शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011

यह है मस्त अधिकारी




श्रवण मावई
सीहोर। बड़े अधिकारियों को अक्सर बेवजह गंभीर होने का भम्र बना रहता है वे अपने आसपास ऐसा माहौल भी बनाए रखते हैं, लेकिन जो वास्तव काम में विश्वास रखते हैं उन्हें मस्ती करने से भी गुरेज नहीं होता ऐसे ही एक अधिकारियों की एक टीम जिला मुख्यालय पर कार्य कर रहीहै जिनमें संयुक्त कलेक्टर से लेकर तहसीलदार तक शामिल है।
शहर में अतिक्रमण हटाने से लेकर अवैध उत्खनन तथा राजस्व रिकार्डों को दुरस्त किए जाने के मामले में किए गए कार्यों की जितनी प्रशंसा की जा सकती है उतनी कम है बैखोफ ओर निष्पक्षता से किए गए इन कार्यों को कुछेक अधिकारियों ने बखूबी से किया है, जिनमें अतिरिक्त कलेक्टर गिरीश शर्मा, एसडीएम इच्छित गढ़पाले, तहसीलदार अल्का इक्का, राजेश पंवार और नरेन्द्र ठाकुर शामिल है।
काम भी मस्ती भी
इन अधिकारियों की टीम ने कठिन काम को भी सहज ढंग से निपटा दिया और काम के दौरान मस्ती भी की हाल ही में अवैध उत्खनन को लेकर काले पहाड़ पर जांच करने पहुंचे इन अधिकारियों ने जमकर मस्ती की और अपने शोक को भी जगजाहिर किया।
फोटोग्राफी में अजमाए हाथ
संयुक्त कलेक्टर गिरीश शर्मा ने अपने फोटोग्राफी के शोक को सावर्जनिक किया उन्होंने एक फोटोग्राफर का केमरा लेकर पहाड़ के मनोहारी दृश्य केमरे में कैद किए और फोटोग्राफी के टिप्स भी लिए।
पानी पर पत्थर उछाला
मस्ती करने एसडीएम इच्छित गढ़पाले भी पीछे नहीं रहे उन्होंने पहाड़ पर खोदे गए गड्डों में जमा पानी पर पत्थर उछालने के करतब दिखाएंं। जिसे देखकर वहां मौजूद अन्य अधिकारी भी पत्थर फेंकने लगे।
दूर से लिए मजे
तहसीलदार अल्का इक्का, राजेश पंवार और नरेन्द्र ठाकुर ने अधिकारियों की मस्ती के मजे दूर से लिए।
तनाव होता है कम
इन अधिकारियों का मानना है कि काम के दौरान होने वाले तनाव को कम करने के लिए कुछ मस्ती करली जाई तो तनाव कम होता है ओर यह सही भी है।

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