सीहोर। खेत तालाब, बलराम तालाब सहित अन्य योजनाओं और विभिन्न मदों से बनाए गए तालाबों में से 132 तालाब गायब होने के मामले में अब जांच पर भी जांच होगी। इस जांच के बाद कार्रवाई के लिए सीएम के इशारे की जरुरत है और जिसका इंतजार इस मामले को इस स्तर तक पहुंचाने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को भी है।
मामला यूं है कि अब से लगभग छ: माह पहले जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान ने बलराम तालाब, खेत तालाब और अन्य योजनाओं से बनाए गए तालाबों का भौतिक सत्यापन अपने स्तर पर किया और फिर इस मामले में जांच करने का आग्रह प्रशासन से किया। मामले में जांच भी हुई सभी ब्लाकों के एसडीएम ने भौतिक सत्यापन किया जिसमें इस बात की पुष्टि हुई की योजनाओं में विभिन्न मदों से बनाए गए तालाबों में से 132 तालाब गायब हैं। इस आशय का प्रतिवेदन कलेक्टर ने प्रमुख सचिव को कार्रवाई के लिए भेज दिया लेकिन महिनों बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। इधर जिला पंचायत अध्यक्ष कार्रवाई नहीं होने से बैचेन हो गए और उन्होंने इस बात का ऐलान कर दिया कि यदि दोषियों के खिलाफ के कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपनी ही सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे। जब बात इससे भी नहीं बनी तो उन्होंने मुख्यमंत्री से सीधे बात की, तब मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले में जांच करवाई जाएगी उसके बाद ही कार्रवाई होगी।
यह पहली बार होगा
संभवत: प्रशासनिक मामले में यह पहली बार होगा जब कलेक्टर की जांच प्रतिवेदन के बाद फिर एक बार जांच होगी और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जिला स्तर पर की गई प्रशासनिक स्तर पर आला अधिकारियों को संदेह है जिसकी वजह से अब जांच पर जांच की बात की जा रही है।
तीस दिन बाद ....
जिला पंचायत अध्यक्ष ने सीएम के आश्वासन के बाद अपना आंदोलन तो स्थगित कर दिया है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यदि अब से तीस दिन बाद भी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वह सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
इनका नहीं बिगड़ेगा
औपचारिक बातचीत में जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान की बातचीत के बाद उपाध्यक्ष मायाराम गौर के एक वाक्य ने इस बात के संकेत दे दिए कि अध्यक्ष तो अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं पर उन्हें जरा डर लगता है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान जिस राह पर चल रहे हैं वह राह जरा कठिन है चूंकि उन्हें कोई भी घेर सकता है जबकि जिला पंचायत अध्यक्ष की पहुंच ऊपर तक है इसलिए उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ेगा।
इनका कहना है
पूरे मामले से मैने सीएम साहब को अवगत करा दिया है उन्होंने जांच करवाकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है यदि तीस दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं सड़क पर उतरकर आंदोलन करुंगा।
धर्मेन्द्र चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष सीहोर







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