मंगलवार, 29 नवंबर 2011

मिटटी धंसने से दो की मौत

सीहोर ग्राम बिजलोन में खराब बोरवेल का पंप को ठीक करने के लिए 25 फिट गहरे गडड़े में उतरे चार मजदूर मिटटी धंसने से उसमें दब गए। इस घटना में एक मजदूर की मौत हो गई, वहीं दो अन्य को गंभीर हालत में बाहर निकाला गया। चौथे मजदूर को निकालने का कार्य रात आठ बजे तक जारी था। मौके पर जेसीबी व अन्य साधनों से गडडे से मिटटी निकालने केे प्रयास किए जा रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम बिजलौन में बंद पड़े बोरबेल को सुधारने का काम बोर मालिक भागीरथ जाटव द्वारा करवाया जा रहा था। बोर की तीन दिन से बंद पड़ी मोटर को निकालने के लिए उसके आसपास 25 फिट गहरा गडडा खोदा गया था, जिसकी मिटटी गडडे् के आसपास ही जमा कर दी गई थी। इस गहरे गडड़्े में मोटर बाहर निकालने के लिए भागीरथ के दो पुत्र राकेश व चुन्नी लाल के साथ मजदूर बलराम पिता बलदेव व एक अन्य राहगीर राकेश पिता रामचरण नीचे उतरे थे। शाम पांच बजे जिस समय यह लोग मोटर निकालने का प्रयास कर रह ही रहे थे कि इनके ऊपर आसपास की मिटटी धंसलकर नीचे आ गई। जिसके नीचे चारों गहराई में दब गए। घटना की जानकारी मिलने पर जेसीबी सहित अन्य साधनों से इन्हें निकालने का अभियान प्रांरभ किया गया। मौके पर पहुंचे लोगों की मदद से प्रशासन ने मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान शाम पांच बजे के आसपास प्रारंभ किया। ग्रामीणों की सहायता से 2० फिट गहरे गडड़े की मिटटी हटाने का कार्य प्रारंभ किया गया। गडड़े से सबसे पहले छह बजे के आसपास 18 वर्षीय राकेश पिता भागीरथ नामक व्यक्ति को निकाला गया। इसके 20 मिनिट बाद 40 वर्षीय पुत्र राकेश पिता रामचरण को भी सकुशल निकाल लिया गया। दोनों के हाथों व पैरों में दबने के कारण अंदरूनी चोटें आई, जिनका उपचार मौके पर खड़ी 108 एंबूलेंस में किया जा रहा था। शाम 6:30 बजे नीचे दबे 25 वर्षीय चुन्नीलाल पिता भागीरथ को निकाला गया। इसकी मौत गडड्े में ही हो चुकी थी। चौथे ओर सबसे नीचे दबे बलराम पिता बलदेव को निकालने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करना पड़ी। रात 7:३० बजे इसे निकाला गया। इसकी नब्ज चलने के कारण इसे तत्काल 108 एंबूलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। लेकिन यहां उसकी मौत हो गई। गहरे गडड़े से निकाले गए तीसरे युवक चुन्नीलाल की सांसों को वापस लाने के लिए जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों के साथ ही 108 एंबूलेंस पर तैनात चिकित्सक ने काफी प्रयास किए। 15 मिनिट तक युवक के सीने की पंपिंग की गई, साथ ही इसे आक्सीजन भी दी गई। काफी प्रयासों के बाद भी जब युवक के शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो वरिष्ठ चिकित्सक डा ए कुरैशी ने मृत घोषित कर दिया।

Share

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites