रविवार, 8 अप्रैल 2012

‘मर्यादा’ में नहीं रुचि

सीहोर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मर्यादा अभियान में जनपद अध्यक्षों की रुचि नहीं है। वह इस अभियान से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। ऐसा ही कुछ दिखाई दिया मर्यादा अभियान की पहली एक दिवसीय कार्यशाला में, जिसमें बकायदा आमंत्रण भेजने के बावजूद एक भी जनपद अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं आए।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की इच्छा है कि वर्ष 2015 तक मप्र का हर गांव निर्मल और स्वच्छ हो जाए, लेकिन जिनके ऊपर यह जिम्मेदारी है, उन्हें मुख्यमंत्री की इस इच्छा से लेना-देना नहीं है। तभी तो समग्र स्वच्छता अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा शुरु किए गए मर्यादा अभियान की पहली कार्यशाला शनिवार को आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिपं ने सभी जनपद अध्यक्षों, जिला पंचायत अध्यक्ष, सरपंचों एवं पंचों को आमंत्रित किया था। पर पांच जनपद अध्यक्षों में से एक भी कार्यशाला में शामिल नहीं हुआ। जबकि इस कार्यशाला में प्रशासनिक स्तर पर सबसे व्यस्त रहने वाले कलेक्टर डॉ. संजय गोयल मौजूद रहे। उन्होंने कार्यशाला में सार्थक बातचीत की, बल्कि उन जनप्रतिनिधियों का भी मनोबल बढ़ाया, जिन्होंने इस क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है। कार्यशाला में कुछ सरपंच और पंच शामिल हुए। इसके अलावा बुधनी विकासखंड से महिला जनप्रतिनिधि भी शामिल हुर्इं।
क्या है मर्यादा अभियान?
मर्यादा अभियान समग्र स्वच्छता अभियान का दूसरा भाग है। इस अभियान के तहत गांव में शौचालय का निर्माण किया जाएगा। जिले में शौचालय विहीन घरों को चिन्हित कर उनमें शौचालय बनाए जाने का कार्य तेजी से होगा, इसके अलावा इस अभियान के दौरान लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक किया जाएगा। इस अभियान में बच्चों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, इनके माध्यम से सार्थक संदेश दिए जाएंगे।
दो करोड़ का अभियान
जानकारी के मुताबिक इस अभियान में दो करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है। इस राशि से न केवल शौचालय बनाए जाएंगे। बल्कि पानी विहीन शौचालयों में पानी की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही पूर्व में बनाए गए शौचालयों को पुन: निर्मित किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीणों की जागरुकता के लिए भी इस राशि का उपयोग होगा। जिला पंचायत ने पूरी कार्य योजना तैयार की है, जिसका क्रियान्वयन होना है।
जंगल न जाए बहु-बेटी
मर्यादा अभियान के दौरान अधिकारी, समाजसेवी, सामाजिक संगठनों के सदस्य गांव की चौपाल पर पहुंचकर ग्रामीणों को मर्यादा का वास्ता देंगे और उन्हें समझाएंगे कि बहु और बेटी शौच के लिए जंगल जाती हैं तो मर्यादा का उल्लंघन होता है। इसीलिए वे अपने घर में पक्के शौचालय बनवाए, जिससे कि उनके घर की बहु एवं बेटियों को जंगल में न जाना पड़े। यह बात ग्रामीण क्षेत्र के जनप्रतिनिधि घर-घर जाकर ग्रामीणों को समझाएंगे, जिससे कि ग्रामीणों में जागरुकता आएगी।
सभी का लेंगे सहयोग
सहायक परियोजना अधिकारी गणेशसिंह चौहान ने बताया कि मर्यादा अभियान में सभी का सहयोग लिया जाएगा। इस अभियान को सुचारु रुप से चलाने के लिए जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन, समाजसेवियों को इससे जोड़ा जाएगा। गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों के बीच स्वच्छता पर चर्चा होगी। साथ ही उन्हें स्वच्छता रखने के सुखद परिणामों की जानकारी भी दी जाएगी। उन्हें गंदगी के कारण होने वाली बीमारियों से अवगत कराया जाएगा और शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित करेंगे।

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