गुरुवार, 29 सितंबर 2011

बेटी वाले दम्पत्तियों का सम्मान करेगा महिला-बाल विकास विभाग

सीहोर : मध्यप्रदेश में पाँच अक्टूबर से प्रारंभ हो रहे ""बेटी बचाओ अभियान"" को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग सक्रियता से जुट गया है। अभियान के लिये नोडल विभाग घोषित हो चुके महिला एवं बाल विकास विभाग को जिन गतिविधियों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनसे बेटियों वाले परिवार स्वयं को गौरवान्वित महसूस करेंगे। सीहोर जिले में "बेटी बचाओ अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। इस सिलसिले में कलेक्टर डॉ. संजय गोयल द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग कम शिशु लिंग अनुपात वाले जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर तथा उनमें सिर्फ बेटियों वाले दम्पत्तियों को सम्मानित करायेगा। विभाग विभिन्न समुदायों के साथ संवाद कर उनके द्वारा समाज में किये जाने वाले प्रयासों की रणनीति भी तैयार करेगा। इसके साथ ही हर साल विभाग एक नियत तिथि को ""बेटी दिवस"" का आयोजन भी करेगा, जो किसी प्रसिद्ध महिला के जन्म-दिवस पर होगा। जिले में बेटी बचाओ अभियान का नेतृत्व जिले की महिला जन-प्रतिनिधियों/समाज सेविकाओं को सौंपा जायेगा।अभियान में विशिष्ट योगदान प्रदान करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी हर वर्ष पुरस्कृत किया जायेगा। बेटियों को गोद लेने वाले अभिभावकों और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाली बेटियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने की भी पहल की जायेगी। ""सिर्फ बेटी वाले परिवार क्लब"" के सदस्यों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़कर गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। दहेज माँगने वाले एवं देने वाले परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने के लिये जन-जागृति लायी जायेगी तथा सादगीपूर्ण विवाह समारोह को बढ़ावा दिया जायेगा।अभियान को सफल बनाने तथा बेटियों की महत्ता को कायम रखने की दिशा में घरेलू हिंसा अधिनियम का भी प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। अभियान के लिये कार्यशालाओं के आयोजन के साथ ही समाज में बेटियों के पक्ष में वातावरण निर्माण के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग अन्य प्रभावी गतिविधियाँ भी संचालित करेगा ।

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