बुधवार, 30 नवंबर 2011

किराया पर ली और लूट कर भाग गए

सीहोर। जिले में दिनोंदिन अपराध बढ़ रहे हैं अभी पुलिस ने एक लूट के आरोपी गिरफ्तार ही किए थे कि दूसरी लूट हो गई। अहमदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम छतरी के नजदीक अज्ञात बदमाशों ने कट्टे की नौक पर लोडिंग वाहन चालक का मोबाइल लूट कर भाग निकले। पुलिस ने मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कर उनकी जांच शुरू कर दी है पुलिस के मुताबिक 28 नवंबर को गांधी नगर में रहने वाले अजगर खान की लोडिंग जीप क्रमांक एमपी04जीए 3286 अपने निर्धारित स्थान पर खड़ी हुई थी और चालक अजगर पिता अकरम ग्राहक का आने का इंतजार कर रहा था तभी वहां शाम पांच बजे के लगभग ट्रेक सूट पहने बीस-पच्चीस साल का लड़का पहुंचा और वाहन को किराए पर लेने की बात शुरू की उसने बताया कि उनकी जेबीसी दोराहा के नजदीक खड़ी हुई है और उसके टायर खराब हो गए टायरों को वाहन में लादकर भोपाल तक लाना है। चालक अजहर ने वाहन का भाड़ा एक हजार रूपए बताया लेकिन न-नुकुर करते हुए आठ सौ रूपए भाड़ा तय हुआ। भाड़ा तय होते ही इस लड़के ने अपने दो और साथियों जिनकी उम्र भी लगभग इतनी ही थी और यहां तीनों वाहन में बैठकर ग्राम सेवनिया होते हुए छतरी के पास पहुंचे जहां इन तीनों ने वाहन को रूकवाकर कट्टा निकालकर अजहर की कनपटी पर रख दिया और वाहन की चाबी छीनी तथा मोबाइल जेब से निकालकर वहां से भाग निकले। बमुश्किल राहगीरों की मदद से चालक अजहर दौराहा थाने पहुंचा जहां उसने लूट की सूचना दी।
सीमा विवाद के कारण देरी
मामला दर्ज होने में सीमा विवाद कारण रहा दोराहा पुलिस का कहना था कि घटना स्थल उसके क्षेत्र में नहीं आता वहां अहमदपुर थाना क्षेत्र में हैं जबकि अहमदपुर पुलिस यह मानने को तैयार नहीं थी हालांकि बाद में दोराहा पुलिस ने जीरो पर कायमी कर अहमदपुर थाने के सुपुर्दुग मामला कर दिया मामले में पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है।
मप्र से बाहर के आरोपी
फरियादी वाहन चालक अजहर के मुताबिक आरोपी मप्र के बाहर की बोली बोल रहे थे उसका मानना है कि संभवत: वह बिहार या यूपी के हो सकते हैं, जबकि पुलिस आरोपियों को कंजर या पारदी मान रही है।

माता-पिता को अपशब्द कहने से रोका तो मारा चाकू

आष्टा। माता-पिता को अपशब्द कहने से रोका तो छोटे भाई ने बड़े भाई को चाकू मारकर घायल कर दिया। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार डोराबाद निवासी रंजीतसिंह मालवीय की पत्नी रूकमाबाई ने अपने देवर राजाराम को गाली बकने से रोका, इसी बीच रंजीतसिंह ने भी छोटे भाई को माता-पिता को अपशब्द कहने से मना किया। इसी बात पर राजाराम ने रंतीसिंह पर चाकू से हमलाकर शरीर के तीन स्थानों पर घातक चोट पहुंचाई। रंजीतसिंह की रिपोर्ट पर राजाराम के विरूद्ध मारपीट का मामला दर्ज किया है।

पुलिस ने दर्ज किए छेड़छाड़ और मारपीट का मामला
आष्टा। एक पक्ष का आरोप है कि छेड़छाड़ की गई, तो दूसरे पक्ष का कहना है कि मारपीट की गई। इसी बात को लेकर उभय पक्षों की रिपोर्ट पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ग्राम कचनारिया में अजपसिंह द्वारा छेड़छाड़ के मामले की रिपोर्ट राधेश्याम के विरूद्ध की गई है, तो मानूबाई द्वारा मारपीट की रिपोर्ट के मामले में अजपसिंह, सौभालसिंह और चांदसिंह के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने दोनों पक्षों के विरूद्ध मामला दर्ज किया है।

तलाई में तीन बच्चे डूबे, एक की मौत

सीहोर। इछावर के गंाम नकटी तलाई में तीन स्कूली बच्चे नजदीक की तलाई में शौच करने गए थे उनमे से उएक गहरे पानी में चला गया उसे बचाने दुसरे बच्चे भी पानी में कू द गए यह तीनो गहरे पानी में चले गए इन्हें डूबता देख ग्रामीणो ने इन्हें बचाने का प्रयास किया लेकिन तीन में दो को तो बचा लिया गया एक की मौत हो गई।

मंगलवार, 29 नवंबर 2011

गुस्साएं छात्र-छात्राओं ने स्कूल पर जड़ा ताला




सीहोर/इछावर। मंगलवार की सुबह क्षेत्र के एक स्कूल में गुस्साएं छात्र-छात्राओं ने स्कूल के मुख्यद्वार पर ताला जड़ दिया था। जो कि दोपहर को काफी मशक्कत के बाद खुलवाया गया। क्षेत्र के ग्राम पंचायत सिराड़ी के माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राओं ने अपने स्कूल में सालों से बच्चों को अध्यापन कार्य कराते आ रहे हैं शिक्षक ज्ञान सिंह परमार का जनशिक्षक पद पर चयन होने की बात सुनकर बच्चों ने एवं स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने स्कूल में समिति की बैठक कर एक प्रस्ताव पास कर ग्राम पंचायत की अनुशंसा कराकर एसडीएम धीरज श्रीवास्तव, बीईओ शिवनारायण पटेल को लिखित आवेदन प्रस्ताव की कापी देकर जन शिक्षक पद के लिए चयन किए जा रहे शिक्षक को शाला में शिक्षक के पद पर ही नियुक्ति रखने की मांग की थी। 23 नवबंर को दिया एवं 24 को जिला पंचायत सीईओ बीएस जामौद को भी लिखित आवेदन समिति के सदस्य देकर आए जिसमें छात्रों की और से 29 नवबंर को ताला डालकर हड़ताल करने की बात भी कही गई थी।
नहीं जागा प्रशासन
जिले से लेकर ब्लाक तक सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन आवेदन देने के बाद भी जिम्मेदार प्रशासन के लोगों ने इस बात को नजरअंदाज कर दिया जिसका जबाव मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने स्कूल में ताला लगाकर दिया है।
नहीं पहुंचे जिम्मेदार
मंगलवार की सुबह छात्र-छात्राओं ने स्कूल में लगे ताले के ऊपर ही अपना ताला लगाकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और शिक्षक को स्कूल में पुन: पहुंचाने की मांग कर रहे थे। इस घटना की जानकारी पंचायत के जागरूक सरपंच जगदीश धाकड़ एवं पंचायत सचिव सतीश बैरागी ने बीईओ एवं बीआरसी को फोन पर मामले की जानकारी दी और स्कूल खुलवाने का आग्रह भी किया। लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी स्कूल खुलवाने नहीं पहुंचे।
नहीं खुलेगा ताला
बच्चों को बार-बार समझाने के बाद भी बच्चें एक ही जिद पर अड़े थे कि हमारे परमार साहब को यहां लाओं जब तक परमार साहब यहां नहीं आएंगे तब तक स्कूल का ताला नहीं खुलेगा।
मशक्कत के बाद खुला ताला
जिम्मेदार अधिकारी मौके पर अंत तक नहीं पहुंच पाए और अपने अधीनस्थों कर्मचारियों को रवाना कर दिया और कह दिया कि बच्चों को समझाकर स्कूल खुलवाना वहीं दिनेश नागर ने स्कूल प्रबंधन समिति के दायित्वों को विस्तार से बच्चों एवं समिति के लोगों को बताया कि बिना विद्यालय प्रबंधन समिति के कोई भी शिक्षक कही भी नहीं जा सकता है और जन शिक्षक के पद पर स्वेच्छा के बिना विभाग की पदस्थापना नहीं कर सकता तभी सरपंच, सचिव, एसएमसी के सदस्य बीएसी बहादुर सिंह के अथक प्रयास के बाद बच्चों ने स्कूल का ताला खोल दिया।
इनका कहना है
हमारे यहां इस नाम का कोई व्यक्ति जनशिक्षक नहीं है जन शिक्षक बनने के लिए अध्यापक की स्वेच्छा भी जरूरी है।
अशोक पराड़कर, डीपीसी सीहोर
इस मामले की जानकारी आपके द्वारा हुई है में अभी डीपीसी से चर्चा कर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी अगर बच्चें धूप में परेशान हुए हैं तो ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौके पर अधिकारियों को पहुंचना चाहिए।
रमाकांत तिवारी, संयुक्त निर्देशक राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल

मिटटी धंसने से दो की मौत

सीहोर ग्राम बिजलोन में खराब बोरवेल का पंप को ठीक करने के लिए 25 फिट गहरे गडड़े में उतरे चार मजदूर मिटटी धंसने से उसमें दब गए। इस घटना में एक मजदूर की मौत हो गई, वहीं दो अन्य को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। चौथे मजदूर को निकालने का कार्य रात आठ बजे तक जारी था। मौके पर जेसीबी व अन्य साधनों से गडडे से मिटटी निकालने केे प्रयास किए जा रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम बिजलौन में बंद पड़े बोरबेल को सुधारने का काम बोर मालिक भागीरथ जाटव द्वारा करवाया जा रहा था। बोर की तीन दिन से बंद पड़ी मोटर को निकालने के लिए उसके आसपास 25 फिट गहरा गडडा खोदा गया था, जिसकी मिटटी गडडे् के आसपास ही जमा कर दी गई थी। इस गहरे गडड़्े में मोटर बाहर निकालने के लिए भागीरथ के दो पुत्र राकेश व चुन्नी लाल के साथ मजदूर बलराम पिता बलदेव व एक अन्य राहगीर राकेश पिता रामचरण नीचे उतरे थे। शाम पांच बजे जिस समय यह लोग मोटर निकालने का प्रयास कर रह ही रहे थे कि इनके ऊपर आसपास की मिटटी धंसलकर नीचे आ गई। जिसके नीचे चारों गहराई में दब गए। घटना की जानकारी मिलने पर जेसीबी सहित अन्य साधनों से इन्हें निकालने का अभियान प्रांरभ किया गया। मौके पर पहुंचे लोगों की मदद से प्रशासन ने मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान शाम पांच बजे के आसपास प्रारंभ किया। ग्रामीणों की सहायता से 2० फिट गहरे गडड़े की मिटटी हटाने का कार्य प्रारंभ किया गया। गडड़े से सबसे पहले छह बजे के आसपास 18 वर्षीय राकेश पिता भागीरथ नामक व्यक्ति को निकाला गया। इसके 20 मिनिट बाद 40 वर्षीय पुत्र राकेश पिता रामचरण को भी सकुशल निकाल लिया गया। दोनों के हाथों व पैरों में दबने के कारण अंदरूनी चोटें आई, जिनका उपचार मौके पर खड़ी 108 एंबूलेंस में किया जा रहा था। शाम 6:30 बजे नीचे दबे 25 वर्षीय चुन्नीलाल पिता भागीरथ को निकाला गया। इसकी मौत गडड्े में ही हो चुकी थी। चौथे ओर सबसे नीचे दबे बलराम पिता बलदेव को निकालने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ी। रात 7:३० बजे इसे निकाला गया। इसकी नब्ज चलने के कारण इसे तत्काल 108 एंबूलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन यहां उसकी मौत हो गई। गहरे गडड़े से निकाले गए तीसरे युवक चुन्नीलाल की सांसों को वापस लाने के लिए जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों के साथ ही 108 एंबूलेंस पर तैनात चिकित्सक ने काफी प्रयास किए। 15 मिनिट तक युवक के सीने की पंपिंग की गई, साथ ही इसे आक्सीजन भी दी गई। काफी प्रयासों के बाद भी जब युवक के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो वरिष्ठ चिकित्सक डा ए कुरैशी ने मृत घोषित कर दिया।

सोमवार, 28 नवंबर 2011

सेंटर पीजीका, परीक्षा.......

सीहोर। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय किस तरह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, इस बात का अंदाजा आज उस समय लगा जब 200 से अधिक छात्र-छात्राएं सोमवार को 2 बजे हाथों में पीजी कॉलेज सेंटर का प्रवेश पत्र लेकर कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे, लेकिन जब उन्हें अचानक बताया गया कि उनका सेंटर पीजी कॉलेज न होकर स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी कॉलेज है। आनन-फानन में यह छात्र अपना भविष्य बनाने के जैसे-तैसे प्रायवेट कॉलेज पहुंचे और करीब एक घंटे की देरी से परीक्षा में सम्मिलित हो सके।

गौरतलब है कि इन दिनों शासकीय पीजी कॉलेज सीहोर में छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं इसी के तहत सोमवार को बीएससी रसायन शास्त्र के प्रथम सेमेस्टर एवं ऐटीकेटी की परीक्षाएं आयोजित होना थीं, इसके लिए कॉलेज प्रबंधन द्वारा अपनी व्यवस्था के अनुसार 1200 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन यूनिवर्सिटी की लापरवाही से करीब 250 छात्र हाथों में पीजी कॉलेज सेंटर का प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा देने जा पहुंचे, जिन्हें देखकर कॉलेज प्रबंधन भी सकते में आ गया। और तत्काल स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी कॉलेज को सेंटर बनाया गया, लेकिन बाहर से परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं को इन दोनों ही कॉलेजों का पता मालुम न था, जिस कारण वह करीब 1 घंटे की देरी से परीक्षा हाल में पहुंचे और परीक्षा में भाग ले सके।
200 से अधिक पेपर की फोटोकापी
जहां एक ओर यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों को भेजे गये प्रवेश पत्र में परीक्षा सेंटर गलत बताया गया, वहीं परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से प्रश्न पत्र भी नहीं पहुंचाये गये। हालात यह रहे कि जिस प्रश्न पत्र के लिफाफे पर प्रश्न पत्र की संख्या 100 अंकित थी उसमें मात्र 40 प्रश्न पत्र ही निकले, जिस कारण मजबूरी में 200 से अधिक प्रश्न पत्रों की फोटोकापी कराकर परीक्षार्थियों को हल करने के लिए दी गई।
जमीन पर बैठकर दी परीक्षा
सोमवार को पीजी कॉलेज में आयोजित परीक्षा के दौरान संख्या से अधिक छात्र-छात्राओं के पहुंचने के कारण अव्यवस्था का आलम निर्मित हो गया, हालात यह रहे कि जहां परीक्षार्थियों ने लाईब्रेरी और लेब में बैठकर अपने प्रश्न पत्र हल किये, वहीं कई छात्र-छात्राओं को बरामदे में नीचे बैठकर प्रश्न पत्र हल करने को मजबूर होना पड़ा। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र में दिये गये गलत सेंटर के कारण वह मानसिक रूप से प्रताडि़त होते हुए देखे गये। हालांकि कॉलेज प्रबंधन द्वारा उन्हें प्रश्न पत्र हल करने के लिए पूरे 3 घंटे का समय दिया गया, जिस कारण बाहर के छात्रों को सीहोर में ही रात्रि विश्राम करते हुए अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इनका कहना है
हमारे पास मात्र 1200 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था है, इस बात से हमने 15 दिन पूर्व ही यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया था, लेकिन उन्होंने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिस कारण आज यह अव्यवस्था निर्मित हुई है। फिर भी हमने तत्काल व्यवस्था कर छात्रों की परीक्षाऐं लीं, साथ ही हमने आज आयोजित होने वाली बीसीए और बीकॉम की परीक्षाओं को स्थगित करवा दिया, अन्यथा अव्यवस्था और भी बढ़ जाती, जिसे संभालना मुश्किल होता।
जीडीसिंह, प्राचार्य शासकीय पीजी कॉलेज सीहोर

परीक्षा में बैठना है तो पांच हजार जमा करो

सीहोर। सोमवार दोपहर को सत्यसांई कॉलेज में अध्ययनरत बीएड के सैंकड़ों छात्र-छात्राओं ने एकत्रित होकर अचानक कॉलेज प्रबंधन के विरूद्ध नियम से अधिक फीस वसूलने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और रैली के रूप में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
सत्यसांई कॉलेज में बीएड कर रहे सैंकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन पर नियम से अधिक फीस वसूलने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रों से बीएड की परीक्षा के रूप में पूर्व में ही प्रति छात्र 25 हजार 200 रूपये जमा करा लिये गये हैं, इसके बाद भी किताबों और अन्य व्यवस्थाओं के रूप में फुटकर फीस जमा कराई गई है। कॉलेज प्रबंधन द्वारा अब पुन: विद्यार्थियों से कहा जा रहा है कि वह फीस के रूप में 5-5 हजार रूपये और जमा करायें, तभी प्रेक्टिकल परीक्षा और मुख्य परीक्षा में बैठ सकेंगे, लेकिन छात्रों का कहना है कि एडमीशन लेते समय प्रबंधन द्वारा हमें जो फीस बताई गई थी, वह हम जमा कर चुके हैं अब प्रबंधन दबाव डालकर नियम विरूद्ध यह फीस जमा करवा रहा है।
विद्यार्थियों का कहना है
सत्यसांई कॉलेज में बीएड की छात्रा नेहा मिरोगिंया का कहना है कि प्रबंधन द्वारा प्रेक्टिल और मुख्य परीक्षा में न बैठाने की धमकी देकर हमसे फीस के रूप में 5-5 हजार रूपये जमा करवाने का दबाव बनाया जा रहा है। इसी प्रकार छात्र दिनेश परमार ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा मनमानी करते हुए नियम विरूद्ध फीस वसूली जा रही है, इसी के विरोध में हमने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

अस्पताल में मची अफरा तफरी

सीहोर। जिला अस्पताल में उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक दर्जन से अधिक बेलदार अस्पताल जा पहुंचे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा पुलिस बल ने इन बेलदारों को खदेड़ा और कुछ को गिरफ्तार कर लिया। करीब आधे घंटे बाद अस्पताल मेंं स्थिति सामान्य हुई तब कही जाकर मरीजों ने राहत की सांस ली।
पुलिस के मुताबिक ग्राम खोकरी रविवार की रात बेलदारों के दो परिवार में विवाद हो गया जिसमें अनेक घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है तथा उनके परिजन यहीं बने हुए हैं। इन्हीं को पीटने के लिए बेलदारों का एक पक्ष लठों से लेस होकर अस्पताल जा पहुंचा। एक दर्जन से अधिक लठेतों को देखकर अस्पताल में अफरा तफरी मच गई। इसकी सूचना तत्काल कोतवाली पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल लाठी बरसाकर बेलदारों को खदेड़ा। पुलिस और बेलदारों के आमने-सामने होने पर इनमें से कुछ की गिरफ्तारी पुलिस ने की जबकि शेष भाग निकले।

चच्चा भी होंगे काका के साथ

सीहोर। रविवार को नगरपालिका के सभागृह में विधायक रमेश सक्सेना याने कि चच्चा ने यह स्पष्ट कर दिया कि वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश व्यास काका सही है और यदि वह आंदोलन करते हैं तो उन्हें भी उनके साथ ही जाना होगा। श्री सक्सेना यहां पत्रकारों को नगरपालिका द्वारा विकास कार्य शुरू करने की जानकारी दे रहे थे।
विधायक श्री सक्सेना ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश व्यास काका का बयान सही है और चूंकि वे उनसे बड़े हैं तो उनके साथ आंदोलन में शामिल होना उनकी मजबूरी है। विधायक श्री सक्सेना का यह बयान राजनैतिक हलकों में भूचाल खड़ा कर देगा, क्योंकि किसी भी अंादोलन में विधायक रमेश सक्सेना का शामिल होने का मतलब है कि शहर के हर वर्ग का साथ।
एक माह में शुरू हो जाएंगे काम
भाजपा नेता प्रकाश व्यास काका के आंदोलन के शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रविवार को नगरपालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने पत्रकारों को बुलाकर एक माह में विकास कार्य शुरू होने की बात कहीं। उनके साथ विधायक रमेश सक्सेना मौजूद थे जिन्होंने इस बात का विश्वास दिलाया कि शहर विकास के लिए योजनाएं बनाई गई है जिनका क्रियान्वयन एक माह के अंदर होने लगेगा।
गौरतलब है कि वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश व्यास काका ने जनप्रतिनिधि और अधिकारियों पर लापरवाह होने का अपराध लगाते हुए सुधारे जाने कि हिदायत दी थी शनिवार को काका ने सोमवार से लापरवाहों के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की घोषणा की। इसके बाद ही नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने अपनी बात रखने के लिए पत्रकारों को रविवार को बुलाया। पत्रकारों से चर्चा केे दौरान विधायक रमेश सक्सेना ने कहा कि बस स्टैंड पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य 7 दिन के भीतर शुरू हो जाएगा संबंधित ठेकेदार को नोटिस दे दिया गया यदि वह काम शुरू नहीं करता है तो उसका ठेका निरस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर विकास के लिए नपाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने अनेक योजनाएं बनाई है जिनका क्रियान्वयन एक माह के भीतर होगा। साथ ही चौराहों को भी सुंदर किया जाएगा।
नपा की सुस्ती पर उठाए थे सवाल
वरिष्ठ भाजपा नेता प्रकाश व्यास काका ने नपा की सुस्ती को लेकर भी सवाल उठाए थे जिसकी वजह से पिछले दो दिन से राजनैतिक हलकों में चर्चाएं थी कहीं न कहीं इन्हीं चर्चाओं पर विराम लगाने के लिए आनन-फानन में नपाध्यक्ष ने पत्रकारों को बुलाया और स्पष्टीकरण दिया।
साबित हुई काका की दमदारी
शहर में अनेक आंदोलनों और चुनावों का संचालन कर चुके प्रकाश व्यास काका की दमदारी एक बार फिर साबित हो गई है उन्होंने अपनी ही पार्टी के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अवाज उठाई तो सबकी आवाजें बंद हो गई। नगरपालिका अध्यक्ष ने विकास कार्य शुरू करने की बात कही तो यह साबित हो गया कि काका में दम है।

मंगलवार, 15 नवंबर 2011

ए· घंटे में खुली सर·ारी ·ाम·ाज ·ी पोल - दो बाबूओं पर निलंबन ·ी गाज, 16 ·ो नोटिस

सीहोर। प्रदेश सर·ार द्वारा आमजन ·ी समस्याओ ·ा निरा·रण ·रने ·े लिए प्रत्ये· मंगलवार ·ो शास·ीय विभागों में जनसुनवाई ·ार्य·्रम शुरू ·िया गया हेै, ले·िन विभागीय अधि·ारियों ·ो आमजन ·ी समस्याओं से ·ोई सरो·ार नहीं है। जन सुनवाई ·ार्य·्रम ·ी जमीनी ह·ी·त मंगलवार ·ो उस समय देखने ·ो मिली जब ·लेक्टर डॉ.संजय गोयल ने आज ए· घंटे में 16 विभागों ·ा औच· निरीक्षण ·िया। निरीक्षण ·े दौरान ·लेक्टर ने जिला परिवहन ·ार्यालय ·े दो बाबुओं ·ो भी निलंबित ·िया है। ·लेक्टर ·े आ·स्मि· निरीक्षण में 9 अधि·ारी अनुपस्थित पाए गए जिन·े खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्म· ·ार्यवाही ·ी जा रही है।
यह मिले गैर हाजिर
·लेक्टर डॉ. संजय गोयल 11 बज·र 25 मिनट पर उप संचाल· ·िसान ·ल्याण एवं ·ृषि वि·ास ·ार्यालय पहुंचे जहां उप संचाल· ·ृषि अनुपस्थित मिले। इस·े बाद ·लेक्टर लो· स्वास्थ्य यांत्रि·ी और जल संसाधन विभाग ·े ·ार्यालय पहुंचे जहां दोनों ·ार्यालयों में ·ार्यपालन यंत्री गैर हाजिर मिले।
डॉ. संजय गोयल जिला परिवहन ·ार्यालय में 11 बज·र 45 मिनट पर पहुंचे यहां भी जिला परिवहन अधि·ारी एवं मु य लिपि· रमेश नामदेव व ·ीर्ति पाठ· ·ो ·ार्य पर से गैरहाजिर पाए गए, जिस पर ·लेक्टर डॉ.गोयल ने दोनों बाबुओं ·ो निलंबित ·िया है।
इसी तरह ·लेक्टर डॉ. संजय गोयल 12 बजे हाथ·रघा ·ार्यालय गए जहां सहाय· संचाल· हाथ·रघा नदारद मिले। इस·े बाद ·लेक्टर ने 12.05 बजे जिला शिक्षा ·ेन्द्र ·ा निरीक्षण ·िया यहां भी अधि·ारी गायब पाए गए। ·लेक्टर डॉ. संजय गोयल दोपहर 12 बज·र 15 मिनट पर महिला एवं बाल वि·ास विभाग, 12 बज·र 17 मिनट पर जिला योजना मंडल और 12 बज·र 20 मिनट पर सामाजि· न्याय ·ार्यालय पहुंचे जहां निरीक्षण ·े दौरान ·ार्यालय प्रमुख गैरहाजिर मिले।
छुट्टी देने वाले तुम ·ौन
जिला परिवहन ·ार्यालय में वैसे तो परिवहन अधि·ारी सर्वे-सर्वा होता है ले·िन यहां ·े परिवहन ·ार्यालय ·ा आलम ·ुछ ओैर था यहां मु य लिपि· रमेश नामदेव ही सब·ुछ थे।
इस बात ·ा अंदाजा इसी से लगाया जा स·ता है ·ि अधि·ार न होते हुए भी उन्होंने ·ीर्ति पाठ· नाम ·ी अधिनस्थ ·र्मचारी ·ो अव·ाश दे दिया।

हाईवे ·ी पुरानी सड़· पर हस्ताक्षर अभियान






सीहोर। युवा ·ांग्रेस एवं एन.एस.यू.आई ने आज सौया चैपाल से ले·र टोल टैक्स ना·े त· स्टेट हाईवे ·े पुन: निर्माण ·राने ·ी मांग ·ो ले·र आंदोलन ·ा जोरदार आगाज ·िया। इस मौ·े पर आंदोलन से जुडे सै·डों ·ार्यक्रताओं ·ी उपस्थिती में रोड निर्माण ·ी मांग ·ो ले·र जन आंदोलन ·ा शुभारंभ ·िया गया।
आंदोलन ·े प्रथम चरण में हस्ताक्षर अभियान ·ा शुभारंभ युवा ·ांगे्रस नेता राज·ुमार जायसवाल ·े नेतृत्व में ·िया गया। बस स्टेण्ड और आसपास ·े क्षेत्र ·े आज इस आंदोलन ·े समर्थन में सै·डों दु·ानदारों और नागरि·ों से मांग ·े समर्थन में हस्ताक्षर ·िये।
इस अवसर पर अने· नागरि·ों ने इस आंदोलन ·ी प्रशंसा ·रते हुए आंदोलन से जुडे अन्य ·ार्यक्रताओं ने सहयोग देने ·े लिए आसवसत ·िया। एन.एस.यू.आई जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने बताया ·ी ·ई दिनों से इस मार्ग ·े निर्माण ·ो ले·र नागरि·ों द्वारा मांग ·ी जा रही है जब त· इस मार्ग ·ा निर्माण ·ार्य प्रारंभ नही होता युवा ·ांग्रेस और एन.एस.यू.आई यह आंदोलन चलाएगी। युवा ·ांग्रेस एन.एस.यू.आई आगे हाउसिंग बोर्ड चाण्क्यपुरी, भोपाल ना·ा गंगा आश्रम, बडियाखेडी इंदौर ना·ा सहित अन्य क्षेत्रों में हस्ताक्षर अभियान चला·र नागरि·ों से इस मांग ·े समर्थन में सहयोग मांगेगें, इस·े बाद नागरि·ों ·े हजारों हस्ताक्षर से युक्त ए· ज्ञापन ·लेक्टर ·ो सौपा जायेगा।
इस आंदोलन में राज·ुमार जायसवाल, राजीव गुजराती, रासिद मन्सौरी, मृदुल तोमर, शहजाद लाला, सतीष बनवइया, ब्रज मेवाडा, रघुवीर दांगी, पं·ज गुप्ता, सुषील ·चनेरिया, सन्नी राय, सुदीप प्रजापति, आफताब सिद्द·ी, आ·ाश जैन, आंनद ·टारिया, पियूष मालविय, अभिषे· त्यागी, ·मलेश वर्मा, शफि· लाला, रोहन राठौर, राजेश जांगडे, चन्द्रेश त्यागी, राहुल शर्मा, राहुल त्यागी, विनीत त्यागी, गोपाल जलोदिया, चतुर महेष्वरी, धर्मेन्द्र दांगी, अर्जुन दांगी, राहुल भारती, जुल्फ·ार मलि·, नीरज, प्रषांत अहिरवार, ·पिल भाटी, अं·ुष बड·ुर, निर्मण वर्मा, हर्ष ताम्र·ार निरंजन राठौर, प्रणय शर्मा, गौरव उपाध्याय, हेमराज टेलर, षिवम परिहार, मूनो विष्व·र्मा, संतोष राजपूत, सुनिल मीणा आदि शमिल थे।

गुरुवार, 10 नवंबर 2011

सड़क पर मौत कर रही थी इंतज़ार




सीहोर। शुक्रवार की सुबह छ: बजे इंदौर भोपाल राजमार्ग पर सोया चौपाल के समीप सड़क किनारे खड़े ट्रक से जीप टकरा गई जिससे इस जीप में सवार चौदह लोगों में से पांच की घटना स्थल पर ही मौत हो गई जबकि आठ गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें भोपाल अस्पताल रेफर किया गया है।
जानकारी के अनुसार रतलाम जिले के सुराना तथा उज्जैन के समेलिया निवासी 14 लोग जीप क्रमांक एमपी 09 सीजी-8987 में सवार होकर नागपुर स्थित ताजुउद्दीन मजार से दुआ कर वापस अपने घर लौट रहे थे तभी रास्ते में भोपाल इंदौर राजमार्ग पर सोया चौपाल के नजदीक अचानक बीच सड़क पर पंचर खड़े ट्रक क्रमांक एमपी-09-एचजी-6848 में जा घुसी, टक्कर इतनी जबरदस्त हुई कि जीप में सवार चौदह लोगों में से पांच की घटना स्थल पर ही मौत हो गई और नौ घायल हो गए। दुर्घटना होने के लगभग आधे घंटे देरी से 108 एम्बूलेंस वाहन पहुंचा जिसकी वजह से दुर्घटना स्थल पर हाहाकार मच गया। आसपास के लोगों ने मिलकर घायलों को वाहन से निकाला और अस्पताल तक पहुंचाया।
मृतकों में 70 वर्षीय छोटे खां, पत्नी 65 वर्षीय छोटी बी, 45 वर्षीय इस्माईल, 13 वर्षीय शाहरुख, 35 वर्षीय शहजाद बी शामिल है। घायलों में शमीम बी, राजा बी, लियाकत, वहीद खां, उस्मान और अन्य तीन बच्चे बताए जाते हैं।
बुजूर्ग दंपत्ति की मौत
इस दुर्घटना में बुजूर्ग दंपत्ति की मौत हुई है जिसमें 70 वर्षीय छोटे खां और 65 वर्षीय उनकी पत्नी छोटी बी शामिल है। इसक अलावा इनके परिवार में शामिल अन्य लोगों के मरने की भी जानकारी मिल रही है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बमुश्किल निकले शव
सुबह छ: बजे हुई इस हृदय विदारक दुर्घटना का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दुर्घटना में मृतकों के शव बमुश्किल जीप को काट कर निकाला गया और इसमें दो घंटे का समय लग गया। शवों को निकालते समय पुलिस और आसपास के लोगों के रोंगटे खड़े हो गए, क्योंकि लाशें बुरी स्थिति में थी।

शनिवार, 5 नवंबर 2011

कटट अड़कर मुनीम से लुटे 6 लाख पचास हजार

सीहोर। दोराह थाना क्षैत्र में रात साढ़े दस के लगभग एक व्यापारी के मुनीम से अज्ञात बदमाश कटट अड़ाकर 6 लाख पचास हजार रूपए लुट कर फारार हो गए। मौके पर एडिशनल एपी सुनील महेता पंहुच गए है। और मुनीम से पुछताछ चल रही है। जानकारी के अनुसार मुनीम ठकुर प्रसाद एक कार से खाद विक्रय का पैसा 6 लाख पचास हजार रूपए एक बैग में लेकर सीहोर की ओर आ रहे थे तभी रास्ते में ग्राम सेमरादाग़ी के नजदीक मोटर सायकल पर छ- सात अज्ञात बदमाश सवार होकर आए और कार को रोकर कटट अड़ा दिया तथा कार में रखा रूपए से भरा बेग ले कर भाग गए। पुलिस मामले की जांच मं लग गई है।

बुधवार, 2 नवंबर 2011

nsui ne diya gyaapan

दो आदतन अपराधी जिला बदर

सीहोर। जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने दो आदतन अपराधियों में से एक को एक वर्ष के लिए तथा दूसरे को छ: माह के लिए जिला बदर करने के आदेश प्रसारित किए हैं।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. संजय गोयल ने पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन से पूर्णत: संतुष्ट होकर विजय उर्फ भीम वल्द गेन्दालाल उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम जर्रापुर थाना बुधनी को जिला सीहोर एवं उसके सीमावर्ती जिले भोपाल, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, देवास, शाजापुर एवं राजगढ जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित किया है। इसी तरह हरपाल वल्द कोकसिंह ठाकुर उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम अमरपुरा थाना सिद्धीकगंज हाल मुकाम सुभाष नगर आष्टा को जिला सीहोर एवं उसके सीमावर्ती जिले भोपाल, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, देवास, शाजापुर एवं राजगढ जिलों की राजस्व सीमाओं से छ: माह के लिए निष्कासित किया है।

तालाब मामला: जांच पर होगी जांच सीएम के इशारे का इंतजार

सीहोर। खेत तालाब, बलराम तालाब सहित अन्य योजनाओं और विभिन्न मदों से बनाए गए तालाबों में से 132 तालाब गायब होने के मामले में अब जांच पर भी जांच होगी। इस जांच के बाद कार्रवाई के लिए सीएम के इशारे की जरुरत है और जिसका इंतजार इस मामले को इस स्तर तक पहुंचाने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को भी है।
मामला यूं है कि अब से लगभग छ: माह पहले जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान ने बलराम तालाब, खेत तालाब और अन्य योजनाओं से बनाए गए तालाबों का भौतिक सत्यापन अपने स्तर पर किया और फिर इस मामले में जांच करने का आग्रह प्रशासन से किया। मामले में जांच भी हुई सभी ब्लाकों के एसडीएम ने भौतिक सत्यापन किया जिसमें इस बात की पुष्टि हुई की योजनाओं में विभिन्न मदों से बनाए गए तालाबों में से 132 तालाब गायब हैं। इस आशय का प्रतिवेदन कलेक्टर ने प्रमुख सचिव को कार्रवाई के लिए भेज दिया लेकिन महिनों बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इधर जिला पंचायत अध्यक्ष कार्रवाई नहीं होने से बैचेन हो गए और उन्होंने इस बात का ऐलान कर दिया कि यदि दोषियों के खिलाफ के कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। जब बात इससे भी नहीं बनी तो उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे बात की, तब मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले में जांच करवाई जाएगी उसके बाद ही कार्रवाई होगी।
यह पहली बार होगा
संभवत: प्रशासनिक मामले में यह पहली बार होगा जब कलेक्टर की जांच प्रतिवेदन के बाद फिर एक बार जांच होगी और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जिला स्तर पर की गई प्रशासनिक स्तर पर आला अधिकारियों को संदेह है जिसकी वजह से अब जांच पर जांच की बात की जा रही है।
तीस दिन बाद ....
जिला पंचायत अध्यक्ष ने सीएम के आश्वासन के बाद अपना आंदोलन तो स्थगित कर दिया है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यदि अब से तीस दिन बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
इनका नहीं बिगड़ेगा
औपचारिक बातचीत में जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान की बातचीत के बाद उपाध्यक्ष मायाराम गौर के एक वाक्य ने इस बात के संकेत दे दिए कि अध्यक्ष तो अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं पर उन्हें जरा डर लगता है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान जिस राह पर चल रहे हैं वह राह जरा कठिन है चूंकि उन्हें कोई भी घेर सकता है जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष की पहुंच ऊपर तक है इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ेगा।
इनका कहना है
पूरे मामले से मैने सीएम साहब को अवगत करा दिया है उन्होंने जांच करवाकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है यदि तीस दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं सड़क पर उतरकर आंदोलन करुंगा।
धर्मेन्द्र चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष सीहोर

छात्रा को जलाने वाला शिक्षक गिरफ्तार - भोपाल में रह रहा था


सीहोर। छात्रा से एक तरफा प्रेम करने वाले शिक्षक ने नाकाम होकर छात्रा के ऊपर कैरोसिन डालकर आग लगाने के मामले में पुलिस ने आरोपी शिक्षक को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
गौरतलब है कि तीस अक्टूबर की शाम इंग्लिशपुरा क्षेत्र में रहने वाली कक्षा 12वीं की छात्रा दीपाली कौशल अपने घर पर चाय बना रही थी, तभी किसी अज्ञात युवक ने घर के अंदर घुसकर उसके ऊपर कैरोसिन डाल दिया और आग लगा दी। दीपाली आग से बुरी तरह झुलस गई उसे गंभीर अवस्था में भोपाल रेफर किया गया था जहां बुधवार की शाम तक वह मौत और जीवन के बीच संघर्ष कर रही है। इसी मामले में पुलिस ने पीडि़त लड़की और परिजनों के बयान पर शशांक कुशवाह नामक शिक्षक के खिलाफ धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था और तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। शशांक घटना के बाद से ही फरार था और वह भोपाल रह रहा था। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने शशांक के ठिकाने पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
नहीं कबूला जुर्म
कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी शशांक कुशवाह से 25 मिनट तक पूछताछ की गई, इस पूछताछ में उसने अपना जुर्म नहीं कबूल किया है वह लगातार पुलिस से यही कहता रहा कि उसने ऐसा नहीं किया है। हालांकि उसके पास इस बात का जबाव नहीं था कि वारदात के बाद से ही वह फरार क्यों हो गया।

मंगलवार, 1 नवंबर 2011



संतश्री की शहादत पर किया रक्तदान

सीहोर। मानवता के मसीहा हिन्द सिंध के सरताज संत अमरशहीद संत कंवरराम साहिब की शहादत दिवस पर मंगलवार को सिंधी समाज के करीब एक दर्जन से भी अधिक लोगों ने रक्तदान कर संत श्री के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने दो मिनिट का मौनधारण संतश्री को श्रद्धासुमन भी अर्पित किए।

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