सीहोर। सात साल के लंबे अर्से के बाद कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव के ठीक एक साल पहले भाजपा सरकार को घेरने कें लिए सोमवार जेल भरो आंदोलन किया। आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं में जहां जान फूंकने की कोशिश की, वहीं संगठन का दम भी दिखाया।
सोमवार की सुबह से ही शहर में कांग्रेसी इक्कठे होने शुरू हो गए ग्रामीण क्षेत्रों से भी विभिन्न साधनों से कांग्रेसियों की टोली मुख्यालय तक पहुंचने लगी। कोतवाली चौराहा पर सभी कांग्रेस इक्कठा हुए और फिर एक रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसियों ने गिरफ्तारी दी।
पांच हजार ने दी गिरफ्तारी
कांग्रेस के मुताबिक पांच हजार कार्यकर्ताओं ने जेल भरो आंदोलन में गिरफ्तारी दी है, जबकि प्रशासनिक आंकड़ा लगभग पन्द्रह सौ का बताया जा रहा है।
पुराने कांग्रेसी भी आए
आंदोलन में इस मर्तबा पुराने कांग्रेसी भी नजर आए जो वर्षों से घर बैठे हुए थे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल हुए।
जान फूंक गया आंदोलन
जेल भरो आंदोलन भले ही कुछ घंटों का था लेकिन इस आंदोलन ने पूरे जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है। निष्क्रय कांग्रेस अब सक्रिय नजर आने लगी है। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
महिलाओं ने भी की भागीदारी
आंदोलन में महिलाओं की संख्या भी काफी दिखाई दी। कलेक्ट्रेट मैदान पर महिला कार्यकर्ताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नारे लगाए।
यह हुए शामिल
आंदोलन में जिला अध्यक्ष कैलाश परमार, महामंत्री हरीश राठौर, कांग्रेस नेता विनीत सिंगी, प्रमोद पटेल, रूममणी रोहिला, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष स्वदेश राय, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राकेश राय, जगदीश निगोदिया, कांग्रेस नेता महेन्द्र सिंह अरोरा मिन्दी, जयंत शाह, राजाराम बड़े भाई, जलज छोकर, ममता त्रिपाठी, मृदुल तोमर आदि शामिल हुए।
वाहनों का काफिला
कोतवाली चौराहा से कलेक्ट्रेट मैदान तक वाहनों का लंबा काफिला दिखाई दिया। पिछले कई सालों में कांग्रेस का इंतना दमदार प्रदर्शन देखने को नहीं मिला।







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