सीहोर। जिले का उपजेल को जेल के दर्जा दिए जाने की अधिसूचना जल्द ही जारी होगी और अब अधिकृत तौर पर उपजेल जिला जेल में तब्दील हो जाएगा लेकिन जेल की सुरक्षा को लेकर अभी भी लापरवाही बरती जा रही है।
गौरतलब है कि उपजेल को नवीन भवन में स्थानांतरित किया गया इस भवन को उच्च सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त बाताया गया। लेकिन यहां रोशनी तक की व्यवस्था नहीं है। जेल भवन के आसपास लेंप नहीं होने से रात होते ही भवन अंधेरे में डूब जाता है जिसके कारण किसी भी घटना की आशंकाए बढ़ जाती है।
खंबे लगे लेंप नहीं
जेल भवन के आसपास बिजली के ख्ांबे लगाए गए हैं, लेकिन इन पर लगभग 11 महीने बाद भी लेंप नहीं लग सके हैं। जबकि जेल प्रशासन ने कई बार इससे अवगत कराया है।
और भी है दिक्कतें
जेल में और भी कई दिक्कतें हैं जिसकी वजह से जेल को असुविधाजनक कहा जा सकता है। यहां कैदियों को प्राथमिक इलाज के लिए कपाउंडर नहीं आते हैं वहीं इलाज के लिए कैदियों को अस्पताल ले जाने के लिए गार्ड नहीं मिलते हैं। साथ ही जेल भवन के अंदर भी रोशनी की व्यवस्था नहीं है। रात के समय में भवन का अंदरूनी हिस्सा अंधेरे में डूबा रहता है।
इनका कहना है
जेल में जेल भवन के आसपास रोशनी की व्यवस्था नहीं है तथा कैदियों को इलाज के लिए ले जाने के लिए गार्ड भी नहीं मिलते हैं इन समस्याओं को लेकर पत्र लिखे गए लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ।
केपी कुढ़ापे, जेलर, जेल सीहोर







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