सीहोर । देश के आत्म सम्मान के लिये और स्वतंत्रता के लिये आज से 155 साल पहले 356 से अधिक क्रांतिकारियों ने अपने सीने पर गोलियाँ खाई थीं। ब्रितानी हुकूमत और भोपाल के शासकों द्वारा अपनाए गए तमाम हथकंडे भी इन सिपाहियों की देशभक्ति और बहादुरी के आगे नाकाम रहे। कौमी एकता की मिशाल कायम करते हुए जिन सिपाहियों ने दो झण्डे गाड़कर पूरे देश से ब्रितानी हुकूमत को उखाड़ फेंकने के प्रयास किये थे वह हमारे लिये आज भी प्रेरणा का स्त्रोत हैं।
उक्त उद्गार आज शहीद समाधी स्थल सैकड़ाखेड़ी मार्ग सीहोर पर पूर्व कलेक्टर डीएस राय ने मुख्य वक्ता के रुप में व्यक्त किये। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी शहीद समाधी स्थल पर पुष्पांजली का आयोजन शहीद सिपाही बहादुर स्मारक निर्माण समिति और बसंत उत्सव आयोजन समिति के आव्हान पर किया गया था। जिसमें नगर के अनेक जागरुक नागरिक पहुँचे। कार्यक्रम में अतिाि वक्ता श्री डी.एस.राय ने बताया कि हिन्दी ही नहीं देश के जाने-माने अंग्रेजी समाचार पत्रों में भी दिल्ली में उनकी पुत्री शालिनी राय ने इस सिपाही बहादुर सरकार के संबंध में लेख प्रकाशित कराये हैं। यह एक ऐसा स्वर्णिम इतिहास है जिस पर सीहोर के लोगों को गर्व होना चाहिये। पूरे देश में 1857 की क्रांति के दौरान क्रांतिकारियों का इतना बड़ा कत्लेआम नहीं हुआ था। हवलदार कोठ महावीर, रिसालदार वली शाह, रमजूलाल, आदिल मोह मद खॉ, फाजिल मोह मद जैसे क्रांतिकारियों के नाम हर एक जुंबा पर होना चाहिये हमें यह प्रयास करने की जरुरत है। सिपाही बहादुर सरकार को उखाड्Þ फेंकने के लिये सबसे क्रूर अंग्रेज अफसर ह्यूरोज सीहोर आया था।
श्री राय ने कहा कि पूरे देश में इस तरह का कोई और इतिहास नहीं मिलता। इस गोरान्वित इतिहास पर एक फिल्म भी बन सकती है जिसके प्रयास उनके द्वारा किये जा रहे हैं। साथ ही उन्होने कहा कि एक समिति बनाकर सीहोर के लोगों को मु यमंत्री से मिलना चाहिये और सिपाही बहादुर पर एक पुरस्कार की घोषणा प्रदेश शासन द्वारा की जाये इसकी मांग रखी जानी चाहिये।
कार्यक्रम का संचालन आज वरिष्ठ समाजसेवी ओमदीप ने किया। कार्यक्रम में संगीतिका संगीत महाविद्यालय के संचालक मांगीलाल ठाकुर के मार्गदर्शन में छात्रों ने देशभक्ति गीतों से समा बांध दिया था। जबकि कवि सुरेश श्रीवास्तव ने कविता का पाठ किया। देश की सीमा पर शहीद हुए दो सैनिकों और सिपाही बहादुर सरकार के क्रांतिकारियों को दो मिनिट का मौन रखकर सभी ने श्रद्धांजली दी। नगर पालिका द्वारा कराई गई व्यवस्थाओं के लिये नगर पालिका और सभी उपस्थित देशभक्तों का आभार आनन्द गांधी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सैनानी राणा उदय सिंह जी आर्य की अध्यक्षता में स पन्न हुआ । जिसमें पूर्व विधायक शंकरलाल साबू, केसरीमल गिरोठिया, नारायण कासट, राममूर्ति शर्मा, प्रेमबंधु शर्मा, कमलेश कटारे, बसंत दासवानी, सम्राट प्रजापति, हरीश राठौर, पत्रकार श्री कंद्रे, संतोष कुशवाह, राजेन्द्र शर्मा गुरु, सुशांत समाधिया बिल्लु, अंकुर तिवारी, आशीष गुप्ता, अनिल राय, सुरेन्द्र रल्हन, भारत अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
उक्त उद्गार आज शहीद समाधी स्थल सैकड़ाखेड़ी मार्ग सीहोर पर पूर्व कलेक्टर डीएस राय ने मुख्य वक्ता के रुप में व्यक्त किये। प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी शहीद समाधी स्थल पर पुष्पांजली का आयोजन शहीद सिपाही बहादुर स्मारक निर्माण समिति और बसंत उत्सव आयोजन समिति के आव्हान पर किया गया था। जिसमें नगर के अनेक जागरुक नागरिक पहुँचे। कार्यक्रम में अतिाि वक्ता श्री डी.एस.राय ने बताया कि हिन्दी ही नहीं देश के जाने-माने अंग्रेजी समाचार पत्रों में भी दिल्ली में उनकी पुत्री शालिनी राय ने इस सिपाही बहादुर सरकार के संबंध में लेख प्रकाशित कराये हैं। यह एक ऐसा स्वर्णिम इतिहास है जिस पर सीहोर के लोगों को गर्व होना चाहिये। पूरे देश में 1857 की क्रांति के दौरान क्रांतिकारियों का इतना बड़ा कत्लेआम नहीं हुआ था। हवलदार कोठ महावीर, रिसालदार वली शाह, रमजूलाल, आदिल मोह मद खॉ, फाजिल मोह मद जैसे क्रांतिकारियों के नाम हर एक जुंबा पर होना चाहिये हमें यह प्रयास करने की जरुरत है। सिपाही बहादुर सरकार को उखाड्Þ फेंकने के लिये सबसे क्रूर अंग्रेज अफसर ह्यूरोज सीहोर आया था।
श्री राय ने कहा कि पूरे देश में इस तरह का कोई और इतिहास नहीं मिलता। इस गोरान्वित इतिहास पर एक फिल्म भी बन सकती है जिसके प्रयास उनके द्वारा किये जा रहे हैं। साथ ही उन्होने कहा कि एक समिति बनाकर सीहोर के लोगों को मु यमंत्री से मिलना चाहिये और सिपाही बहादुर पर एक पुरस्कार की घोषणा प्रदेश शासन द्वारा की जाये इसकी मांग रखी जानी चाहिये।
कार्यक्रम का संचालन आज वरिष्ठ समाजसेवी ओमदीप ने किया। कार्यक्रम में संगीतिका संगीत महाविद्यालय के संचालक मांगीलाल ठाकुर के मार्गदर्शन में छात्रों ने देशभक्ति गीतों से समा बांध दिया था। जबकि कवि सुरेश श्रीवास्तव ने कविता का पाठ किया। देश की सीमा पर शहीद हुए दो सैनिकों और सिपाही बहादुर सरकार के क्रांतिकारियों को दो मिनिट का मौन रखकर सभी ने श्रद्धांजली दी। नगर पालिका द्वारा कराई गई व्यवस्थाओं के लिये नगर पालिका और सभी उपस्थित देशभक्तों का आभार आनन्द गांधी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम वयोवृद्ध स्वतंत्रता संग्राम सैनानी राणा उदय सिंह जी आर्य की अध्यक्षता में स पन्न हुआ । जिसमें पूर्व विधायक शंकरलाल साबू, केसरीमल गिरोठिया, नारायण कासट, राममूर्ति शर्मा, प्रेमबंधु शर्मा, कमलेश कटारे, बसंत दासवानी, सम्राट प्रजापति, हरीश राठौर, पत्रकार श्री कंद्रे, संतोष कुशवाह, राजेन्द्र शर्मा गुरु, सुशांत समाधिया बिल्लु, अंकुर तिवारी, आशीष गुप्ता, अनिल राय, सुरेन्द्र रल्हन, भारत अग्रवाल आदि उपस्थित थे।







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