रेहटी । ग्राम पंचायत बोरदी के ग्राम भूरी टेक में भूरीटेक पूर्ण रूप से जनजाति परिवारों का गांव है और यहां पहचने के लिए ना तो सड़क है, बिजली है भी तो आदिवासी तार डालकर जला रहे है। सुविधा के नाम पर स्कूल है। लेकिन इनमें सुविधाएं नहीं है आंगनबाड़ी केन्द्र है लेकिन विगत छ: माह से आंगनबाड़ी सहायक को कोई राशि नहीं मिलने से आंगनबाड़ी खोलकर बैठ जाते है। लेकिन नाश्ता या अन्य सुविधाएं नहीं दे पाते है। क्योंकि छ: माह से यह सुविधाएं मिल रही है। ऐसे ही हालात ग्राम भूरीटेक के स्कूल के है। स्कूल में छात्र-छात्राओं को नियमित मध्यान् भोजन नहीं मिल पाता है। यह मध्यान् भोजन रेवा रूलर स्वंय सहायता समूह चला रहा है। कभी सप्ताह में दो दिन तो कभी तीन दिन भोजन नहीं मिल पाता है। भोजन करने इन आदिवासी जनजाति परिवार के बच्चों को स्कूल छोड़कर अपने-अपने घर जाना पड़ता है। अभी भी तीन दिनों से मध्यान् भोजन छात्र-छात्राओं को नहीं दिया जा रहा है। क्योंकि मध्यान् भोजन बनाने वाली महिला के परिवार में कोई स्वर्गीय हो गया है इस कारण मध्यान् भोजन नहीं बन रहा है। स्कूल के छात्र-छात्राएं अपने घरों पर भोजन करके आ रहे है। स्कूल में गणेश छात्र ने बताया कि मध्यान् भोजन जब मिलता है तब भी दो, रोटी और अधिक पानी वाली एक चम्मच सब्जी या दाल दी जाती है। जिससे पेट नहीं भरता दो रोटी से अधिक मांगने पर मना कर दिया जाता है। कहा जाता है कि रोटी खत्म हो गई है। यह व्यवस्था वर्षो से ऐसी ही चली आ रही है कई बार तो अधिक रोटी मांगने पर छात्र-छात्राओं को गालियां भी खाना पड़ता है। मध्यान् भोजन बनाने वाली समूह की महिलाएं अपने-अपने परिवार के लिए स्कूल के मध्यान् भोजन से ही भोजन अपने घर ले जाती है और कहती है कि हम खाना बना रहे है तो हमारा परिवार भी यहीं से खाना खाएगा। छात्रा संगीता ने बताया कि पढ़ाई के नाम पर तीन, चार शिक्षक है लेकिन पानी नहीं होने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आधा किलोमीटर दूर से पीने का पानी लाना पड़ता है बिना पानी के शौचालय बेकार है। स्कूल में दो शौचालय अलग-अलग बनाए गए है। लेकिन पानी के अभाव के कारण शौचालय अर्थहीन है। गांव में पानी की समस्या भूरीटेक, कावड़, जमोनिया गांव की है। इन गांवों में हेंडपम्प तो है लेकिन जल स्तर नीचे जाने के कारण सभी सूख गए है। गांवों में सड़क की बात तो अलग है आम रास्ते भी नहीं है। कच्चे रास्ते भी नहीं है।
इनका कहना है
पानी की समस्या है भवन भी क्षतिग्रस्त हुआ है लेकिन नया भवन जल्द ही बनने वाला है। मध्यान् भोजन बनाने वाली महिला के परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो गई है। इस कारण मध्यान् भोजन दो दिनों से नहीं मिल पा रहा है।
जगदीश चौहान प्रभारी शिक्षक, प्राथमिक शाला भूरीटेक








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