शुक्रवार, 2 दिसंबर 2011

पुरूष नर्स के साथ मारपीट

आष्टा। वार्ड में नर्स की कुर्सी पर बैठकर इलाज के कागजों को एवं अन्य शासकीय दस्तावेजों के पन्ने पलटने पर एतराज जताया तो तीन युवकों ने मिलकर सिविल अस्पताल में पदस्थ पुरूष नर्स विकास के साथ मारपीट की और फिर फरार हो गए। पुलिस ने विकास की रिपोर्ट पर तीनों आरोपियों के विरूद्ध मामला दर्ज किया है। इस घटना से एक बार फिर अस्पताल में पुलिस की मांग ने जोर पकड़ लिया है, लेकिन अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए है।
शुक्रवार की रात दस बजे के लगभग मजहर नामक बीमार को लेकर आए तीन युवकों में से एक युवक पुरूष वार्ड में मौजूद नर्स विकास की कुर्सी पर बैठ गया और फिर इलाज के पर्चे और अन्य दस्तावेजों के पन्ने पलटने लगा, इस पर विकास ने युवक से कहा कि वह इन दस्तावेजों को हाथ नही लगाए और साथ ही उसकी कुर्सी से उठे। इतना कहते ही कुर्सी पर बैठा युवक और उसके दो अन्य मददगार विकास के साथ मारपीट करने लगे। यह देख वार्ड में मौजूद लोगों एवं अन्य स्टॉफकर्मियों ने बीचबचाव किया। बाद में तीनों युवक भाग निकलें। विकास की रिपोर्ट पर पुलिस ने तीन आरोपियों के विरूद्ध मामला दर्ज किया है। इधर 45 दिन पूर्व सिविल अस्पताल में मौजूद पुलिस को हटा लिया गया है, नतीजा यह हो रहा है कि आए दिन अस्पताल में शराब पीकर हंगामा करने वाले तो अस्पताल को सराए समझकर रात्रि विश्राम करने वालों का समूह जमा हो जाता है। जो रात्रि को अस्पताल की व्यवस्था में तो बाधक बनता ही है, साथ ही मरीजों के लिए भी परेशानी का कारण बन जाता है। रोज-रोज के पंगों से तंग आकर अब जहां चिकित्सक इस मामले में कुछ भी बोलना नही चाहते, वहीं स्टॉफ के लोग भी अपने स्तर पर इस मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए है। कुल मिलाकर पुलिस की अनुपस्थिति के चलते अस्पताल में इस तरह के दृश्य आम होते जा रहे है।

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