीश आरपी मिश्रा के न्यायालय में प्रकरण क्रमांक 241/11 शासन विरूद्ध राहुल यादव एवं अन्य के मामले की सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान कोतवाली टीआई सतीश महलवाला को 21 दिसंबर 2011 को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए न्यायालय ने हाजिर होने के आदेश दिए थे लेकिन वह हाजिर नहीं हुए और उन्होंने अपनी गैरहाजिरी का कारण सीएम डयूटी लगना बताया। लेकिन टीआई सतीश महलवाला के कारण से न्यायालय संतुष्ट नहीं हुआ और अपर सत्र न्यायाधीश आरपी मिश्रा ने श्री महलवाला के खिलाफ न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करने पर धारा 350 के तहत प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया हैकि टीआई सतीश महलवाला ने जानबूझ कर न्यायालय का आदेश का पालन नहीं किया है। इसलिए उनके खिलाफ धारा 350 के तहत मामला दर्ज किया गया है तथा ऐसा करने पर क्यों न उनके खिलाफ आगे कार्रवाई की जाए। जारी नोटिस का जबाव टीआई श्री महलवाला को आगामी पेशी पर देना होगा यदि न्यायालय उनके जबाव से संतुष्ट नहीं होता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

अज्ञात सरों पर हजारों का ईनाम

सीहोर। छोटे अपराधियों को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाने वाली पुलिस को सालों से एक दर्जन अपराधी छका रहे हैं इन पर पुलिस ने हजारों का ईनाम भी घोषित किया पर आम लोग पुलिस से ज्यादा इनसे व्यावहार रखते हंै इसलिए इनकी मुखबिरी नहीं हुई। आज तक ये अपराधी मजे से पुलिस के साथ लुका छुपी का खेल रहे हैं। इनमें से अधिकांश अज्ञात है जिनके ऊपर भी ईनाम घोषित है।
हत्या,लूट, डकेती, हत्या के प्रयास, बलात्कार जैसे संगीन अपराध करने के बाद पुलिस की नाक के नीचे से ऐसे गायब हुए कि आज तक हाथ नहीं आए इन अपराधियों के सर हजारों रूपयों का इनाम पुलिस द्वारा घोषित किया लेकिन इनाम के लालच में इन्हें पुलिस की पकड़ में नहीं ला सका अभी भी एक दर्जन से भी अधिक गंभीर मामलों के आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है और पुलिस रिकार्डों में इनकी तलाश कर रही है।
अज्ञात सरों पर हजारों का ईनाम
सन 2008, थाना मंडी, अरोपी अज्ञात, धारा 392, घोषित ईनाम 5000, 2008, थाना मंडी, धारा 457, 380, अरोपी अज्ञात, ईनाम घोषित 1000, सन 2010, थाना जावर, धारा 457, 380, अरोपी अज्ञात, ईनाम 5000, सन 2010, थाना आष्टा, धारा 392, अरोपी अज्ञात, ईनाम घोषित 5000, सन 2010, थाना कोतवाली, धारा 302, अरोपी अज्ञात ईनाम 5000, सन 2011, थाना कोतवाली, धारा 302, 201, 364, आरोपी अज्ञात, ईनाम घोषित 5000, सन 2011, थाना कोतवाली, धारा 395,397, अरोपी अज्ञात, ईनाम 5000 रूपये घोषित है।
इनकी तलाश जारी
पुलिस ज्ञात अपराधियों की तलाश सालों से कर रही है इनके सर हजारों रूपयों के ईनाम घोषित किए गए पर इनका सुराग पुलिस को नहीं मिल रहा है। जिनमें सन 2007 जावर धारा 302 भादवि बबलू फौजी आत्मज चंदर सिंह सेंधौं 25 साल निवासी मेहतवाड़ा दिनांक 04 अक्टूबर 07 घोषित इनाम रूपये 5000, सन 2007 मंंडी धारा 420 भादवि पिन्टू सरदार आत्मज महेन्द्रसिंह सरदार उम्र 38 साल निवासी सरानिया थाना मंडीदीप जिला रायसेन दिनांक 04 अक्टूबर , सन 2010 इछावर धारा 224 भादवि जगदीश आत्मज प्रभूलाल हरिजन उम्र 30 साल निवासी थाने के पीछे खजूरी सडक़ दिनांक 15 जून 2010 घोषित इनाम रूपये 5000, सन 2010 कोतवाली धारा 292,376 भादवि सिद्धार्थ सोनकर आत्मज सतीश सोनकर उम्र 24 साल निवासी हाउसिंग बोर्ड कालोनी सीहोर दिनांक 02 दिसंबर 2010 घोषित इनाम रूपये 5000, सन 2010 कोतवाली धारा 147,148,149,323,302 भादवि सवाई सिंह भील उम्र 22 साल निवासी ग्राम धामनखेड़ा दिनांक 07 दिसंबर 2010 घोषित इनाम रूपये 5000, सन 2011 रेहटी धारा 304-बी, 498-ए 34 भादवि रामद्वार आत्मज प्रहलाद सिंह यदुवंशी, सुमेर सिंह आत्मज प्रहलाद सिंह यदुवंशी, गोमता बाई पत्नी प्रहलाद सिंह समस्त निवासी ग्राम दीगवाड़ा, थाना रेहटी दिनांक 15 अप्रैल 2011 घोषित इनाम रूपये 1000 प्रत्येक पर, सन 2011 बुधनी धारा 302 भादवि ओमप्रकाश आत्मज शंकरलाल ओझा उम्र 24 साल निवासी पांडाडो, थाना बुधनी दिनांक 02 अगस्त 2011 घोषित इनाम रूपये 5000 शामिल है।
इनका कहना है
गंभीर मामलों में फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के हर संभव प्रयास किए जाते हैं व इनाम भी घोषित किए गए हंै। इस मामलों के आरोपी अभी भी फरार है।
सुनील मेहता, एडीशनल एसपी सीहोर

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