सीहोर में चड्डीधारी गेंग ने डाली डकैती
सीहोर। बुधवार की रात को जिला मु यालय पर चड्डीधारी गेंग के सदस्यों ने डकैती डाल कर सनसनी का वातावरण निर्मित कर दिया। करीब आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने बेटे का बांधकर माँ के साथ मारपीट करते हुए लगभग छह लाख रुपए से अधिक का माल ले गए। पीडि़त महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामला कायम कर बदमाशों की तलाश शुरु कर दी है पर उनका सुराग नहीं लग सका है। पुलिस से मिली जानकारी अनुसार रेलवे स्टेशन के नजदीक स्वामी नारायण मंदिर के समीप रहने वाले योगेन्द्र आत्मज रमेश वर्मा के मकान पर बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे चड्डीधारी बदमाशों ने धावा बोला बताया जाता है कि बदमाशों ने उनके दरवाजे साँकल खोलकर भीतर प्रवेश किया जहां पर लोकेन्द्र वर्मा और उसकी माता जी कांता वर्मा सो रही थी। बदमाशों की आवाज से लोकेन्द्र वर्मा की नींद खुल गई बदमाशों ने उसे पकड़कर पलंग से बांध दिया, इस बीच उसकी माँ की नींद खुल गई जिसके साथ बदमाशों द्वारा मारपीट शुरु कर दी गई और उनसे घर की जानकारी लेते हुए अलमारी और दीवान खोल खोल कर सारा समान बिखेर दिया। दो बदमाश इन पर निगाहें रखे हुए थे और बाकी माल को समटने में लगे हुए। लोकेन्द्र वर्मा का पूरा परिवार मूलत: ग्राम कोठरी निवासी पर पिछले दस सालों से उनका परिवार स्वामी नारायण मंदिर के समीप बनी कालोनी में रहने लगा था। बताया जाता है कि बदमाशों द्वारा इनके घर से करीब बारह तोला सोना ले गए, जिसमें दो सोने की चैन, एक कान की बाली, कान टाप्स, छह चूड़ी सोने की, चार अंगूठी, आधा किलो चाँदी, दस हजार रुपए नकद आदि शामिल है। परिजनों के अनुसार करीब छह लाख रुपए से अधिक का माल बदमाश ले गए। बदमाशों ने श्रीमती कांता वर्मा के साथ जमकर मारपीट की सिर पर भी चोट आई सिर में पाँच टांके आने के कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि बदमाश वहां से स्टेशन की तरफ भाग गए और जाते जाते यह लोग पीडि़त युवक का मोबाइल भी अपने साथ ले गए है। बदमाशों के जाने के बाद पीडि़ता द्वारा अपने पुत्र को जैसे तैसे रस्सी खोलकर रिहा किया गया बाद में पड़ोसियों की मदद से थाने में खबर की गई तब पुलिस आई लेकिन बदमाश उनकी पकड़ से बाहर थे। पुलिस द्वारा रात में बदमाशों की धरपकड़ के लिए वायरलेस भी किए गए पर कहीं से कोई सुराग नहीं लग सका है। घटना की जानकारी मिलने पर जिला पुलिस अधीक्षक डा. रमन सिकरवार ने घटना स्थल पर का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डीआइजी आरएल प्रजापति ने भी निरीक्षण किया। बदमाशों की सं या सात थी जिसमें से एक चौदह साल का बालक भी था और जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे वो आमतौर पर रेहटी, बांया, बकतरा क्षेत्र में बोली जाती है।
चड्डी में आए और कपड़े पहनकर गए
बुधवार की देर रात को जिस सनसनीखेज ढंग से घटनाक्रम को अंजाम दिया गया उससे न केवल पुलिस प्रशासन बल्कि शहर के लोग भी हतप्रभ है। स्थानीय इन्दौर नाका क्षेत्र में गोपाल विजयवर्गीय के मकान में दो साल पहले हुई डकैती की वारदात लोग के जेहन में आ गई। बताया जाता है कि वर्मा परिवार के यहां हुई डकैती में करीब सात सदस्य शामिल थे जो सभी चड्डीधारी थे पर जाते जाते इनमें से तीन लोग परिवार के सदस्य के पेंट शर्ट पहन कर गए। यह यहां से मोबाइल भी चुराकर ले गए जिससे पीडि़त परिवार पुलिस को समय पर सूचना नहीं दे सके।







0 comments:
एक टिप्पणी भेजें