सीहोर। विभाग में कार्यरत एक दैनिक वेतन भोगी के वेतन के वर्षो से लंबित एक लाख 55 हजार रुपए से कुछ अधिक के भुगतान को लेकर श्रम न्यायालय ने जलसंसाधन विभाग कार्यालय की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश पारित किए हैं। बुधवार को यदि विभाग भुगतान की राशि नहीं जमा करता है तो उसकी संपत्ति को कुर्क किए जाना तय है।
कई वर्षो से जलसंसाधन विभाग में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के रूप में काम करने वाले अनिल दुबे ने अपने बकाया वेतन को लेकर श्रम न्यायालय में गुहार लगाई थी। सूत्रों की माने तो मजदूर को बिना किसी नोटिस के पद से विभाग द्वारा हटा दिया गया था, अपने बकाया वेतन को लेकर वह श्रम न्यायालय गया, जहां से श्रम न्यायालय क्रमांक-२ द्वारा आदेश क्रमांक ३१/एमपीआर/०२२७/२/०७ को आवेदक के हित में निर्णय पारित करते हुए रुपए 155698 रुपए का भुगतान करने के आदेश कार्यपालन यंत्री जलसंसाधन विभाग को दिए। लेकिन इस आदेश के बाद भी भुगतान न होने पर आवेदक ने जिला कलेक्टर को गुहार लगाई। कलेक्टर सीहोर द्वारा अपने पत्र क्रमांक १५४/आरएम/२००८ दिनांक ११ अगस्त ०८ को तहसीलदार सीहोर को वसूली पत्र जारी किया गया, जिसके संदर्भ में श्रम न्यायालय द्वारा 18 जून १० को कुर्की आदेश दिए गए। लेकिन इसके बाद भी राशि का भुगतान न होने पर तहसीलदार सीहोर को कुर्की वारंट तामील कराने के आदेश दिए गए।
होगी कुर्की की कार्रवाई
तहसीलदार सीहोर अलका इक्का ने बताया कि न्यायालय से कुर्की वारंट प्राप्त हुआ है। इस कुर्की वारंट को तय तारीख पर तामील कराया जाएगा। कुर्की वारंट में विभाग की चल-अचल संपत्ति के रूप में दो जीपें, चार क प्यूटर सेट, गोदरेज की चार अलमारी, कुर्सी-टेबिल तीन नग बताई गई है।
टल सकती है कुर्की
जानकारी के अनुसार यदि बुधवार को जल संसाधन विभाग दैनिक वेतन भोगी के वेतन के 1 लाख 55 हजार रूपये देने के लिए राजी हो जाता है तो कुर्की की कार्रवाई टल सकती है अन्यथा कार्रवाई होगी।
एसडीओ पेशी पर और इन्हें जानकारी नहीं
इस मामले में जल संसाधन विभाग के ईई अविनाश कुलकर्णी ने मामले की जानकारी होने से इंकार कर दिया लेकिन मजे की बात यह है कि उन्हें के विभाग के एसडीओ लगातार श्रम न्यायालय में पेशी पर जाते रहे और इन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। सवाल यह उठता है कि इसे लापरवाही कहे या कोरा झूठ ?
क्या बोले अधिकारी
हमें ऐसे किसी आदेश की जानकारी नहीं है, हम बुधवार को इसकी जानकारी प्राप्त करेंगे। फिलहाल इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
अविनाश कुलकर्णी, इई जलसंसाधन विभाग
कुर्की वारंट जारी हो गया है कुर्की की कार्रवाई बुधवार को होगी यदि जल संसाधन विभाग भुगतान की राशि जमा कर देता है तो कार्रवाई नहीं होगी और विभाग के ईई यदि इस मामले की जानकारी नहीं होने की बात कह रहे हैं तो वो गलत है। उनके एसडीओ लगातार कोर्ट में पेशी पर जाते रहे हैं तो उन्हें मामले की जानकारी होना लाजमी है।
अल्का इक्का, तहसीलदार सीहोर







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