
सीहोर। जिला रोजगार कार्यालय की व्यवस्थाएं पिछले तीन माह से महज दस हजार रुपए के कारण ठप पड़ी हैं। कार्यालय में कामकाज नहीं होने के कारण कर्मचारी खासे परेशान हैं वहीं अधिकारी विहीन कार्यालय में पहुंच रहे लोग भी महज पूछताछ कर वापस लौट रहे हैं।
प्रदेश सरकार के सभी कार्यालय हाइटेक हो चुके हैं। इन कार्यालयों में कामकाज भी इंटरनेट के जरिए ही ऑन लाइन संपन्न किए जा रहे हैं। दूसरी ओर तीन महीने से जिला रोजगार कार्यालय का ब्राडबैंड कनेक्शन का भुगतान नहीं होने के कारण बंद पड़ा है। बताया जाता है कि कार्यालय के ब्राडबैंड कनेक्शन का बिल 10 हजार रुपए से अधिक बकाया है। जिसके चलते भारत संचार निगम लिमिटेड ने रोजगार कार्यालय का कनेक्शन काट दिया है। ब्राडबैंड बंद होने के कारण कार्यालय का ऑन लाइन संपर्क कट गया है। पिछले तीन माह से यहां के कर्मचारी जानकारियों को ऑनलाइन अद्यतन नहीं कर पा रहे हैं।
क्या है इंटरनेट का विभागीय उपयोग?
मप्र सरकार द्वारा समस्त विभागों को ऑन लाइन किए जाने के तहत जिला रोजगार कार्यालयों को ऑन लाइन एमप्लॉयमेंट एक्सचेंज(ओलेक्स) के जरिए जोड़ा गया है। इसके तहत ऑन लाइन रोजगार पंजीयन, स्वरोजगार योजनाएं, विभिन्न आवेदन पत्र, औद्योगिक संपर्क, रोजगार मेले, कॅरियर काउंसलिंग आदि के बारे में जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध कराई जाती है। इन सूचनाओं को संबंधित जिला रोजगार कार्यालय से प्रतिदिन अपडेट किया जाता है। इसके अलावा विभाग द्वारा समय-समय पर जारी शासकीय आदेश, विभागीय पत्र, कर्मचारियों से संबंधित स्थानांतरण, प्रमोशन आदि की सूचियां भी ऑन लाइन ही प्रतिदिन अपडेट की जाती हैं। इसके अलावा जिला मु यालयों से समय-समय पर चाही गई जानकारियां भी ई-मेल के जरिए प्रधान कार्यालय को प्रेषित की जाती हैं। इंटरनेट कनेक्शन बंद हो जाने के कारण पिछले तीन माह से जिला मु यालय के काम काज की ऑन लाइन फीडिंग नहीं हो पा रही है।
लिए जा रहे सिर्फ आवेदन
जिला रोजगार कार्यालयों में ऑन लाइन पंजीयन की व्यवस्था है। यहां जो भी ििशक्षत बेरोजगार पंजीयन कराने के लिए आता है, उसका आवेदन लेने के बाद संपूर्ण जानकारी ऑनलाइन फीड की जाती है। इसके बाद पंजीयनकर्ता को एक विशेष पहचान नंबर और ग्रेड प्रदान किया जाता है। आवेदक को दिए गए पंजीयन प्रमाण पत्र में यह दोनों की जानकारियां दर्ज की जाती हैं। यह पहचान नंबर और ग्रेड ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। ग्रेडिंग के आधार पर ही विभाग द्वारा समय-समय पर रोजगार के लिए सूचना पत्र भेजे जाते हैं। पिछले तीन माह से ऑनलाइन आवेदन नहीं होने के कारण यहां आने वाले आवेदनों को लेकर रखा जा रहा है। ग्रेडिंग व पंजीयन नंबर के लिए युवाओं को परेशान होना पड़ रहा है।
इनका कहना है
इस संबंध में जिला रोजगार कार्यालय के प्रभारी और लेखापाल बीके उइके ने बताया कि बीएसएनएल द्वारा भेजे गए सभी बिलों का प्रतिमाह भुगतान किया जाता रहा है। इसके बाद भी दस हजार रुपए का बिल बकाया हो गया है। इसमें कुछ राशि लेटफीस आदि की भी है। बिल जमा कराने के लिए अतिरिक्त आवंटन के लिए आवेदन दिया है, जिसकी स्वीकृति भी हो गई है। जिला कोषालय से ई-पेमेंट के जरिए बीएसएनएल को जल्द ही भुगतान हो जाएगा। इसके बाद काम सुचारु रूप से चल सकेगा।
अधिकारी विहीन है कार्यालय
करीब तीन माह पहले जिला रोजगार अधिकारी श्रीमती वर्मा का स्थानांतरण हो गया है। यहां किसी अधिकारी की पदस्थापना नहीं की जा सकी है। कार्यालय की व्यवस्थाओं को चलाने के लिए भोपाल कार्यालय के एमके दुबे को सीहोर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। श्री दुबे भी खास मौकों पर ही यहां आते हैं। बाकी समय में कार्यालय की समस्त जि मेदारियों का निर्वाहन लेखापाल बीके उइके और लिपिक श्री राठौर द्वारा ही किया जा रहा है। गौरतलब है कि जिला मु यालय पर कई विभागों का कामकाज प्रभारियों द्वारा संचालित किया जा रहा है। अनेक विभागों में अधिकारियों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। जिला रोजगार अधिकारी के पद पर स्वतंत्र अधिकारी के पदासीन नहीं होने के कारण रोजगार मेले आदि के भी आयोजन नहीं हो पा रहे हैं, जबकि पूर्व में कई मेले यहां आयोजित हुए हैं।







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