यातायात में बाधक अतिक्रमण हटाएं : कलेक्टर
सीहोर। सड़कों पर आवारा पशु पाए जाने पर अब पशुपालकों की खैर नहीं है। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने अधिकारियों को तीन दिन की मोहलत देते हुए आवारा पशुओं के खिलाफ सख्ती से पेश आने के निर्देश दिए हैं। इसी तरह यातायात में बाधक स्थानों को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने, सड़कों के गड्डों की तत्काल मरम्मत कराने, अवैध रूप से घरेलु गैस से संचालित वाहनों के खिलाफ कार्यवाही करने और यात्री बसों में ओव्हर लोडिंग एवं प्रति स्पर्धा के चलते संभावित घटनाओं को रोकने के लिए अभियान चलाने के भी निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने यह निर्देश सोमवार को आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री के.डी.पाराशर, संयुक्त कलेक्टर श्री सुभाष द्विवेदी, आरटीओ श्री राज नारायण, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण श्री हनफी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री धर्मेन्द्र शर्मा, एसडीएम श्री इच्छित गढ़पाले सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
आवारा पशु दिखे तो खैर नहीं
कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने बैठक में अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि मुझे सड़कों पर आवारा पशु दिखना नहीं चाहिए। उन्होंने आवारा पशुओं के खिलाफ तीन दिवस में सख्ती से कार्यवाही करने की ताकीद करते हुए अधिकारियों को अभियान चलाने और संबंधित पशु पालकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाइवे तथा अन्य सड़क मार्गों पर पशुओं के बैठने से जहां मार्ग अवरूद्ध होता है वहीं यह स्थिति दुर्घटना का कारण भी बनती है जिसे सख्ती से रोका जाना जरूरी है।
तो पशुओं को सही जगह भेजा जाएगा
कांजी हाउस और गौ शाला में भेजे जाने के बावजूद पशु पालकों और गौ शाला संचालकों द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही का अधिकारियों द्वारा हवाला दिए जाने पर कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने कहा कि ऐसे पशुओं को उन अन्त्योदय परिवारों को सौंप दिया जाए जिनके बच्चे कुपोषित हैं। उन्होंने एसडीएम श्री इच्छित गढ़पाले को गौ शालाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए और कहा कि गौ शालाओं के नियम विरूद्ध संचालन पाए जाने पर संबंधित गौ शाला के अनुदान रोकने की कार्यवाही की जाए।
वाहन चैकिंग अभियान चलाएं
बसों में ओव्हर लोडिंग एवं प्रति स्पर्धा के कारण संभावित दुर्घटनाओं को रोकने संबंधी चर्चा के दौरान कलेक्टर ने पुलिस एवं परिवहन विभाग के संयुक्त चैंकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी से कहा कि वे स्कूली बच्चों को लाने ले जाने वाले वाहनों के परमिट, फिटनेस आदि की जांच करें और एलपीजी गैस से संचालित वाहनों के खिलाफ खाद्य अमले के सहयोग से सख्त कार्यवाही करें। स्कूली वाहनों में भी ओव्हर लोडिंग नहीं हो, आॅटो रिक्शा में सुरक्षा जाली अनिवार्यतº लगी हो, वाहन चालक वर्दी में रहें इसकी जांच की जाए। बगैर रजिस्ट्रेशन चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही की जाए। वाहनों में लाइट और रिफ्लेक्टर हो यह सुनिश्चित किया जाए।
महिलाओं से अभद्रता बर्दाश्त नहीं
यात्री बसों में महिलाओं और छात्राओं के साथ अभद्रता करने वाले अब बच नहीं पाएंगे। उनके खिलाफ सख्ती से पेश आने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं। बैठक में कलेक्टर डॉ. गोयल ने कहा कि महिलाओं एवं छात्राओं के लिए यात्री बसों में सीट आरक्षित कर उनकी सुविधा का ध्यान रखा जाए और उनके साथ किसी तरह की अभद्रता और दुर्व्यवहार नही हो यह सुनिश्चित करने के लिए सभी बस संचालकों को सूचित कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और छात्राओं से किए गए दुर्व्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसा करने वाले को जेल भेजा जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे यात्री बसों पर निगाह रखें, छात्राओं और महिलाओं से जरूरी पूछताछ करें। बस कन्डेक्टर ड्रेस में रहें जिस पर उसकी नेम प्लेट लगी हो यह सुनिश्चित किया जाए। पुलिस अधीक्षक श्री के.डी.पाराशर ने बताया कि किसी भी महिला या छात्रा द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायत पुलिस कंट्रोल रूप के दूरभाष क्रमांक 227004 अथवा 100 नंबर पर की जा सकती है और पुलिस को शिकायत मिलने पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
विद्यार्थियों के लिए शिविर लगाएं
बैठक में स्कूली बच्चों को वाहन चलाने का लायसेन्स जारी करने के लिए कलेक्टर ने आरटीओ को शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीईओ से कहा कि वे स्कूली बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण दिलाने की कार्यवाही करें।
अब बस स्टेन्ड आएंगी सभी बसें
कलेक्टर डॉ. गोयल ने सीहोर बस स्टेन्ड पर नहीं आने वाली बसों की सूची तैयार करने के निर्देश आरटीओ को दिए हैं। उन्होने कहा कि ऐसी बसें जिनका सीहोर स्टापेज है और वे सीधे बायपास से निकल जाती हैं उन बस आॅपरेटरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। कलेक्टर द्वारा यह निर्देश सीहोर वासियों की आवागमन सुविधा का ध्यान रखते हुए दिए गए हैं।
यह भी निर्देश
बैठक में खतरनाक पुल, पुलिया, रपटा एवं दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने और सावधानी सूचक बोर्ड लगाने, दूकानों के सामने वाहनों की पार्किंग के लिए लाइन डालने, स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल आने व जाने वाले वाहनों पर निगरानी के लिए टीचर की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।







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