सोमवार, 19 सितंबर 2011

ट्रेन स्टापेज की मांग को लेकर ट्रेन के आगे लेट गए लोग



सीहोर। ट्रेनों के स्टापेज के लिए रेलवे द्वारा दिए गए छह महीने के आश्वासन की समय-सीमा समाप्त होने पर प्रदर्शनकारियों ने फिर एक बार आंदोलन शुरू किया है। प्रदर्शन के तीसरे दिन सोमवार को आंदोलनकारियों ने रेल के आगे पटरी पर लेटकर अपना विरोध प्रदर्शन किया।रतलाम रेल मंडल के डीआरएम ने नगर के लोगों की उम्मीदोें पर पानी फेर दिया। जिला मुख्यालय पर ट्रेनों के स्टापेज की मांग कर रहे आंदोलनकारियों और लोगों की स्टापेज की मांग को उन्होंने सिरे से खारिफ करते हुए ट्रेन स्टापेज करवाना अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया। डीआरएम की इन बातों से आंदोलनकारी भड़क गए। इस दौरान लोगों ने जहां डीआरएम की स्पेशल ट्रेन के सामने बैठकर प्रदर्शन किया तो डीआरएम और रेल प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। दोपहर 12 बजे से प्रांरभ हुआ प्रदर्शनो का सिलसिला शाम चार बजे खत्म हो सका। इस दौरान उग्र भीड़ को काबू करने में रेलवे पुलिस के साथ मंडी पुलिस को भी भारी मशक्कत करना पड़ी।ट्रेन रोकने का किया प्रयास- डीआरएम की ट्रेन के गुजर जाने के बाद आंदोलनकारियों व भीड़ का आक्रोश कम होने की बजाए बढ़ गया। इस दौरान जहां प्रमुख आंदोलनकारी नौशाद खान ने मंगलवार से अपने आमरण अनशन की घोषणा कर दी। वहीं तीन बजे के आसपास आई पैंसेजर गांडीÞ को रोकने का प्रयास भी आक्रोशित भीड़ ने किया। इस दौरान मौके पर मौजूद पुलिस बल ने भीड़ सहित अन्य आंदोलनकारियों को समझाकर स्टेशन सीमा से बाहर कर दिया। आमरण अनशन की तैयारी- प्रमुख आंदोलनकारी नौशाद खान ने बताया कि पिछली बार दिया गया आश्वासन झूठा साबित हुआ है, अब हम रेल रूकने तक अपना आंदोलन नहीं रोकेंगे। उन्होंने बताया कि आने वाले एक-दो दिन में हम नगर बंद का आह्वान करने जा रहे हैं। साथ ही नगर के सभी व्यवसायिक संगठनों, व्यापारी संगठनों, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों से सहयोग की अपील करेंगे। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय होने के बाद भी यहां रेलवे की सुविधाएं तहसील के रेलवे स्टेशनों से भी बदतर हैं, कई ट्रेनें जो आगे की तहसीलों पर रूकती हैं यहां से बिना रूके गुजर जाती हैं। ट्रेन स्टापेज के लिए पिछले कई सालों से शहर के अनेक संगठनों द्वारा जनप्रतिनिधियों और रेलवे के अधिकारियों को मांग पत्र सौंपे गए हैं।

Share

Twitter Delicious Facebook Digg Stumbleupon Favorites