सीहोर। पूरे देश में इस समय महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। लगभग हर राज्य में महिलाएं उत्पीड़न की शिकार बन रही हैं। लचर कानून व्यवस्था और सख्ती के अभाव में अपराधियों के हौंसले बुलन्द हो रहे हैं और महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। देश की कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए बलात्कार जैसे घृणित अपराध करने वाले आरोपियों को सरेआम फांसी पर लटका देना चाहिए।
इस आशय का बयान जारी करते हुए संस्कार भारती की प्रदेश मातृशक्ति प्रमुख एवं सर्वधर्म महिला समिति की अध्यक्ष उषा सक्सेना ने कहा कि हाल ही में दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार कांड की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना दिल्ली प्रशासन के मुंह पर करारा तमाचा है जिसने वहां की लचर कानून व्यवस्था को साबित कर दिया है। इसके पहले भी दिल्ली में ऐसी वारदातें हो चुकी हैं। एक ओर जहां महिलाएं हर क्षेत्र में तरक्की कर हमारे देश का नाम रोशन कर रही हैं वही उनके साथ ऐसी हरकतें भी बढ़ती जा रही है। गन्दी मानसिकता वाले ऐसे लोग जो जीवन में कुछ करने की हालत में नहीं हैं, वे ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर अपनी कुत्सित भावनाओं को स्पष्ट करते हैं। मानसिक रूप से बीमार ऐसे लोगों की न तो देश को आवश्यकता है और न ही समाज को जरूरत। ऐसे लोगों के खिलाफ जब तक देश का कानून स त से स त सजा नहीं देगा तब तक ऐसी वारदातों को रोका जाना संभव नहीं है। प्रेम और शांति व दया जैसे शब्दों को इन घृणित अपराधियों के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और उन्हें चौराहे पर सरेआम फांसी पर लटका देना चाहिए तभी अपराधियों में डर बैठेगा तभी वे महिलाओं का स मान करना सीखेंगे। बयान जारी करने वालों में संस्कार भारती एवं सर्वधर्म महिला समिति की पदाधिकारियों सर्वश्री श्रीमति वीणा व्यास, श्रीमति शोभा चांडक, श्रीमति वर्षा नायक, डा. मालती आर्य, अनीता भालेराव, अरूणा हर्षे, हेमलता राठौर, रजनीगंधा राठौर, संतोष विजयवर्गीय, ज्योति रूठिया,ज्योति अग्रवाल, प्रीति शर्मा, बबली शर्मा, संध्या कोली, मधु अग्रवाल, सिस्टर टेरेसा, अनीता कोली, मीना जयपुरिया, प्रभा पालीवाल, श्रीमति परवीन, श्रीमति नफीसा, अनीता दुहुण, प्रेमलता राठौर आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।








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