शुक्रवार, 23 सितंबर 2011

राजनीति की सीढ़ी पर नियमों का रोड़ा


सीहोर। राजनीति की पाठशाला में छात्र राजनीति में कक्षा पहली का दर्जा माना गया है और कक्षा पहली में प्रवेश लेने के इच्छुक कई विद्यार्थियों का मन इस बार के छात्र संघ चुनाव में मसोस गया। चूंकि निर्धारित नियमों के अनुसार अनेक ऐसे छात्र, जिन्होंने इस मर्तबा के छात्र संघ चुनाव से अपनी राजनीति सफर शुरु करने की उम्मीद लगा रखी थी, उनके लिए नियम रोड़ा बन गए और इस बार के चुनावों में जिलेभर में जो परिदृश्य सामने आया, उसमें कहीं भी यह नहीं दिखाई दिया कि जीतने को लेकर जद्दोजहद हो या फिर राजनीति।
शुक्रवार को कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव हुए, इन चुनावों में न केवल शासकीय कॉलेज बल्कि निजी कॉलेजों में भी छात्र राजनीति को लेकर वो गर्माहट मजसूस नहीं की गई, जिसकी उम्मीद छात्र नेताओं ने प्रत्यक्ष प्रणाली से होने वाले चुनावों के लिए की थी। मायूस वे नेता भी हुए, जिन्हें कहीं न कहीं इस बात की उम्मीद थी कि प्रत्यक्ष प्रणाली से होने वाले छात्र संघ चुनाव के उपरांत कुछ ऐसे छात्र नेता राजनीति में आएंगे, जिनके कंधे पर आगामी समय में राजनीति का वजन रखा जा सके, लेकिन ऐसा हुआ नहीं और प्रत्यक्ष प्रणाली से हुए इन चुनावों में राजनीति की सीढ़ी पर ऐसा रोड़ा अटकाया कि अच्छे-अच्छे से मैदान से बाहर हो गए। नियमों के अड़ंगे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इछावर के कॉलेज में चुनाव निर्विरोध होने की स्थिति में निरस्त कर दिए गए। वहीं सीहोर में कई पदाधिकारी निर्विरोध हुए। इसी तरह नसरुल्लागंज, रेहटी, आष्टा की बात की जाए तो यहां भी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। निर्विरोध निर्वाचित होना इस बात का संकेत होता है कि संबंधित पदाधिकारी में दम हैं, लेकिन यहां यह बात सही नहीं है। चूंकि छात्र संघ चुनाव में अनेक उम्मीदवार इसलिए निर्विरोध निर्वाचित हो गए चूंकि उस वर्ग में कोई दूसरा उम्मीदवार पात्र ही नहीं था।
राजनीतिक दलों में निराशा
छात्र संघ चुनाव में अच्छे नेतृत्व करने वाले नेताओं का मिलना लगभग तय रहता है। यह ऐसे चुनाव हैं, जिसमें इस बात पर मुहर लग जाती है कि चुना गया नेता आगामी दिनों में राजनीति में चमकेगा जरुर। राजनीतिक दलों ने इस बार भी कुछ ऐसी ही उम्मीद लगाई, चूंकि लंबे अंतराल पर प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव हुए, परंतु राजनीति दलों को निराशा हाथ लगी। प्रत्यक्ष प्रणाली में ऐसे नियमों को बनाया गया कि चुनाव नीरस हो गए और अनेक उम्मीदवारों को चुनाव से अपने आप को अलग करना पड़ा।
चुनाव निरस्त कराने की मांग
अभाविप कार्यकर्ताओं ने सीहोर पीजी कॉलेज के चुनाव निरस्त कराने की मांग करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कॉलेज प्राचार्य जीडी सिंह ने उनके कार्यकर्ता राहुल राठौर और श्वेता शर्मा के आवेदन निरस्त कर दिए, जिससे अभाविप छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव ऐन टाईम पर नहीं लड़ सका। छात्रों का कहना है कि पहले नामांकन की जांच के बाद दोनों को कक्षा प्रतिनिधि निर्वाचित घोषित किया गया था। इसके बाद उन्हें अयोग्य घोषित करना सोची समझी रणनीति के तहत दुराभावपूर्वक किया गया है। कार्यकर्ताओं ने चुनाव निरस्त करने की मांग
छात्र संघ चुनाव परिणाम
शासकीय चंद्रशेखर आजाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय : अध्यक्ष कविता जायसवाल, उपाध्यक्ष प्राची शर्मा, सचिव ओमप्रकाश राजपूत, सहसचिव निखलेश सोनी, यूआर निरंक।
शासकीय कन्या महाविद्यालय सीहोर : अध्यक्ष निरंक, उपाध्यक्ष मनीषा गौर, सचिव पूजा पाटीदार, सहसचिव रुपाली राठौर, यूआर निरंक।
डिग्री कॉलेज इछावर : चुनाव नहीं हो सके।
डिग्री कॉलेज आष्टा : अध्यक्ष कुलदीप ठाकुर, उपाध्यक्ष पूजा मेवाड़ा, सचिव अर्जुन सिंह जलवाया, सहसचिव पारुल ताम्रकार, यूआर वंदना वर्मा।
डिग्री कॉलेज नसरूल्लागंज : अध्यक्ष जितेंद्र पंवार, उपाध्यक्ष शुभम पंवार, सचिव राजकुमारी, सहसचिव अनिल यदुवंशी, युआर जितेंद्र बकोरिया।
डिग्री कॉलेज रेहटी : अध्यक्ष कपिल चौहान, उपाध्यक्ष हरीश महेश्वरी, सचिव शिवानी बलभद्र, सह सचिव विशाखा सिसोदिया, युआर मंगल सिंह चंद्रवंशी।
डिग्री कालेज बुधनी : अध्यक्ष जगदीश उईके, उपाध्यक्ष ममता यादव, सचिव सरवदी अहिरवार, सह सचिव हेमलता मीणा और युआर राकेश मालवीय को निर्वाचित घोषित किया गया है।
राय भंवरसिंह कॉलेज नसरुल्लागंज : यहां 17 कक्षा प्रतिनिधि चुने जाने थे, लेकिन एक भी नामांकन जमा नहीं हुआ।

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