सोमवार, 28 नवंबर 2011

सेंटर पीजीका, परीक्षा.......

सीहोर। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय किस तरह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है, इस बात का अंदाजा आज उस समय लगा जब 200 से अधिक छात्र-छात्राएं सोमवार को 2 बजे हाथों में पीजी कॉलेज सेंटर का प्रवेश पत्र लेकर कॉलेज में परीक्षा देने पहुंचे, लेकिन जब उन्हें अचानक बताया गया कि उनका सेंटर पीजी कॉलेज न होकर स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी कॉलेज है। आनन-फानन में यह छात्र अपना भविष्य बनाने के जैसे-तैसे प्रायवेट कॉलेज पहुंचे और करीब एक घंटे की देरी से परीक्षा में सम्मिलित हो सके।

गौरतलब है कि इन दिनों शासकीय पीजी कॉलेज सीहोर में छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं इसी के तहत सोमवार को बीएससी रसायन शास्त्र के प्रथम सेमेस्टर एवं ऐटीकेटी की परीक्षाएं आयोजित होना थीं, इसके लिए कॉलेज प्रबंधन द्वारा अपनी व्यवस्था के अनुसार 1200 छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन यूनिवर्सिटी की लापरवाही से करीब 250 छात्र हाथों में पीजी कॉलेज सेंटर का प्रवेश पत्र लेकर परीक्षा देने जा पहुंचे, जिन्हें देखकर कॉलेज प्रबंधन भी सकते में आ गया। और तत्काल स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी कॉलेज को सेंटर बनाया गया, लेकिन बाहर से परीक्षा देने पहुंचे छात्र-छात्राओं को इन दोनों ही कॉलेजों का पता मालुम न था, जिस कारण वह करीब 1 घंटे की देरी से परीक्षा हाल में पहुंचे और परीक्षा में भाग ले सके।
200 से अधिक पेपर की फोटोकापी
जहां एक ओर यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों को भेजे गये प्रवेश पत्र में परीक्षा सेंटर गलत बताया गया, वहीं परीक्षार्थियों की संख्या के हिसाब से प्रश्न पत्र भी नहीं पहुंचाये गये। हालात यह रहे कि जिस प्रश्न पत्र के लिफाफे पर प्रश्न पत्र की संख्या 100 अंकित थी उसमें मात्र 40 प्रश्न पत्र ही निकले, जिस कारण मजबूरी में 200 से अधिक प्रश्न पत्रों की फोटोकापी कराकर परीक्षार्थियों को हल करने के लिए दी गई।
जमीन पर बैठकर दी परीक्षा
सोमवार को पीजी कॉलेज में आयोजित परीक्षा के दौरान संख्या से अधिक छात्र-छात्राओं के पहुंचने के कारण अव्यवस्था का आलम निर्मित हो गया, हालात यह रहे कि जहां परीक्षार्थियों ने लाईब्रेरी और लेब में बैठकर अपने प्रश्न पत्र हल किये, वहीं कई छात्र-छात्राओं को बरामदे में नीचे बैठकर प्रश्न पत्र हल करने को मजबूर होना पड़ा। परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र में दिये गये गलत सेंटर के कारण वह मानसिक रूप से प्रताडि़त होते हुए देखे गये। हालांकि कॉलेज प्रबंधन द्वारा उन्हें प्रश्न पत्र हल करने के लिए पूरे 3 घंटे का समय दिया गया, जिस कारण बाहर के छात्रों को सीहोर में ही रात्रि विश्राम करते हुए अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इनका कहना है
हमारे पास मात्र 1200 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था है, इस बात से हमने 15 दिन पूर्व ही यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया था, लेकिन उन्होंने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिस कारण आज यह अव्यवस्था निर्मित हुई है। फिर भी हमने तत्काल व्यवस्था कर छात्रों की परीक्षाऐं लीं, साथ ही हमने आज आयोजित होने वाली बीसीए और बीकॉम की परीक्षाओं को स्थगित करवा दिया, अन्यथा अव्यवस्था और भी बढ़ जाती, जिसे संभालना मुश्किल होता।
जीडीसिंह, प्राचार्य शासकीय पीजी कॉलेज सीहोर

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