रविवार, 30 अक्टूबर 2011

पुलिस को दिया कंजरों ने चैलेंज



सीहोर। कंजरों की अपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए रणनीति बनाकर फुर्सत हुई पुलिस को चंद घंटों बाद ही कंजरों के चैलेंज का सामना करना पड़ा। भारी मशक्कत के बाद भी बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने लूटे गए माल को बरामद किया है।
बीती रात श्यामपुर की ओर से आ रही एक जीप को मंडी थाने के समीप चेकपोस्ट पर पदस्थ सिपाही ने रोकने का प्रयास किया। जब वह नहीं रुकी तो, जीप का पुलिस ने पीछा किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जीप ग्राम मोगराराम के समीप पुलिया से टकरा गई। घटना के बाद बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार-रविवार की रात दो बजे के आसपास नरसिंहगढ़ नाके पर तैनात चीता जवान नरेन्द्र सिंह ने संदिग्ध बुलेरो क्रमांक एमपी09 बीए7282 को रोकने का प्रयास किया। आरक्षक द्वारा रोकने के प्रयास के बाद आरोपी वाहन को ओर तेज र तार से भगाने लगे, इसके बाद मंडी चौराहा पाइंट, लुनिया चौराहा पाइंट, कोतवाली चौराहा सहित सभी पाइंटों से यह वाहन अंधी र तार से दौड़ता हुआ नगर के बाहर निकल गया। पुलिस को चकमा देकर भागे वाहन के बारे में जब जानकारी गश्त कर रहे एसडीओपी योगेश्वर शर्मा को लगी तो उन्होंने अपनी जीप संदिग्ध वाहन की दिशा की ओर मोड़ दी। श्री शर्मा द्वारा इंदौर नाका क्षेत्र से इसका पीछा किया गया। दूसरी ओर मंडी टीआई मुनीस राजौरिया, कोतवाली टीआई सतीश महलवाला व एसडीओपी के वाहन ने इस वाहन को तीन ओर से घेरने का प्रयास किया। काफी भाग-दौड़ के बाद यह वाहन ग्राम मोगराराम के निकट एक पुलिया में टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जब तक पुलिस कर्मी अंधेरे में वाहन तक पहुंचते, वाहन में सवार तीन-चार बदमाश फरार हो चुके थे।
ट्रक कटिंग का अंदेशा
बताया जा रहा है कि आरोपी श्यामपुर की ओर से सीहोर गए थे, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन आरोपियों द्वारा श्यामपुर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे 12 पर कहीं ट्रक कंटिंग की वारदातों को अंजाम दिया गया है। जब्त सामान में छह फीलिप्स एलसीडी, एक लिनेवो क प्यूटर, 180 सलवार सूट नए, पचास से अधिक साडिय़ां, एक ब्रांडेड फ्रिज का दरवाजा जब्त किया है। जब्त सामान की कीमत 6 लाख के आसपास बताई जा रही है। जप्त जीप इंदौर के श्याम सिंह परिहार के नाम से दर्ज है, जीप चोरी की या किराए पर ली गई लगती है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए हैं। पुलिस द्वारा जब्त सामान पर गुना लिखा हुआ है। इससे पुलिस का अनुमान है कि किसी ट्रक में लदा हुआ यह सामान गुना के लिए रवाना किया गया था, लेकिन रास्ते में बदमाशों ने किसी ट्रक से यह सामान उड़ाया है। मामले में पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2011

घर में घुसकर युवती को जलाया

सीहोर नगर के गुलजारी बगीचा क्षेत्र में एक युवती पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। गंभीर अवस्था में जली युवती को भोपाल रेफर किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नगर के गुलजारी के बगीचा क्षेत्र निवासी प्रकाश कौशल की 17 वर्षीय पुत्री अपने घर में रविवार की शाम स्टोव पर चाय बना रही थी। इसी दौरान घर में अचानक घुसे एक व्यक्ति ने उस पर ज्वलनशील पदार्थ पीछे से डाल दिया, जिससे उसके शरीर में आग लग गई। अचानक हुई घटना में युवती उस पर पदार्थ डालने वाले व्यक्ति को पहचान नहीं पाई। बताया जाता है कि उसके परिजन भी घटना के वक्त घर पर नहीं थे। युवती का शोर सुनकर पड़ोसी वहां पहुंचे और उन्होंने गंभीर रूप से जली युवती को जिला अस्पताल में दाखिल कराया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे भोपाल रेफर किया गया है।
मामले में पुलिस ने जिला अस्पताल में पहुंचकर युवती के बयान लिए हैं। पुलिस को दिए गए बयान में युवती ने बताया कि वह अपने घर पर चाय बना रही थी, तभी पीछे से आकर किसी ने उस पर तेल डाल दिया, जिससे आग लग गई। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण कायम कर लिया है।

मध्यप्रदेश बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा - मुख्यमंत्री

सीहोर : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कल गुरूवार और आज शुक्रवार का दिन अपने गृह ग्राम जैत में बिताया। वे अपनी पत्नी श्रीमती साधना सिंह, पुत्र कुणाल और कार्तिकेय के साथ जैत पहुंचे और जैत में ही रात्रि विश्राम भी किया। यहां उन्होंने आज भाई दूज पर सपरिवार कुलदेवता की पूजा अर्चना की और ग्रामीणों से मिलकर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। उन्होंने ग्रामीणों से जन समस्याओं के आवेदन भी प्राप्त किए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज बकतरा पहुंचकर यहां आयोजित अन्त्योदय मेले में २४ करोड़ ४९ लाख से अधिक राशि के प्रकरणों में १६ हजार २६८ हितग्राहियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। उन्होंने ग्राम डोबी और बकतरा में अगले सत्र से महाविद्यालय प्रारंभ करने तथा तालाब का घाट निर्माण और सौन्दर्यीकरण कराने की घोषणा की। उन्होंने बकतरा कृषि उपज मंडी प्रांगण में ५४ लाख की लागत से निर्मित होने वाले ट्राली शेड, कव्हरशेड एवं आंतरिक सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन भी किया। मुख्यमंत्री के जैत और बकतरा आगमन पर ग्रामीणों द्वारा अभूतपूर्व स्वागत किया गया।
बेटी बचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बकतरा में आयोजित अन्त्योदय मेले को संबोधित करते हुए कहा कि आज भाईदूज है और यह पर्व बहन-भाई के पवित्र रिश्ते का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि बहन से ही भाई का महत्व है। श्री चौहान ने बेटी का महत्व बताते हुए कहा कि बेटी है तो कल है। उन्होंने मेले में मौजूद जनसमूह को हाथ उठवाकर बेटी बचाने का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम की शुरूआत बेटी पूजन कर की।
विकास में कमी नहीं
बकतरा में आयोजित अन्त्योदय मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश के विकास में सरकार धन की कमी बाकी नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि बिजली के मामले में मध्यप्रदेश को वर्ष २०१३ तक आत्मनिर्भर बनाने के सरकार द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बारना नहर से अंतिम छोर तक के किसानों को सिंचाई का लाभ मिले इसके लिए तीन सौ करोड रूपये की कार्ययोजना बनाई गई है। इससे सीहोर और रायसेन जिले के किसान लाभान्वित होंगे।
हितग्राही लाभान्वित
अन्त्योदय मेले में मुख्यमंत्री ने २४ करोड़ ४९ लाख से अधिक राशि के विभिन्न प्रकरणों में १६ हजार २६८ हितग्राहियों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में १३१६ हितग्राहियों, महिला एवं बाल विकास विभाग की लाड़ली लक्ष्मी योजना में ३२६ लाडलियों, शहरी विकास अभिकरण के तहत ४६, रेशम विभाग के अंतर्गत ५९ और कृषि विभाग की योजनाओं में २१५ हितग्राहियों को लाभान्वित किया। इसके अलावा १३६३ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, १२ हजार ९३३ किसानों को फसल बीमा और दस किसानों को ट्रेक्टर ऋण के चैक प्रदान किए। इस मौके पर वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री गुरू प्रसाद शर्मा, वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह राजपूत, मार्कफेड अध्यक्ष श्री रमाकांत भार्गव,अध्यक्ष एमपी एग्रो श्री रामकिशन चौहान, श्री शिवचौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र सिंह चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रघुनाथ सिंह भाटी, मंडल अध्यक्ष श्री महेन्द्र शर्मा, वीरसिंह चौहान, श्री मिश्रीलाल, श्री रामसेवक पटेल, बकतरा सरपंच श्री लालसिंह पटेल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन मौजूद थे।

पूजा अर्चना
आज शुक्रवार सुबह की शुरूआत मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सपरिवार नर्मदा की पूजा अर्चना कर की। मुख्यमंत्री ने ग्राम जैत में सपरिवार कुल देवता की पूजा अर्चना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जैतवासियों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूछकर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी। भाईदूज के अवसर पर मुख्यमंत्री बकतरा में अपनी बहन के निवास पर भी गए और भाईदूज की रस्म निभाई।
जनता के दु:ख दर्द जाने
जैत में मुख्यमंत्री के निवास पर उनसे मिलने पहुंचे ग्रामीणों से उन्होंने आत्मीयता से भेंट की और उनकी समस्याओं पर चर्चा की। ग्रामीणों द्वारा मुख्यमंत्री को विभिन्न समस्याओं के आवेदन पत्र सौंपे जाने पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जन कल्याण मेरा लक्ष्य है। उन्होंने प्राप्त आवेदनों को मौके पर मौजूद अधिकारियों को सौंपते हुए सभी का निराकरण करने के निर्देश दिए।
खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्राम जैत में सीहोर एवं रायसेन जिले के अधिकारियों की एक बैठक ली जिसमें बारना नहर की सिंचाई, ग्रामीण अंचलों के आंतरिक मार्गों का निर्माण, विद्युत आपूर्ति तथा खाद की उपलब्धता आदि की समीक्षा की। उन्होंने किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता और सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव श्रीमती अरूणा शर्मा, श्री राधेश्याम जुलानिया, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल, श्री अजय तिर्की एवं श्री अजात शत्रु ईएनसी जल संसाधन श्री चौबे, कलेक्टर डॉ.संजय गोयल, कलेक्टर रायसेन श्री मोहन लाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

शनिवार, 22 अक्टूबर 2011

सर्विस कनेक्शन में छूट प्रदाय योजना

सीहोर : विद्यमान निम्नदाब विद्युत लाइन से डेढ़ सौ फिट तक की दूरी वाले किसान अब तुरंत स्थाई कनेक्शन प्राप्त कर असुविधा से बच सकते हैं। किसानों के ऑन लाईन अस्थाई सिंचाई कनेक्शनों को नियमित कर स्थायी कनेक्शन प्रदाय करने की नवीन योजना प्रभावशील है। यह योजना 31 मार्च,2012 तक लागू रहेगी।
अधीक्षण यंत्री संचालन संधारण म.प्र. म.क्षे. विद्युत वितरण कंपनी लिमि. सीहोर श्री ए. के. श्रीवास्तव ने किसानों के लिए सर्विस कनेक्शन में छूट प्रदाय योजना की जानकारी देते हुए बताया कि विद्युत लाइन से डेढ़ सौ फिट तक की दूरी वाले अस्थायी पंप कनेक्शन में लाइन विस्तार की आवश्यकता नहीं है। ऐसे किसानों को स्थायी सर्विस कनेक्शन में छूट प्रदान करने की योजना लागू है जो तीन, पांच, साढ़े सात तथा दस हार्सपावर पम्प कनेक्शन की वार्षिक अनुमानित राशि क्रमश: 4 हजार 992, 8 हजार 785, 13 हजार 676 एवं 18 हजार 650 जमा करेंगे। ऐसे किसान स्थायी कनेक्शन के लिए जरूरी दस्तावेज वितरण केन्द्र कार्यालय में जमा कर सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। स्थाई कनेक्शन न लेने पर उक्त कृषकों को वर्ष 2011-12 में विद्युत प्रदाय संहिता 2004 के अंतर्गत अस्थाई कनेक्शन नहीं दिए जावेंगे। अत: 150 फिट तक की दूरी वाले कृषक तुरंत इस योजना के अंतर्गत स्थाई कनेक्शन प्राप्त करें एवं बाद में होने वाली असुविधा से बचे। सुरक्षा निधि का भुगतान कनेक्शन लेने पर 2 किश्तों में किया जा सकता है। स्थाई कनेक्शन में अग्रिम देय राशि में 1 प्रतिशत प्रति माह की अतिरिक्त छूट का भी प्रावधान है तथा शासन द्वारा दी गई सभी छूट लागू रहेगी।
उपरोक्त योजना में सम्मिलित होने के उपरांत कृषकों को प्रत्येक सीजन में अस्थाई कनेक्शन हेतु टेस्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने, पैसा जमा करने के बाद पानी गिरने की वजह से विद्युत उपयोग नहीं करने की शिकायत तथा विद्युत चोरी के प्रकरण बनने एवं बार बार अस्थाई कनेक्शन स्वीकृत कराने में चक्कर लगाने की परेशानियों से राहत मिलेगी। उक्त योजना 31 मार्च,12 तक लागू रहेगी अधिक जानकारी के लिए अपने निकटतम वितरण केन्द्र प्रभारी से किसान सम्पर्क कर सकते है। ऐसे कृषक जिनका स्वीकृत भार 5 हा.पा. है एवं जो अनुसूचित जाति जनजाति श्रेणी तथा 1 हैक्टेयर रकबे तक के भू स्वामी है उन्हें स्थाई सिंचाई कनेक्शन के लिए शासन की ओर से नि:शुल्क विद्युत सुविधा प्राप्त है। वर्तमान में स्थाई पंप कनेक्शन जिसमें लाईन विस्तार एवं ट्रांसफार्मर स्थापना की आवश्यकता है इस हेतु योजना माह मई 11 से प्रभावशील है। उक्त योजना के अंतर्गत 2 हैक्टेयर तक के भू स्वामियों को रू. 5000 प्रति हा.पा. एवं 2 हैक्टेर से अधिक के भू-स्वामी को रू... 8000 प्रति हा.पा.जमा करने पर लाईन विस्तार एवं ट्रांसफार्मर स्थापना का कार्य विभाग द्वारा किया जावेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति का समय परिवर्तन

सीहोर : अधीक्षण यंत्री म.प्र.म.क्षे.वि.वि.कं.लि. सीहोर ने जानकारी दी है कि विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सीहोर वृत के अंदर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति का समय निर्धारण कर दिया गया है। अब ग्रुप अ को रात 12 बजे से सुबह 9 बजे तक 9 घंटे तथा ग्रुप ब को सुबह 9 से शाम 6 बजे तक विद्युत की आपूर्ति की जाएगी। सायं 6 बजे से रात 12 बजे के मध्य दोनों ग्रुप के बीच आधा आधा समय विद्युत प्रदाय किया जावेगा। यह प्लान 4 नवम्बर,2011 तक के लिए लागू किया गया है।

किसानों को एसएमएस से मिलेगी जानकारी

सीहोर : राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के मुताबिक प्रदेश में आगामी वर्ष 2012 में समर्थन मूल्य पर गेहूं के उपार्जन के लिए प्रत्येक किसान का अग्रिम पंजीयन कर इसे ऑन लाइन किया जाएगा। प्रदेश सहित सीहोर जिले में भी दो अक्टूबर से किसानों के पंजीयन का कार्य सतत रूप से जारी है । पंजीयन के लिए किसानों को सिर्फ किसान नागरिक सुविधा-केन्द्र या एम.पी. ऑन-लाइन कियॉस्क तक पहुँचकर ऑन लाइन पंजीयन कराना है। डाटा एन्ट्री करने वाली सेवा प्रदाता कंपनी के लिऐ प्रति किसान दस रूपये शुल्क निर्धारित किया गया है। कलेक्टर डॉ.संजय गोयल ने किसानों से अनिवार्यत: पंजीयन कराने की अपील की है।
पंजीयन कराना आसान
जिला आपूर्ति अधिकारी श्री एस.के.जैन ने एक जानकारी में बताया कि एमपी ऑन लाइन कियोस्क अथवा नागरिक सुविधा केन्द्र (डाटा एन्ट्री सेन्टर) पर जाकर किसान अपना पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए किसान को पंजीयन फार्म भरना होगा जिसमें किसान के गांव व ग्राम पंचायत का नाम पता और खसरा एवं रकबा की जानकारी रहेगी। किसान को अपना अथवा अपने पड़ोसी का मोबाइल नंबर और किस उपार्जन केन्द्र पर फसल विक्रय करने का इच्छुक है इसकी जानकारी देना होगी। पंजीयन के समय किसान को भू-अधिकार ऋण-पुस्तिका अपने साथ लाना होगी। पंजीयन की कार्रवाई स्टॉफ करेगा इसलिये किसानों के पढ़े-लिखे न होने या ऑन-लाइन व्यवस्था के जानकार नहीं होने से प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आएगी। किसान पंजीयन की पावती अवश्य प्राप्त करें। यदि किसी किसान द्वारा जिले के बाहर अपना पंजीयन ऑनलाइन कराया है तो उसकी सूची एसडीएम को भेजकर तहसीलदार से सत्यापन कराया जाएगा।
फायदेमंद होगा पंजीयन
किसानों को इस पंजीयन के चलते अपने क्षेत्र में उपार्जन अवधि के दौरान कोई परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। उन्हें एसएमएस अलर्ट के ज़रिये अपने घर बैठे पहले से मालूम हो जायेगा कि कब उन्हें अपनी उपज लेकर मंडी या खरीदी केन्द्र पहुँचना है। दूसरी बात यह है कि किसानों की आड़ में बाहर का कोई व्यक्ति यहाँ आकर समर्थन मूल्य पर उपज नहीं बेच सकेगा। चूँकि प्रदेश के पंजीकृत किसानों की जानकारी का पूरा ब्यौरा रिकार्ड पर दर्ज होगा जिससे उन्हें ही उपज बेचने की वाजिब कीमत और राज्य सरकार का बोनस भी मिलेगा।
दिक्कत होने पर यहां संपर्क करें
पंजीयन के लिए किसान किसी भी कम्प्यूटर की दूकान में जाकर एमपी ऑन लाईन कियोस्क की बेबसाइड पर जानकारी हासिल कर पंजीयन करा सकेंगे। जिले में किसानों के पंजीयन में आने वाली समस्या को दूर करने के लिए सीहोर ग्रामीण में सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री शाकिर खान मोबाइल नंबर 9179163232, सीहोर नगर में सहा.आपूर्ति अधिकारी एस.के.वर्मा 9424539190, आष्टा में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी शाहना खान मोबाइल नंबर 9826482205, इछावर में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी रेशमा भांवोर मोबाइल 9229071236, नसरूल्लागंज में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी पिन्की शाक्य मोबाइल नंबर 9575138733 तथा बुधनी में सहायक आपूर्ति अधिकारी आर.पी. गुप्ता मोबाइल नंबर 9893753435 को दायित्व सौंपा गया है। पंजीयन कराने में अथवा केन्द्र ढूंढने में किसी किसान को कोई दिक्कत आ रही है तो वे संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। मोबाइल नंबर 9302492162 एवं कियोस्क अधिकारी प्रमोद भार्गव से दूरभाष क्रमांक 0755-4019413 अथवा 4019414 पर सम्पर्क कर अपनी समस्या का निराकरण कर सकते हैं।

bumipujan

चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन



म.प्र.ऊर्जा विकास निगम द्वारा शासकीय आवासीय में जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस चित्रकला में ऊर्जा संरक्षण ऊर्जा के वैकल्पिक संसाधन तथा अक्षय ऊर्जा का दोहन आदि मुख्य उद्देश्य थे। उक्त विषय पर छात्रों ने चित्रों के माध्यम से अपनी भावनाओं को उकेरा। इस आयोजन में 25 शालाओं के लगभग 200-250 छात्रों नें भाग लिया।
प्रथम पुरूस्कार- सन्नी सिद्धार्थ राय केन्द्र विद्यालय सीहोर, द्वितीय पुरूस्कार- कु. इशरा खान एम.टी.टी. विद्यालय सीहोर, तृतीय पुरूस्कार- अलोक बारी शारदा विद्यालय मन्दिर सीहोर

गुरुवार, 20 अक्टूबर 2011

20 घंटे बाद भी पुलिस दर्ज नहीं कर पाई एफआईआर



बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने एक गैस गोदाम से 114 सिलेंडर चोरी कर लिए। पुलिस इस मामले में 20 घंटे बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं कर सकी थी। यह चोरी पुलिस के लिए अब एक नई चुनौती बन गई है। इंदौर-भोपाल राजमार्ग पर स्थित भारत अभिकरण गैस एजेंसी के गोदाम से बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने दीवार में छेद कर 114 गैस सिलेंडर चोरी कर भाग निकले। चोरी की खबर एजेंसी मालिक को तब लगी, जब गुरुवार की सुबह कर्मचारी गोदाम पर गैस सिलेंडर लेने पहुंचे।एजेंसी मालिक ने चोरी होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद मौके पर एसडीओपी और कोतवाली थाना प्रभारी पहुंचे, उन्होंने मौके का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गोदाम के पास स्थित चाय दुकान के मालिक ने यह जानकारी दी कि सोमवार-मंगलवार की रात गोदाम से गैस सिलेंडर पटकने की आवाज आ रही थी, लेकिन यह आमतौर पर होता रहता है, इसलिए उसने ध्यान नहीं दिया। एजेंसी के मालिक के मुताबिक गोदाम पर दो दिन से चौकीदार नहीं था। मौके का निरीक्षण करने के लिए देवास से बुलाई गई एफएसएल टीम ने भी फिंगर प्रिंट्स लिए हैं, लेकिन मौके से कोई भी ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे चोरों तक पहुंचा जा सके। घंटों बाद भी एफआईआर नहींचोरी और लूट के मामले में पुलिस जानकारी छिपाती रही है। यही बात गैस गोदाम में चोरी के दौरान भी नजर आई। देर शाम तक पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी मामले की पूरी जानकारी देने से बचते रहे। मजेदार बात तो यह है कि बुधवार की रात हुई चोरी के मामले में गुरुवार की रात करीब साढ़े आठ बजे तक भी एफआईआर दर्ज किए जाने की कार्रवाई की बात कही जाती रही।कौन है झूठा?चोरी की एफआईआर दर्ज होने की पुष्टी पुलिस अधिकारी कर रहे थे, लेकिन कोतवाली में पदस्थ एसआई और अन्य कर्मचारी एफआईआर दर्ज होने से इंकार करते रहे, जिससे पुलिस की मंशा समझ से परे रही।

बुधवार, 19 अक्टूबर 2011

बेटियों के हक में मध्यप्रदेश अग्रणी - सांसद श्रीमती स्वराज

सीहोर : लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा कि बेटी बचाओ अभियान मध्यप्रदेश सरकार की सराहनीय और दूरदर्शी पहल है। बेटियों के बीच हो रहे भेदभाव को दूर करने में यह अभियान जहां परिणामदायी सिद्ध होगा वहीं " बेटी है तो कल है " के नारे को साकार करेगा। श्रीमती स्वराज आज सीहोर के लीसा टाकीज हॉल में भ्रूण लिंग परीक्षण निषेध आधारित पीएनडीटी कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर उन्होंने " बेटी बचाओ अभियान" पर केन्द्रित नुक्कड़ नाटक को देखकर इसे सराहा। उन्होंने अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने पर छात्र - छात्राओं एवं एक बेटी वाले दंपत्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर म.प्र हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामपालसिंह, एमपी एग्रो अध्यक्ष श्री रामकिशन चौहान, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रघुनाथ सिंह भाटी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री नरेश मेवाडा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कलेक्टर डॉ. संजय गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री के.बी.शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री बी.एल.जामोद एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।बोझ नहीं वरदान है बेटी कार्यशाला को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा कि बेटी बचाने का बीड़ा उठाकर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बेटी बचाओ अभियान की अभिनव शुरूआत की है। बेटियों के कल्याण हेतु लाड़ली लक्ष्मी, मुख्यमंत्री कन्यादान जैसी अनेक योजनाएं क्रियान्वित कर प्रदेश सरकार बेटियों के हक में अग्रणी है। बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, विवाह और सुखमय जीवन के लिए कई जन हितैषी योजनाएं सरकार द्वारा चलाई जा रही है जिसका मकसद बेटी बोझ नहीं वरदान बने।डाक्टर अपना फर्ज निभाएं भ्रूण लिंग परीक्षण पर चिन्ता व्यक्त करते हुए सांसद श्रीमती स्वराज ने कहा कि पीएनडीटी एक्ट को कारगर तरीके से अमलीजामा पहनाया जाता तो आज लिंगानुपात की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने कहा कि जहां नवरात्र में कन्या पूजन किया जाता है वहीं दूसरी ओर दूषित मानसिकता के चलते भ्रूण हत्या कर कन्या को जन्म लेने से पूर्व ही रोका जाता है। उन्होंने कहा कि भ्रूण लिंग परीक्षण पर सरकार की सख्ती के बावजूद नए नए तरीके ईजाद कर लिए गए हैं जिनसे कोख में पलने वाले बेटा - बेटी की पहचान की जाती है यह घटनाएं शर्मशार करने वाली हैं। उन्होंने बेटी बचाने के लिए जनजागरण की जरूरत बताते हुए कहा कि सामाजिक सोच में बदलाव लाने के साथ ही चिकित्सकों को भी संकल्प लेना होगा कि वे भ्रूण परीक्षण के जरिए कभी भी किसी को बेटा-बेटी के बारे में नही बताएगें और सही चिकित्सक होने का फर्ज निभाएंगे।
जिला प्रशासन की सराहना अपने संबोधन की शुरूआत में सांसद श्रीमती स्वराज ने बेटी बचाओ अभियान पर केन्द्रित कार्यशाला पर खुशी जाहिर करते हुए कलेक्टर डॉ. संजय गोयल को बधाई दी और इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने बेटी बचाओ अभियान पर आधारित चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन कर कु.अपर्णा एवं कु. गीतिका यादव के द्वारा उकेरे गए रंगीन चित्रों पर उन्हें शाबाशी भी दी।
कार्यशाला का महत्व कार्यशाला में उप संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ.भूषण श्रीवास्तव, राज्य आईईसी सलाहकार श्री आशीष चौबे, सिविल सर्जन जे.पी.अस्पताल भोपाल डॉ.वीणा सिन्हा, यूनिसेफ के बीसीसी सलाहकार श्री मनोज पाण्डे, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्री एन.पी.दुबे आदि ने संबोधित कर पीएनडीटी एक्ट के संबंध में जानकारी प्रस्तुत कर कार्यशाला का महत्व बताया। इस मौके पर एसडीएम श्री इच्छित गढ़पाले, सीएमएचओ डॉ.ए.एल.मरावी, सिविल सर्जन डॉ.टी.एन.चतुर्वेदी, डॉ.बी.के.चतुर्वेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश शिवहरे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इन्हें किया गया पुरस्कृत बेटी बचाओ अभियान के संबंध में विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियो को सांसद श्रीमती सुषमा स्वराज ने सम्मानित किया। इनमें भाषण प्रतियोगिता में कु.मेघा मोर्य, कु.भारती पंवार, दीपक ठाकुर, कविता लेखन में कु.कामिनी यादव, कु.शिवानी प्रजापति, देवेन्द्र विश्वकर्मा और विल्सन जैन, नारे लेखन में कु.माधुरी बैरागी, विल्सन जैन, प्रवीण सोनी, चित्रकला में अपर्णा शर्मा, दीपिका यादव, धर्मेन्द्र प्रजापति, महाविद्यालयीन स्लोगन प्रतियोगिता में कु.साक्षी देव्वाल, सुदर्शन व्यास, कविता जायसवाल तथा पोस्टर प्रतियोगिता में कु.कविता जायसवाल, दिव्या लोवानिया एवं कु.रेखा चौहान और एसएमएस स्लोगन प्रतियोगिता में श्री रीतेश, डॉ.दीपा पारिख एवं श्री राकेश वर्मा को क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा एक बेटी के बाद ऑपरेशन कराने वाले दंपत्तियों में श्रीमती रंजना/संजय चौरसिया और श्रीमती मधु/कैलाश सेन को भी सम्मानित किया गया। बड़ी अनमोल बेटी .....। कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट विद्यालय नसरूल्लागंज के विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक मंचित कर जनम लेने से पहले मार दे कैसा ये जालिम समाज है", "हक जीने का हमसे न छीनो एक बेटी की ये आवाज है" और "बड़ी अनमोल बेटी की जान है, ये बेटी बचाओ अभियान है" गीत प्रस्तुत किया जिसकी सांसद श्रीमती स्वराज ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इसी तरह महारानी लक्ष्मीबाई स्कूल की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए भ्रूण लिंग परीक्षण निषेध तथा प्रदेश सरकार की महिला हितैषी योजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की। संबल सेवा समाज समिति द्वारा भी नुक्कड़ नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया।

गंभीरतापूर्वक विकास कार्यों की लक्ष्यपूर्ति की जाए - सांसद श्रीमती स्वराज

सीहोर : जिला स्तरीय सतर्कता एवं मूल्यांकन समिति की बैठक आज लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में उन योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई जिनका जिले में संचालन किया जा रहा है। बैठक में राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, सांसद श्री सज्जनसिंह वर्मा, आष्टा विधायक श्री रंजीत सिंह गुणवान, जिला भाजपा अध्यक्ष श्री रधुनाथ सिंह भाटी, सीहोर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती संतोष कुंवर, आष्टा जनपद अध्यक्ष श्री धारासिंह पटेल सहित अन्य समिति सदस्य कलेक्टर डॉ.संजय गोयल, पुलिस अधीक्षक श्री के.बी. शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बी.एस.जामोद, अपर कलेक्टर श्री एस.एस. बधेल, वन संरक्षक श्री ए.बी. नीमा, जिला योजना अधिकारी श्री सेवाराम सहित विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख उपस्थित थे। बैठक को गंभीरता से लिया जाएसांसद श्रीमती सुषमा स्वराज ने कहा कि जिले के विकास को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जरूरी है कि बैठक में तय किए गए लक्ष्य के मुताबिक उसकी पूर्ति की जाय। उन्होंने अधिकारियों को ताकीद की कि वे जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक को पूरी गंभीरता से लें और सौंपे गए लक्ष्यों को समय सीमा में पूरा करें। विकास कार्यों की बेहतर लक्ष्यपूर्ति के लिए उन्होंने जहां जिला पंचायत सीईओ को शाबासी दी वहीं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में लक्ष्यपूर्ति हासिल नहीं किए जाने पर अप्रसन्नता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बैठक में जो लक्ष्य तय किया जाए उसकी समय सीमा में पूर्ति सुनिश्चित की जाए। निर्णय को परिणाममूलक बनाएं श्रीमती स्वराज ने जिला स्तरीय सतर्कता एवं मूल्यांकन समिति की बैठक हर तीन माह में आयोजित करने और बैठक में लिए गए निर्णयों को परिणाममूलक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैठक की महज कागजों पर समीक्षा करना नहीं, बल्कि लिए गए निर्णयों के मुताबिक विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन होना भी जरूरी है तभी बैठक की सार्थकता सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जन प्रतिनिधियों से भी यह अपेक्षा की कि वे शासकीय योजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए विकास कार्यों का निरीक्षण करें। इन योजनाओं की हुई समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, महात्मागांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, इंदिरा आवास, स्वर्ण जयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना, समग्र स्वच्छता, एकीकृत पड़त भूमि विकास कार्यक्रम, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण और राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बी.एस.जामोद ने ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।

मंगलवार, 18 अक्टूबर 2011

एक फ़ोन और होगी कारवाही

पुलिस को शिकायत करने से बचने वालों के लिए नवागत पुलिस अधीक्षक केबी शर्मा ने एक नई पहल प्रारंभ की है। इसके लिए लोगों को सिर्फ एक टेलीफोन करने भर की आवश्यकता पड़ेगी और पुलिस सूचना पर अपना काम प्रारंभ कर देगी। मंगलवार को एसपी श्री शर्मा ने प्रेस से मुलाकात के दौरान बताया कि जिले में पुलिस द्वारा सूचना बैंक प्रारंभ की जा रही है। कोई भी व्यक्ति किसी भी मामले में अपनी शिकायत टेलीफोन नंबर 07562-227001 पर कर सकते हैं। शिकायतकर्ता का नाम और पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी। पुलिसकर्मी भी कर सकते हैं शिकायतएसपी श्री शर्मा ने बताया कि आम लोगों के अलावा इस नंबर पर पुलिसकर्मी भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं उनकी भी पहचान गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग में भी कई अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा गलत काम किए जा सकते हैं। इसकी जानकारी उनके आसपास रहने वाले कर्मचारियों को रहती है लेकिन वे जान पहचान के कारण शिकायत नहीं कर पाते हैं। अन्य विभागों की भी दर्ज होगी शिकायतएसपी श्री शर्मा ने बताया कि नागरिक पुलिस विभाग के अलावा अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें भी इस नंबर पर कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों की जांच के उपरांत पुलिस अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए कार्रवाई करेगी। पुलिस एवं अन्य विभागों की शिकायतों पर कार्रवाई के लिए जहां नागरिकों के एक टेलीफोन पर पुलिस का अमला हरकत में आएगा। वहीं गलत सूचना देने वालों को भी पुलिस सबक सिखाने में पीछे नहीं रहेगी। एसपी श्री शर्मा के अनुसार सूचनाकर्ता अपना नाम और फोन नंबर नहीं बताएंगे तो भी चलेगा, यदि सूचना दुर्भावना पूर्वक दी जाएगी तो पुलिस ऐसे व्यक्ति को अपने तरीके से तलाश कर उसे भी सबक सिखाएगी और ऐसे व्यक्ति की भविष्य में शिकायत का गौर नहीं होगा।अब तक 70 को धोना पड़ा नौकरी से हाथजिले में हाल ही में पदस्थ हुए एसपी केबी शर्मा दो मर्तबा विदेश सेवा में रह चुके हैं। बतौर पुलिस अधीक्षक उनका यह चौथा जिला है। इसके पहले वे एसपी रेल, एसपी पन्ना और एसपी राजगढ़ रहे हैं। श्री शर्मा ने अपने साढेÞ पांच साल के कार्यकाल मे दौरान करीब 70 लोगों की नौकरी छीन चुके हैं। इनमें संयुक्त कलेक्टर से लगाकर सिपाही तक शामिल हैं।

नाम बदला है साहब नहीं

सीहोर। नवागत पुलिस अधीक्षक केबी शर्मा ने अपने तेवर दिखाने शुरु कर दिए हैं। उन्होंने महकमे को यह साफ संकेत दे दिया है कि उनके रहते पुलिस कर्मी बेवजह आम लोगों को परेशान नहीं कर सकते हैं। साथ ही विभाग में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक ताजे मामले में पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मी को लाइन अटैच किया है। मामला यूं बताया जाता है कि मंगलवार की सुबह दोराहा जोड़ से भोपाल की ओर जा रहे एक ट्रक दोराहा थाने में पदस्थ आरक्षक माखनसिंह ने हाथ देकर रोका और फिर उससे वसूली की मंशा से बातचीत की। इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक श्री शर्मा के पास पहुंची, तो वह बिना देर किए दोराहा थाना पहुंचे और उन्होंने उस ट्रक ड्राइवर ढुंढवाकर थाने बुलाया। पहले तो ड्राइवर ने डर की वजह से पुलिसकर्मी के कृत्य को छुपाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस अधीक्षक के हौंसला देने पर उसने पुलिसकर्मी को पहचानने की बात कही, तब श्री शर्मा ने थाने में पदस्थ सभी पुलिस कर्मियों को बाहर बुलाकर थाना परिसर में पहचान परेड कराई। इस परेड के दौरान ट्रक ड्राइवर ने आरक्षक माखनसिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि साहब यही वह पुलिस वाला है, जिसने पैसे मांगे थे। बस फिर क्या था, पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक माखनसिंह को लाइन अटैच कर दिया और मामले में जांच करने के आदेश दिए। पुलिस अधीक्षक की इस कार्यप्रणाली की चर्चा महकमे के सभी पुलिस अधिकारियों में है और कहा जा रहा है कि नाम बदला है साहब नहीं।

जिला स्तरीय लोक कल्याण शिविर 21 को

सीहोर : जिला स्तरीय लोक कल्याण शिविर 21 अक्टूबर,2011 को प्रात: 10.00 बजे जनपद पंचायत नसरूल्लागंज के ग्राम पंचायत गोपालपुर में आयोजित किया गया है। अपर कलेक्टर (विकास) बी.एस.जामौद ने बताया कि वार्षिक कैलेण्डर के अनुसार जिला स्तरीय लोक कल्याण शिविर 21 अक्टूबर को प्रात: 10.00 बजे जनपद पंचायत नसरूल्लागंज के ग्राम पंचायत गोपालपुर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने समस्त कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए है कि वे जिला स्तरीय लोक कल्याण शिविर में मौजूद रहें और अपने विभाग की प्राप्त शिकायतों का निराकरण कर प्रतिवेदन शिविर स्थल पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नसरूल्लागंज को देवें। अधिकारियों को विभागीय प्रदर्शनी लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के आवेदन 31 अक्टूबर तक जमा होंगे
सीहोर : जवाहर नवोदय विद्यालय श्यामपुर जिला सीहोर की प्रवेश परीक्षा रविवार 12 फरवरी,2012 को जिले के विकासखण्डों के चयनित विद्यालयों में आयोजित की जाएंगी। प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर,2011 निर्धारित है। जवाहर नवोदय विद्यालय श्यामपुर की प्राचार्य श्रीमती गीतिका शर्मा ने बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय श्यामपुर जिला सीहोर की प्रवेश परीक्षा 12 फरवरी,2012 को जिले के विकासखण्डों के चयनित विद्यालयों में आयोजित होगी। कक्षा पांचवी सत्र 2011-12 में अध्ययनरत सीहोर जिले के बालक बालिका आवेदन के पात्र होंगे जिनकी उम्र 1 मई,1999 से 30 अप्रैल,2003 के बाद नहीं होना चाहिए। आवेदन पत्र जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, संकुल विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालय श्यामपुर में नि:शुल्क उपलब्ध है। आवेदन पत्र संबंधित विकासखंड में जमा किए जाएंगे। प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर,2011 नियत की गई है।
पी.एन.डी.टी. कार्यशाला आज सीहोर : पी.एन.डी.टी. कार्यशाला बुधवार 19 अक्टूबर,11 को लीसा टॉकीज सीहोर में प्रात: 8.00 बजे से आयोजित की गई है। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने लीसा टॉकीज में जाकर की गई पी.एन.डी.टी. कार्यशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

सोमवार, 17 अक्टूबर 2011

जिला स्तरीय सर्तकता एवं मूल्यांकन समिति की बैठक 19 को

सीहोर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज की अध्यक्षता में बुधवार 19 अक्टूबर,11 को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में दोपहर 12.00 बजे जिला स्तरीय सतर्कता एवं मूल्यांकन समिति की बैठक आयोजित की गई है। लेक्टर डॉ. संजय गोयल ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिए है कि वे विभागीय योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी सहित अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहें।

काम समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण हो अन्यथा कठोर कार्यवाही की जाएगी - प्रभारी मंत्री श्री शर्मा

सीहोर : संस्कृति, उच्च शिक्षा, जन सम्पर्क, धार्मिक न्यास, धर्मस्व एवं सीहोर जिला प्रभारी मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की अध्यक्षता में आज जिला योजना समिति की बैठक आयोजित की गई जिसमें गत बैठक के पालन प्रतिवेदन का अवलोकन, जिले की वार्षिक जिला योजना प्रस्ताव वर्ष 2012-13 पर चर्चा उपरांत अनुमोदन तथा महिला बाल विकास, कृषि, स्वास्थ्य तथा लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में आष्टा विधायक श्री रंजीत सिंह गुणवान, जिला पंचायत अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुनाथ सिंह भाटी, श्रीमती गुलाबबाई ठाकुर, देवीसिंह परमार, मायाराम गौर, कोमल परमार, बिन्दाबाई, श्रीमती भगवती देवी, श्रीमती इमलेश जाट, श्रीमती कृष्णाबाई कुशवाह, श्रीमती पुष्पा बाई बडोदिया, श्री राजेश पंवार, श्री जीवन सिंह मण्डलोई, श्री हुकुमसिंह वर्मा, श्री जगदीश चौहान, श्री बद्रीलाल कटारिया, श्री मुईनउद्दीन भाई सहित अन्य समिति सदस्य, कलेक्टर डॉ. संजय गोयल, पुलिस अधीक्षक के.बी.शर्मा, जिला योजना अधिकारी सेवा राम सहित समस्त विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे। जिला योजना अधिकारी ने वर्ष 2012-13 की विकेन्द्रीकृत जिला योजना का प्रस्तुतीकरण किया। प्रभारी मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा ने आंगनवाडी भवनों के निर्माण कार्य संबंधी जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग से खाद-बीज की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की तथा उप संचालक कृषि को निर्देशित किया कि वे किसानों की खाद-बीज समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें। मंत्री श्री शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सीएमएचओ को निर्देशित किया कि वे दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना के कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाएं तथा सभी आवश्यक दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए ईई पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि सभी निर्माण काम समय पर एवं गुणवत्ता पूर्ण होने चाहिए अन्यथा कठोर कार्यवाही की जाएगी। आष्टा के निर्माणाधीन फिल्टर प्लांट की गुणवत्ता की जांच हेतु तीन विभाग लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा जल संसाधान के कार्यपालन यंत्रियों की समिति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्यवाही की जानकारी भी प्राप्त की। जिला योजना समिति के सदस्य राजेश पंवार द्वारा नसरूल्लागंज में यूसीएफएसएमटी योजना के अंतर्गत घटिया निर्माण कार्य, सिविल हॉस्पीटल नसरूल्लागंज में पदस्थ महिला चिकित्सकों की अनुपस्थिति एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा की जा रही अनियमितताओं की शिकायत पर प्रभारी मंत्री श्री शर्मा ने कलेक्टर को जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक के पश्चात कलेक्टर डॉ. संजय गोयल के निर्देश पर जिला सूचना अधिकारी संजय जोशी एवं जिला आपूर्ति अधिकारी श्री एस.के.जैन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के केरोसीन के परिवहन वाले सात वाहनों पर लगाए गए जी.पी.एस. सिस्टम का प्रदर्शन एनआईसी में प्रभारी मंत्री श्री शर्मा के समक्ष किया। श्री शर्मा ने इस तरह की मॉनीटरिंग की प्रशंसा की।

शनिवार, 15 अक्टूबर 2011

पीएसीएल इंडिया लि.कं. को नोटिस जारी

सिहोर पीएसीएल इंडिया लि.कं. को नोटिस जारी

मंत्री श्री वर्मा ने किया 7 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन







सीहोर : प्रदेश के राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री करणसिंह वर्मा आज सीहोर के ग्राम उदपुरा, गुडभेला तथा आमाझिर पहुंचे और 7 करोड़ 26 लाख 6 हजार रूपये की लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि पूजन किया। ग्राम उदपुरा में मंत्री श्री वर्मा ने उदपुरा-पटारिया बाया पटारिया सिंधा मार्ग लागत 254.56 लाख रूपये लम्बाई 4.9 कि.मी. का भूमि पूजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच सौड़ा श्री नरेन्द्र वर्मा ने की तथा विशेष अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बिन्दा बाई तथा जनपद सदस्य श्रीमती संगीता वर्मा थी। ग्राम गुडभेला में मंत्री श्री वर्मा ने गुडभेला से मोगराराम मार्ग निर्माण लागत 186.08 लाख रूपये तथा हाई स्कूल भवन लागत 35 लाख रूपये का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच श्री हेमराज पडियार ने की तथा विशेष अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्रीमती बिन्दाबाई और जनपद सदस्य श्रीमती निर्मला वर्मा थी। मंत्री श्री वर्मा ने यहां छात्राओं को सायकल हेतु चेक भी प्रदान किए। इसके पश्चात मंत्री श्री वर्मा ग्राम आमाझिर पहुंचे जहां उन्होंने ग्राम आमाझिर से लसूडियाराम तक मार्ग निर्माण लागत 250.42 लाख लम्बाई 4.20 किलोमीटर का भूमि पूजन किया । इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच श्रीमती नारायणी बाई तथा विशेष अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती बिन्दाबाई एवं जनपद सदस्य श्रीमती निर्मला वर्मा थी। इन कार्यक्रमों के दौरान मंत्री श्री वर्मा ने अपने उदबोधन में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लागू जन कल्याणकारी योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश बीमारू राज्य से आदर्श राज्य की ओर अग्रसर है। उन्होंने लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के प्रावधानों से भी उपस्थित जन समुदाय को अवगत कराया। उन्होंने बेटी बचाओ अभियान की सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेटी न होगी तो सृष्टि ही समाप्त हो जाएगी। इस अवसर पर उन्होंने आमजन की समस्या सुनकर मौके पर ही निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर मंडल भाजपा अध्यक्ष दशरथ सिंह परमार, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि लक्ष्मीनारायण वर्मा, सन्नी महाजन, सूर्यनारायण जलोदिया, श्री त्यागी तथा अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं भारी जनसमूह उपस्थित था।

बुधवार, 12 अक्टूबर 2011

शराब पीने से महिला की मौत

सीहोर। रेहटी थाना क्षेत्र में एक आदिवासी महिला की शराब पीने से मौत हो गई। पुलिस ने उसके पति की सूचना पर मर्ग कायम कर जांच शुरु कर दी है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम हारमउ में रहने वाले कमल बारेला की 35 वर्षीय पत्नी सीमा बाई ने मंगलवार की रात शराब पी थी, शराब पीने के कुछ समय बाद उसकी तबियत खराब हो गई और वह काल के गाल में समा गई। मामले में बताया जाता है कि मृतिका शराब पीने की आदि थी। अन्य दिनों की तरह मंगलवार की रात भी उसने शराब पी, लेकिन शराब पीने के बाद उसकी तबियत अचानक क्यों बिगड़ी? इस सवाल का जवाब पुलिस को ढूंढना है, लेकिन पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
रेहटी थानांतर्गत क्षेत्र में नर्मदा नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर एक आरक्षक की अज्ञात कारणों के चलते मौत हो गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम हरदा होशंगाबाद निवासी 21 वर्षीय सुमित पिता रामनाथ गत दिनों पहले ग्राम गाजीत नर्मदा नदी में नहा रहा था, जिसकी डूबने से मौत हो गई। वहीं बुधनी थाना क्षेत्र में 18वीं बटालियन शिवपुरी हाल निवासी कैंप बुधनी में रहने वाले एसएएफ जवान ग्राम बगियापुरा निवासी 45 वर्षीय जितेंद्र प्रसाद पिता अन्नु दिवाकर को गत दिवस की शाम उपचार हेतु होशंगाबाद अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी मौत हो गई।

नार्वे एम्बेसी के दल ने किया जिले का भ्रमण













सीहोर : विकास के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लेने आज नार्वे एम्बेसी के एक दल ने जिले की आष्टा तहसील के ग्राम मानाखेड़ी का दौरा किया। इस दल में नार्वे एम्बेसी के राजदूत असलक ब्रून, एडवाइजर जेने एन्डरसन, यू एन वूमेन संस्था की रीजनल प्रोग्राम डायरेक्टर एने स्टेनहेमर, जेन्डर कन्सलटेन्ट शिवानी भारद्वाज, प्रोग्राम एसोसिएट रचना विस्ट, आयुक्त पंचायती राज संचालनालय विश्व मोहन उपाध्याय शामिल थे। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. संजय गोयल, सीईओ जिला पंचायत बी.एस.जामौद एवं अन्य अधिकारी, सरपंच किरण सोलंकी, जनपद सदस्य श्रीमती ममता उमठ सहित पंचायत पदाधिकारी और ग्रामीणजन मौजूद थे। नार्वे एम्बेसडर ने कहा "वन्डरफुल" ग्राम मानाखेड़ी पहुंचे नार्वे के दल का परम्परागत रूप से जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने स्वागत किया। ग्रामीण महिलाओं ने नार्वे के एम्बेसडर असलक ब्रून द्वारा किए गए प्रश्नों के बेबाकी से उत्तर दिए। महिलाओं की जागरूकता और विकास में उनकी सहभागिता को देख अपने स्वागत से अविभूत श्री ब्रून ने कहा "वन्डरफुल"। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिलाओं को विकास में बराबर का भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित महिलाओं से जानकारी प्राप्त की और कहा कि वे बेहतर कार्य कर रही हैं। श्री ब्रून ने महिलाओं से पंचायत चुनाव में उनकी सहभागिता के सिलसिले में प्रश्न किए और महिलाओं की जागरूकता की सराहना की। महिलाओं की अहम भूमिका कार्यक्रम में नार्वे एम्बेसी की जेन्डर एडवाइजर जेने एन्डरसन ने कहा कि विकास में महिलाओं की अह्म भूमिका है। महिलाओं की सहभागिता से ग्रामीण विकास को गति मिलती है। उन्होंने बताया कि भारत और नार्वे दोनों देशों में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए जा रहे है। महिला और पुरूष दोनो की विकास में बराबर की हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि नार्वें का दल ग्रामीण महिलाओं खासकर निर्वाचित महिलाओं के अनुभव जानने के लिए यहां आया है। सीहोर जिले का चयन आयुक्त पंचायती राज संचालनालय विश्वमोहन उपाध्याय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रदेश शासन द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है और महिलाओ की समाज में बराबर की हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई है। श्री उपाध्याय ने बताया कि नार्वे एम्बेसी दल के भ्रमण हेतु प्रदेश में सीहोर जिले का चयन किया गया है। यू.एन.वूमेन संस्था दक्षिण एशिया के पांच देशों में कार्य कर रही है जिनमें से भारत के 6 राज्यों के 13 जिले शामिल हैं।यादगार रहेगी शाल रीजन प्रोग्राम डायरेक्टर एने स्टेनहेमर ने अपने पारम्परिक स्वागत पर ग्रामीणों को शुक्रिया देते कहा कि जो शाल भेंट की गई है वह नार्वे की सर्दी में काम आएगी और इस गांव के निवासियों के स्नेह को याद दिलाती रहेगी। केम्पेन चलेगा कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने कहा कि नार्वे दल के इस गांव में आगमन का उद्देश्य निर्वाचित महिलाओं से उनकी समस्याएं जानना और प्रशासन से उनकी अपेक्षाओं का आंकलन करना है। कलेक्टर ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना और बेटी बचाओ जैसे अभियान को प्राथमिकता से क्रियान्वित किया जा रहा है जिससे महिला सशक्तिकरण को ओर अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने नार्वे दल के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि महिला सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे प्रोग्राम को केम्पेन के रूप में क्रियान्वित कर इसे परिणाममूलक बनाया जाएगा। सरपंच किरण सोलंकी, जनपद सदस्य ममता उमठ, ग्राम पंचायत पंच बसकन्या बाई, सेजूबाई, सुनीताबाई सहित अनेक महिलाओं ने अपने विचार व्यक्त कर अपने अनुभव सुनाए। इस मौके पर एसडीएम आष्टा सी.पी निगम, जनपद पंचायत आष्टा के सीईओ उपेन्द्र सेंगर, इछावर सीईओ भूपेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

दीपावली पूर्व मिलेगा वेतन

सीहोर : राज्य शासन के कर्मचारियों को दीपावली के पूर्व वेतन भुगतान करने के उद्देश्य से उन्हें अक्टूबर माह का वेतन 24 एवं 25 अक्टूबर,11 को भुगतान किया जाएगा। शासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक शासकीय कर्मचारियों का माह अक्टूबर,11 का वेतन 24 एवं 25 अक्टूबर को आहरण कर वितरित किया जाएगा। इस सिलसिले में कलेक्टर डॉ. संजय गोयल द्वारा सभी कार्यालय प्रमुख एवं जिला कोषालय अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

विद्युत उपभोक्ताओं को तीस फीसदी छूट मिलेगी

सीहोर : न्यायालयों में लंबित प्रकरणों में विभिन्न श्रेणी के आरोपी विद्युत उपभोक्ताओं / उपयोगकर्ता को सशर्त 30 प्रतिशत की छूट मिलेगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र में आने वाले 16 जिलों में 19 नबम्बर 2011 को आयोजित होने वाली लोक अदालत में न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गयी है। कंपनी ने अपने कार्यक्षेत्र में निर्णय लिया है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 138 के अंतर्गत न्यायालय में लंबित प्रकरणों में समस्त घरेलू, कृषि, ग्रामीण क्षेत्र के 5 किलोवॉट भार तक के गैर घरेलू उपभोक्ता तथा ग्रामीण क्षेत्र के 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व में 30 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। कंपनी ने छूट के तहत यह शर्त रखी है कि आरोपी उपयोगकर्ता अथवा बिजली उपभोक्ता सिविल दायित्व की राशि का एक मुश्त भुगतान करता है तो सिविल दायित्व में 30 प्रतिशत की छूट का पात्र होगा। कंपनी ने यह भी फैसला लिया है कि यह छूट मात्र आगामी 19 नबम्बर को आयोजित होने वाली लोक अदालत के लिए लागू होगी। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने ऐसे आरोपी उपयोगकर्ताओं अथवा उपभोक्ताओं को जिनके परिसर में बिजली चोरी अथवा अवैध विद्युत के प्रकरण धारा 135 तथा 138 के अंतर्गत विभिन्न न्यायालयों में लंबित है उनसे कंपनी द्वारा दी जा रही छूट का लाभ उठाने की अपील की है। कंपनी का मानना है कि इस निर्णय से जहां आरोपी उपभोक्ताओं को लाभ होगा, वहीं विद्युत वितरण कंपनी को सही समय पर राजस्व मिल सकेगा।

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011

तीन आदतन अपराधी जिला बदर

सीहोर : सीहोर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. संजय गोयल ने तीन आदतन अपराधियों को जिला बदर करने के आदेश प्रसारित किए हैं। दो आदतन अपराधियों को छह - छह माह के लिए और एक को एक साल के लिए जिला बदर किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. संजय गोयल ने पुलिस अधीक्षक सीहोर से प्राप्त प्रतिवेदन से पूर्णत: संतुष्ट होकर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 एवं 6 के अंतर्गत शिवनारायण वल्द जगन्नाथ दांगी उम्र 48 वर्ष निवासी सेमरादांगी थाना दोराहा, अनीस खां वल्द आजम खां उम्र 52 वर्ष निवासी अहमदपुर थाना अहमदपुर को छह - छह माह के लिए और जितेन्द्र उर्फ जीतू उर्फ कारगिल वल्द राजकुमार राठौर उम्र 30 वर्ष निवासी सुदामा नगर, गंज सीहोर थाना कोतवाली सीहोर को जिला सीहोर एवं उसके सीमावर्ती जिले भोपाल, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, देवास, शाजापुर एवं राजगढ जिलों की राजस्व सीमाओं से एक वर्ष के लिए निष्कासित किया है।उल्लेखनीय है कि यह तीनों आदतन अपराधी क्षेत्र में कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित कर सकते है। इनका समाज में इतना आतंक है कि लोग इनके विरूद्ध रिपोर्ट लिखवाने एवं गवाही देने से कतराते हैं। इन्ही सब बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गोयल ने जिला बदर की कार्यवाही की है।

शिक्षा विभाग के 15 कर्मचारियों की सेवा समाप्त

सीहोर : कलेक्टर डॉ. संजय गोयल के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने शासकीय शालाओं में कार्यरत लम्बे समय से लगातार अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित 15 शिक्षकों कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए उन्हें सेवा से पृथक कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी सीहोर ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शासकीय शालाओं में कार्यरत सहायक शिक्षक, अध्यापक, संविदा शाला शिक्षक और लिपिक जो लम्बे समय से शालाओं से बिना सूचना के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे है उनकी सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए गए है। प्राप्त सूचना के अनुसार शा.प्रा.शा. बींसापुर के सहायक शिक्षक के.के.महोबिया, शा.क. प्रा.शा. अलीपुर आष्टा के सहायक शिक्षक गोपाल सिंह, शा.क.उ.मा.वि.बुधनी के सहायक ग्रेड 3 वीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, शा.उ.मा.वि.मरदानपुर के संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 1 वीरेन्द्र कुमार हुमने, शा.उ.मा.वि. लाडकुई की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 1 श्रीमती मिली शर्मा, शा.क.एम.एल.बी.उ.मा.वि.सीहोर की अध्यापक श्रीमती रिचा सिंह, मा.शा. ढाबलाराय की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 2 कु. राजकुंअर ठाकुर, शा.उ.मा.वि. सेमरी की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 2 श्रीमती सीमा शर्मा, शा.मा.शा.लसूडियाकांगर की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 2 कुमारी प्रिया सोनी, मा.शा.नयागांव की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 2 श्रीमती मोना प्रजापति, हाई स्कूल मुंगावली के शिक्षा कर्मी वर्ग 3 लोकेश उपाध्याय, हाईस्कूल मोगरा की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 3 श्रीमती सुमित्रा मोहनिया, क.प्रा.शा. लच्छीरामपुरा की संविदा शाला शिक्षक श्रेणी 3 श्रीमती सुलोचना सूर्यवंशी, हाईस्कूल उलझावन की अध्यापक श्रीमती सीता शंकवार और मा.शा.उलझावन के सहायक शिक्षक महेन्द्र कचनेरिया की सेवा समाप्त कर दी गई है। कलेक्टर डॉ. गोयल ने समस्त जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भी अपने अपने विभागों के लापरवाह कर्मियों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही करें।

सरकार के निशाने पर देश के दो बडे मीडिया संस्थान


lपुण्य प्रसून बाजपेयी
इस वक्त सरकार के निशाने पर देश के दो बडे मीडिया संस्थान है । दोनों संस्थानों को लेकर सरकार के भीतर राय यही है कि यह विपक्ष की राजनीति को हवा दे रहे हैं । सरकार के लिये संकट पैदा कर रहे हैं । वैसे मीडिया की सक्रियता में यह सवाल वाकई अबूझ है कि जिस तरह के हालात देश के भीतर तमाम मुद्दों को लेकर बन रहे हैं उसमें मीडिया का हर संस्थान आम आदमी की परेशानी और उसके सवालों को अगर ना उठाये, तो फिर उस मीडिया संस्थान की विश्वनीयता पर भी सवाल खड़ा होने लगेगा। लेकिन सरकार के भीतर जब यह समझ बन गयी हो कि मीडिया की भूमिका उसे टिकाने या गिराने के लिये ही हो सकती है, तो कोई क्या करे?इसलिये मीडिया के लिये सरकारी एडवाईजरी में जहां तेजी आई है,वहीं जिन मीडिया संस्थानो पर सरकार निशाना साध रही है उसमें निशाने पर वही संस्थान हैं,जिनका वास्ता विजुअल और प्रिंट दोनों से है। साथ ही उन मीडिया संस्थानो के दूसरे धंधे भी है। दरअसल, सिर्फ मीडिया हाउस चलाने वाले मालिकों को तो सरकार सीधे निशाना बना नहीं सकती क्योंकि इससे मीडिया मालिकों की विश्वनीयता ही बढ़ेगी और उनकी सौदेबाजी के दायरे में राजनीति आयेगी। जहां विपक्ष साथ खड़ा हो सकता है। फिर आर्थिक नुकसान की एवज में सरकार को टक्कर देते हुये मीडिया चलाने का मुनाफा भविष्य में कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है। लेकिन जिन मीडिया हाउसों के दूसरे धंधे भी हैं और अगर सरकार वहां चोट करने लगे तो फिर उन मीडिया हाउसों के भीतर यह सवाल खड़ा होगा ही कि कितना नुकसान उठाया जाये या फिर सरकार के साथ खड़े होना जरुरी है। और चूकिं यह खेल राष्ट्रीय स्तर के मीडिया घरानों के साथ हो रहा है तो खबरें दिखाने और परोसने के अंदाज से भी पता लग जाता है कि आखिर मीडिया हाउस के तेवर गायब क्यों हो गये?दरअसल पर्दे के पीछे सरकार का जो खेल मीडिया घरानों को चेताने और हड़काने का चल रहा है,उसके दायरे में अतीत के पन्नों को भी टटोलना होगा और अब के दौर में मीडिया के भीतर भी मुनाफा बनाने की जो होड है, उसे भी समझना होगा।
याद कीजिये आपातकाल लगाने के तुरंत बाद जो पहला काम इंदिरा गांधी ने किया वह मीडिया पर नकेल कसने के लिये योजना मंत्रालय से विद्याचरण शुक्ल को निकालकर सूचना प्रसारण मंत्री बनाया और मंत्री बनने के 48 घंटे बाद ही 28 जून 1975 को विद्याचरण शुक्ल ने संपादकों की बैठक बुलायी। जिसमें देश के पांच संपादक इंडियन एक्सप्रेस के एस मुलगांवकर,हिन्दुस्तान टाईम्स के जार्ज वर्गीज, टाइम्स आफ इंडिया के गिरिलाल जैन,स्टैट्समैन के सुरिन्दर निहाल सिंह और पैट्रियॉट के विश्वनाथ को सूचना प्रसारण मंत्री ने सीधे यही कहा कि सरकार संपादकों के काम से खुश नहीं है,उन्हें अपने काम के तरीके बदलने होंगे। चेतावनी देते मंत्री से बेहद तीखी चर्चा वहां आकर रुकी जब गिरिलाल जैन ने कहा ऐसे प्रतिबंध तो अंग्रेजी शासन में भी नहीं लगाये गये थे। इस पर मंत्री का जवाब आया कि यह अग्रेंजी शासन नहीं है, यह राष्ट्रीय आपात स्थिति है। और उसके बाद मीडिया ने कैसे लडाई लड़ी या कौन कहां, कैसे झुका यह किसी से छिपा नहीं है। लेकिन 36 बरस बाद भ्रष्ट्राचार के कटघरे में खड़े पीएमओ, कालेधन को टालती सरकार और मंहगाई पर फेल मनमोहन इक्नॉमिक्स को लेकर देश भर में सवाल खडे हुये और 29 जून 2011 को जब प्रधानमंत्री ने सफाई देने के लिये संपादकों की बैठक बुलायी। और प्रिट मिडिया के पांच संपादक जब प्रधानमंत्री से मिलकर निकले, तो मनमोहन सिंह एक ऐसी तस्वीर पांचों संपादको ने खींची जिससे लगा यही कि देश के बिगडते हालात में कोई व्यक्ति सबसे ज्यादा परेशान है और कुछ करने का माद्दा रखता है, तो वह प्रधानमंत्री ही है। यानी जो कटघरे में अगर स्थितियां उसे ही सहेजनी हैं, तो फिर संपादक कर क्या सकते हैं या फिर संपादक भी अपनी बिसात पर निहत्थे हैं । यानी लगा यही कि जिस मीडिया का काम निगरानी का है वह इस दौर में कैसे सरकार की निगरानी में आकर ना सिर्फ खुद को धन्य समझने लगा, बल्कि सरकार से करीबी ही उसने विश्वनीयता भी बना ली। लेकिन अन्ना हजारे के आंदोलन को जिस तरह मीडिया ने हाथों हाथ लिया उसने झटके में सरकार के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया कि जिस मीडिया को उसने अपनी छवि बनाने के लिये धंधे में बदला और बाजार अर्थव्यवस्था में बांधा अगर उसी मीडिया का धंधा सरकार की बनायी छवि को तोड़ने से आगे बढने लगे, तो वह क्या करेगी । क्या सत्ता इसे लोकतंत्र की जरूरत मान कर खामोश हो जायेगी या फिर 36 बरस पुराने पन्नों को खोलकर देखेगी कि मीडिया पर लगाम लगाने के लिये मुनाफा तंत्र बाजार के बदले सीधे सरकार से जोड़ कर नकेल कसी जाये। अगर सरकार के संकेत इस दौर में देखें तो वह दोराहे पर है।
एक तरफ फैलती सूचना टेक्नॉल्जी के सामने उसकी विवशता है, तो दूसरी तरफ मीडिया पर नकेल कस अपनी छवि बचाने की कोशिश है । 36 बरस पहले सिर्फ अखबारों का मामला था तो पीआईबी में बैठे सरकारी बाबू राज्यवार अखबारों की कतरनों के आसरे मंत्री को आपात स्थिति का अक्स दिखाते रहते, लेकिन अन्ना हजारे के दौर में ना तो बाबुओं का विस्तार टेक्नॉल्जी विस्तार के आधार पर हो पाया और ना ही सत्ता की समझ सियासी बची । इसलिये आंदोलन को समझ कर उस पर राजनीतिक लगाम लगाने की समझ भी मनमोहन सिंह के दौर में कुंद है। और राजनीति भी जनता से सरोकार की जगह पैसा बनाकर सत्ता बरकरार रखने की दिशा को ज्यादा रफ्तार से पकड़े हुये है। यानी सियासत की परिभाषा ही जब मनमोहन सिंह के दौर में आर्थिक मुनाफे और घाटे में बदल गयी है तो फिर मीडिया को लेकर सरकारी समझ भी इसी मुनाफा तंत्र के दायरे में सौदेबाजी से आगे कैसे बढ़ेगी। इसलिये जिन्होंने अन्ना हजारे के आंदोलन को प्रधानमंत्री की परिभाषा संसदीय लोकतंत्र के लिये खतरा तले देखा, उन्हें सरकार पुचकार रही है और जिस मीडिया ने अन्ना के अन्ना के आंदोलन में करवट लेते लोकतंत्र को देखा, उन्हें सरकार चेता रही है । लेकिन पहली बार अन्ना आंदोलन एक नये पाठ की तरह ना सिर्फ सरकार के सामने आया बल्कि मिडिया के लिये भी सड़क ने नयी परिभाषा गढ़ी । और दोनों स्थितियों ने मुनाफा बनाने की उस परिभाषा को कमजोर कर दिया जिसके आसरे राजनीति को एक नये कैनवास में मनमोहन सिंह ढाल रहे है और मीडिया अपनी विश्वसनीयता मनमोहन सिंह के कैनवास तले ही मान रही है । मीडिया ने इस दौर को बेहद बारीकी से देखा कि आर्थिक विकास के दायरे में राजनीति का पाठ पढाने वाले मनमोहन सिंह के रत्नों की चमक कैसे घूमिल पड़ी । कैसे सत्ता के गुरूर में डूबी कांग्रेस को दोबारा सरोकार कि सियासत याद आयी । कैसे कांग्रेस की बी टीम के तौर पर उदारवादी चेहरे को पेश करने में जुटी बीजेपी को राजनीति का 36 बरस पुराना ककहरा याद आया । और कैसे तमाशे में फंसा वह मिडिया ढहढहाया जो माने बैठा रहा कि अन्ना सडक से सासंदो को तो डिगा सकते है लेकिन न्यूज चैनल के इस मिथ को नहीं तोड सकते कि मनोरंजन का मतलब टीआरपी है । असल में मिडिया के अक्स में ही सियासत से तमाशा देखने की जो ललक बाजार व्यवस्था ने पैदा की उसने अन्ना के आंदोलन से पहले मिडिया के भीतर भ्रष्ट्राचार की एक ऐसी लकीर बनायी जो अपने आप में सत्ता भी बनी और सत्ता चलाने वालो के साथ खडे होकर खुद को सबसे विश्वनिय मानने भी लगी । लेकिन अन्ना के आंदोलन ने झटके में मिडिया की उस विश्वनियता की परिभाषा को पलट दिया जिसे आर्थिक सुधार के साथ मनमोहन सिंह लगातार गढ रहे थे । विश्वनियता की परिभाषा बदली तो सरकार एक नही कई मुश्किलो से घिरी । उसे मीडिया को सहेजना है। उसे अन्ना टीम को कटघरे में खड़ा करना है । उसे संसदीय लोकतंत्र का राग अलापना है। उसे लाभ उठाकर विपक्ष को मात देने की सियासत भी करनी है। उसने किया क्या?
मीडिया से सिर्फ अन्ना नहीं सरकार की बात रखने के कड़े संकेत दिये। लेकिन इस दौर में सरकार इस हकीकत को समझ नही पा रही है कि उसे ठीक खुद को भी करना होगा । प्रणव मुखर्जी न्यूयार्क में अगर प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद यह कहते है कि दुर्गा पूजा में शामिल होने के लिये उन्हें 27 को बंगाल पहुंचना जरुरी है और दिल्ली में पीएम से मुलाकात संभव नहीं हो पाती इसलिये मुलाकात के पीछे कोई सरकार का संकट ना देखे । तो समझना यह भी होगा कि मीडिया की भूमिका इस मौके पर होनी कैसी चाहिये और हो कैसी रही है। और सरकार का संकट कितना गहरा है जो वह मीडिया का आसरे संकट से बचना चाह रही है । यानी पूरी कवायद में सरकार यह भूल गयी कि मुद्दे ही सरकार विरोध के है । आम लोग महंगाई से लेकर भ्रष्ट्राचार मुद्दे में अपनी जरूरतों की आस देख रहे हैं । ऐसे में जनलोकपाल का आंदोलन हो या बीजेपी की राजनीतिक घेराबंदी वह सरकार का गढ्डा खोदेगी ही । तो क्या मनमोहन सिंह के दौर में राजनीति से लेकर मीडिया तक की परिभाषा गढ़ती सरकार अपनी ही परिभाषा भूल चुकी है । और अब वह मीडिया को बांधना चाहती है। लेकिन इन 36 बरस में कैसे सरकार और मीडिया बदले है इसपर गौर कर लें तो तस्वीर और साफ होगी । उस दौर में इंदिरा इज इंडिया और इंडिया इज इंदिरा चापलूसो ने कहा । अब अन्ना टीम की एक स्तम्भ ने अन्ना इज इंडिया और इंडिया इज अन्ना कहा । उस वक्त इंडिया दुडे के दिलिप बाब ने जब इंदिरा गांधी से इंटरव्यू में कुछ कडे सवाल पूछे तो इंदिरा ने यहकहकर जवाब नहीं दिया कि इंडिया दुडे तो एंटी इंडियन पत्रिका है । तब इंडिया दुडे के संपादक अरुण पुरी ने कवर पेज पर छापा । इंदिरा से इंडिया एंड एंटी इंदिरा इज एंटी इंडिया । और वहीं से इंडिया दुडे ने जोर पकडा जिसने मिडिया को नये तेवर दिये । लेकिन अब 17 अगस्त को जब संसद में पीएम मनमोहन सिंह ने अन्ना के आंदोलन को संसदीय लोकतंत्र के लिये खतरा बताया तो कोई यह सवाल नहीं पूछ पाया कि अगर अन्ना इज इंडिया कहा जा रहा है तो फिर सरकार का एंटी अन्ना क्या एंटी इंडियन होना नहीं है । असल में 36 बरस पुराने ढोल खतरनाक जरुर है लेकिन यह कोई नहीं समझ पा रहा कि उस ढोल को बजाने वाली इंडिरा गांधी की अपनी भी कोई अवाज थी। और इंदिरा नहीं मनमोहन सिंह है। जो बरसों बरस राज्यसभा सदस्य के तौर पर संसद की लाइब्रेरी अक्सर बिजनेस पत्रिकाओ को पढकर ही वक्त काटा करते थे । और पडौस में बैठे पत्रकार के सवालो का जवाब भी नहीं देते थे । यह ठीक वैसे ही है जैसे 15 बरस पहले जब आजतक शुरु करने वाले एसपी सिंह की मौत हुई तो दूरदर्शन के एक अधिकारी ने टीवीटुडे के तत्कालिक अधिकारी कृष्णन से कहा कि एसपी की गूंजती आवाज के साथ तो हेडलाईन का साउंड इफैक्ट अच्छा लगता था। लेकिन अब जो नये व्यक्ति आये हैं उनकी आवाज ही जब हेडलाइन के घुम-घडाके में सुनायी नहीं देती तो फिर साउंड इफैक्ट बदल क्यो नहीं देते । और संयोग देखिये आम लोग आज भी आजतक की उसी आवाज को ढूंढते है क्योंकि साउंड इफैक्ट अब भी वही है। और संकट के दौर में कांग्रेस भी 36 बरस पुराने राग को गाना चाहती है।

बुधवार, 5 अक्टूबर 2011



बेटी वाले परिवार और बेटियां सम्मानित

सीहोर : प्रदेश व्यापी बेटी बचाओ अभियान का आज जिले में भी समारोहपूर्वक शुभारंभ किया गया। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित समारोह में जहां उत्कृष्ट कार्य करने वाली बेटियों का सम्मान किया गया वहीं बेटी वाले दंपत्तियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उपस्थित जनसमुदाय को बेटी और बेटे के बीच भेदभाव नहीं करने का संकल्प दिलाया गया। जिले में बेटी बचाओ अभियान के तहत रैलियां आयोजित की गई जिनके जरिए बिटिया बचाने का संदेश दिया गया। जिला मुख्यालय पर नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा के मुख्य आतिथ्य में बेटी बचाओ अभियान का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। मील का पत्थर बनेगा अभियान आवासीय खेलकूद संस्थान सीहोर के सभागृह में बेटी बचाओ अभियान के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने प्रदेश में बेटी बचाओ अभियान की परिकल्पना और इसकी शुरूआत के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई देते हुए कहा कि बेटी बचाओ अभियान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की दूरगामी और संवेदनशील सोच को उजागर करता है। प्रदेश में बेटियों की खुशहाली के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार की जननी सुरक्षा, लाड़ली लक्ष्मी और मुख्यमंत्री कन्यादान जैसी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में लगातार हो रही कमी को दूर करने में यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा। समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने कहा कि आज किसी भी क्षेत्र में बेटियां पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक रूढ़िवादिता के चलते पुत्र और पुत्रियों में आज भी फर्क किया जाता है। समाज की ऐसी सोच में परिवर्तन लाने, भ्रूण हत्या जैसे अपराध को रोकने और बेटियों को सम्मान दिलाने के मकसद से ही बेटी बचाओ अभियान शुरू किया गया है। शासन द्वारा शुरू किया गया यह अभियान लिंगानुपात में हो रहे अन्तर को समाप्त करने में कारगर साबित होगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए.एल.मरावी ने कहा कि भ्रूण हत्या गैरकानूनी है जिसके लिए दण्ड का प्रावधान है। भ्रूण हत्या के कारण बेटियों की जन्मदर में कमी आई है जिस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रबुद्ध वर्ग को आगे आकर समाज को इस बात के लिए जागृत करना होगा कि बेटा-बेटी एक समान है और बेटी को जन्म लेने से रोकना नियति के विपरीत है। एडीएम एस.एस.बघेल ने कहा कि बेटियों को बचाने में सामाजिक बदलाव लाने की जरूरत है। समारोह को पं.गणेश शर्मा ने भी संबोधित किया और बेटियों के महत्व को रेखांकित किया। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा ने बेटी और बेटे के बीच भेदभाव नहीं करने का संकल्प दिलाया। समारोह में जहां कलापथक दल के कलाकारों ने एक नाटक मंचित कर बेटी बचाने का संदेश दिया वहीं महिला बाल विकास विभाग की श्रीमती पालीवाल ने ""होती है परिवार की आधार बेटियां"" नामक गीत प्रस्तुत किया। समारोह में एक पुत्री के बाद नसबंदी आप्रेशन कराने वाले चार व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जिनमें डॉ. सरला कसौटिया, बी.के.शर्मा, श्रीमती मधुकैलाश, श्री संजय चौरसिया शामिल थे। इसके अलावा खेल एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए बेटियों का सम्मान किया गया। इनमें राज्य स्तरीय खेलों में हाकी के प्रतिनिधित्व के लिए जुबेदा बी और क्रिकेट के लिए निधि भारद्वाज को प्रशस्ति पत्र एवं ट्राफी प्रदान की गई। इसी तरह राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में जिले को गौरवान्वित करने वाली कु. सीमा धाड़ी, विश्वविद्यालयीन खेल प्रतियोगिताओं में टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली फुटवाल खिलाड़ी कु. नीतू मेवाड़ा, खो-खो खिलाड़ी कु. अनुराधा भिलाला, कबड़डी एवं हेण्डबाल खिलाड़ी कु. शीला मालवीय, जिम्नास्टिक खिलाड़ी कु. सविता शर्मा तथा कक्षा बारहवीं में राज्य स्तर पर तीसरे स्थान पर रहने वाली कु. सुरभि शर्मा को सम्मानित किया गया। इस मौके पर संयुक्त कलेक्टर गिरीश शर्मा,एसडीएम इच्छित गढ़पाले, जिला शिक्षा अधिकारी धमेन्द्र शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. टी.एन. चतुर्वेदी, डॉ. बी.के.चतुर्वेदी, डॉ. आर.सी.गुप्ता सहित अन्य अधिकारी, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री प्रदीप गौतम, श्री दिनेश पाटीदार, पार्षद सर्वश्री कमलेश राठौर, रिजवान पठान, मुकेश मेवाड़ा, रामचन्द्र पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक एवं स्कूली विद्यार्थी मौजूद थे। समारोह का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास बृजेश शिवहरे ने किया।

मंगलवार, 4 अक्टूबर 2011

ग्रामीणों ने कंजर की लगाई पिटाई

सिहोर आष्टा थाना छेत्र के मुगली मे आज १२ बजे के लगभग एक ४० साल के कंजर को ग्रामीणों ने गिरधारीलाल का वाहन चोरी करते हुए देख लिया तभी उसे पकड़ कर उसकी जमकर पिटाई लगा दी गभीर चोट आने के कारन उसे अश्पाताल मे भर्ती

सलकनपुर देवीधाम पहुंचे मुख्यमंत्री

सीहोर : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नवरात्र की अष्टमी पर आज मंगलवार को सलकनपुर स्थित माँ विजयासन देवी धाम पहुंचकर सपत्नीक पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सलकनपुर मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान के साथ पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की खुशहाली, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने मंदिर परिसर की परिक्रमा भी की। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश का विकास और जनकल्याण ही उनका लक्ष्य है जिसे प्राप्त करने की उन्होंने आज माँ विजयासन माताजी से प्रार्थना की है। बेटी है तो कल हैमुख्यमंत्री श्री चौहान ने जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों, स्वैच्छिक संगठनों और अभिभावकों से अपील की है कि वे बेटी बचाओ अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता निभायें। उन्होंने बेटियों को सृष्टि का वरदान बताते हुए कहा कि बेटी होगी तो कल होगा। बेटियों को बोझ नहीं बल्कि वरदान समझें। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात की कमी को सुधारने के लिए प्रत्येक नवदंपत्ति को यह संकल्प लेना होगा कि बिटिया को जन्म लेने से नहीं रोकना है। उन्होंने कहा कि बिटिया को जन्म लेने का उतना ही अधिकार है जितना बेटे को। इसके लिए जहाँ पुरूषों को अपनी मानसिकता बदलना पड़ेगी वहीं महिलाओं को भी जागरूक होकर बालिका भ्रूण हत्या का दृढता से विरोध करना होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार का बेटी बचाओ अभियान इसी दिशा में उठाया गया एक सार्थक प्रयास है जिसे समन्वित प्रयासों से सफल बनाया जाएगा। सहज भाव से मिले मुख्यमंत्री प्रसिद्ध देवीधाम में बड़ी संख्या में आए श्रृद्धालुओं से मुख्यमंत्री श्री चौहान सहज भाव से मिले और उनकी कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने श्रृद्धालुओं को दर्शन करने में किसी तरह की दिक्कत न हो इसका ध्यान रखने के अधिकारियों को निर्देश दिये। इस मौके पर अध्यक्ष वन विकास निगम गुरुप्रसाद शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष रघुनाथ सिंह भाटी, मण्डल अध्यक्ष राम सजीवन यादव, लखन यादव, रवि मालवीय, राजेन्द्र पटेल, ललित शर्मा, नीरज सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जन-प्रतिनिधि एवं श्रद्धालु मौजूद थे।

सोमवार, 3 अक्टूबर 2011

केबी शर्मा होंगे नए एसपी

सीहोर। राजगढ़ जिले में पदस्थ पुलिस अधीक्षक कुंजबिहारी शर्मा का तबादला सीहोर जिले में नए पुलिस अधीक्षक के रूप में किया गया है। उनका तबादला हाल ही में सेवा निवृत्त हुए केडी पाराशर के स्थान पर किया गया है। श्री शर्मा 88 बैच के पुलिस अफसर हैं। वे सागर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक रहे, उसके बाद पीएचक्यू पदस्थ किए गए, कुछ समय बाद उन्हें पन्ना एसपी के रूप में पदस्थ किया गया। जहां से उनका तबादला राजगढ़ कर दिया गया। तब से वे राजगढ़ एसपी के रूप में कार्य कर रहे थे। अब उन्हें सीहोर पुलिस अधीक्षक के रूप में स्थांतरित किया गया है।

बेटी बचाओ अभियान का शुभारंभ पांच अक्टूबर को

सीहोर : प्रदेश व्यापी ""बेटी बचाओ अभियान""का शुभारंभ पाँच अक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान अपने भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर करेंगे। इस मौके पर आयोजित कन्या भोज में करीब एक हजार कन्याएं शामिल होंगी। सीहोर जिले में ""बेटी बचाओ अभियान" का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। इस सिलसिले में कलेक्टर डॉ.संजय गोयल ने अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। व्यापक तैयारीकलेक्टर डॉ. संजय गोयल के निर्देश पर जिले में पाँच अक्टूबर से शुरू होने वाले ""बेटी बचाओ अभियान"" की सभी तैयारियाँ की गई हैं। बेटी बचाओ अभियान का शुभारंभ पाँच अक्टूबर को पूरे प्रदेश में एक साथ होगा। अभियान के शुभारंभ समारोह में मुख्यत: स्कूली छात्र-छात्राओं की रैली आयोजित की जायेगी। समारोह में विशेष उपलब्धियाँ अर्जित करने वाली स्थानीय बालिकाओं एवं महिलाओं का सम्मान भी किया जाएगा। बेटी के जन्म पर वृक्षारोपण के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जायेगा। नाटकों के प्रदर्शन आदि कार्यक्रम भी इस मौके पर आयोजित किये जा जायेगें। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने बताया कि अभियान को सफल बनाने हेतु शासन के निर्देशानुसार समस्त राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों का सहयोग लेकर जनसहभागिता सुनिश्चत की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जो गतिविधियां तय की गई है उसमें ऐसे परिवार जिसमें सिर्फ बेटियां ही हैं, उन्हें अपने आवास की रजिस्ट्री पति-पत्नी के नाम करने पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाएगी। अभियान में अच्छा काम करने वाले व्यक्ति एवं संगठनों को पुरूस्कृत भी किया जाएगा। स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजनकलेक्टर डॉ. गोयल ने बताया कि ""बेटी बचाओ अभियान "" के परिपेक्ष्य में स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। कोई भी प्रतिभागी बेटी बचाओ से संबंधित नारा मोबाइल नंबर 9893007386 पर एसएमएस कर सकता है। प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को 5 अक्टूबर को पुरूस्कृत किया जाएगा।सम्मानित होंगे बेटियों वाले दंपत्तिअभियान के दौरान सर्फ बेटियों वाले दम्पत्तियों को सम्मानित किया जाएगा ताकि बेटियों वाले परिवार स्वयं को गौरवान्वित महसूस करें। अभियान में विशिष्ट योगदान प्रदान करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी हर वर्ष पुरस्कृत किया जायेगा। बेटियों को गोद लेने वाले अभिभावकों और उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाली बेटियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने की भी पहल की जायेगी। ""सिर्फ बेटी वाले परिवार क्लब"" के सदस्यों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़कर गतिविधियाँ आयोजित की जायेंगी। दहेज माँगने वाले एवं देने वाले परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने के लिये जन-जागृति लायी जायेगी तथा सादगीपूर्ण विवाह समारोह को बढ़ावा दिया जायेगा।हर साल मनेगा बेटी दिवसशासन निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा हर साल एक नियत तिथि को ""बेटी दिवस"" का आयोजन किया जाएगा जो किसी प्रसिद्ध महिला के जन्म-दिवस पर होगा। जिले में बेटी बचाओ अभियान का नेतृत्व जिले की महिला जन-प्रतिनिधियों/समाज सेविकाओं को सौंपा जायेगा। अभियान को सफल बनाने तथा बेटियों की महत्ता को कायम रखने की दिशा में घरेलू हिंसा अधिनियम का भी प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। अभियान के लिये कार्यशालाओं के आयोजन के साथ ही समाज में बेटियों के पक्ष में वातावरण निर्माण के लिये महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्य प्रभावी गतिविधियाँ भी संचालित की जाएंगी। "" बेटी है तो कल है""स्टीकर, पोस्टर, दीवार लेखन, गांवों में मुनादी, नुक्कड़ नाटक, आडियो-वीडियो आदि के जरिए बेटी बचाओ अभियान का व्यापक रूप से प्रचार प्रसार सुनिश्चित किया गया है। अभियान का हर स्तर पर प्रचार-प्रसार कर इसे जनान्दोलन का रूप दिया जाएगा। प्रचार-प्रसार के लिए पंचलाइन होगी ""बेटी है तो कल है""

उद्यानिकी योजनाओं का लाभ उठाएं किसान

सीहोर :किसानों को अनुदान पर कृषि उपकरण मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा उद्यानिकी विभाग के माध्यम से योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। राज्य उद्यानिकी मिशन योजना के तहत रोटावेटर एवं अन्य उपकरणों पर लागत का पचास फीसदी अनुदान का जिले के किसानों को लाभ दिया जाएगा। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों से एक सप्ताह में आवेदन चाहे गए हैं।सहायक संचालक उद्यान श्री रोशनलाल ने एक जानकारी में बताया कि राज्य उद्यानिकी मिशन योजनांतर्गत 20 हार्स पावर तक के रोटावेटर एवं अन्य उपकरणों पर लागत एक लाख 20 हजार का 50 फीसदी अनुदान देने का प्रावधान है जिसमें अधिकतम 60 हजार रूपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह 20 या इससे अधिक हार्सपावर की रोटावेटर मशीन एवं अन्य उपकरण जिनकी लागत तीन लाख रूपये है इस पर भी 50 फीसदी अर्थात अधिकतम डेढ़ लाख रूपये का अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। उद्यान रोपणियों पर पदस्थ उद्यान अधीक्षक से किसान संपर्क कर योजना के नियम एवं शर्तों की जानकारी हासिल कर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन सात दिवस तक मान्य किए जाएंगे और इसके बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

महिला पंचों को दी जायेगी जवाबदारी

सीहोर : सशक्त होती महिलाओं को अब राज्य शासन ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख योजनाओं से जोड़ने जा रही है। राज्य शासन की मंशा है कि ग्राम पंचायत की महिला पंचों को उन योजनाओं में भागीदार बनायें जिसकी जवाबदेही वे बेहतर ढंग से निभा सकती हैं।कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने बताया कि राज्य शासन द्वारा जारी एक परिपत्र में पंचायतों के माध्यम से चुनी हुई महिला पंचों की ऊर्जा और अनुभव का लाभ शासन की ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उठाने को कहा गया है। महिला पंचों को जिन योजनाओं में भागीदार बनाने को कहा गया है उनमें मध्यान्ह भोजन, सर्वशिक्षा अभियान, समग्र स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य एवं गाँव के विकास की योजनाएँ शामिल हैं। सर्वशिक्षा अभियान के तहत गाँव के सभी बच्चे स्कूल जा रहे हैं इसे भी वे सुनिश्चित करेंगी। महिला पंच मध्यान्ह भोजन अंतर्गत इस बात पर निगरानी रखेंगी कि स्कूलों में भोजन समय पर बँट रहा है या नहीं, स्कूलों में शासन के निर्देशानुसार माताओं के रोस्टर बने हुए हैं और क्या उसके अनुसार रोज एक माता भोजन करती है। समग्र स्वच्छता अभियान में महिला पंच यह देखेंगी कि स्कूलों में शौचालय हैं कि नहीं, लड़के और लड़कियों के अलग-अलग शौचालय हैं कि नहीं। गाँव की साफ-सफाई पर महिला पंचों की निगरानी होगी। गाँव के सभी बच्चों का टीकाकरण हो रहा है कि नहीं, इसकी जानकारी महिला पंच लेंगी। महिला पंच ग्राम सभा की बैठक में महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करायेंगी। गाँव में कौन-से विकास कार्य प्राथमिकता पर हों इसमें भी महिला पंचों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

शनिवार, 1 अक्टूबर 2011

खदान में डूबने से तीन छात्राओं की मौत

सीहोर। शनिवार को स्कूल से घर की ओर लौट रही तीन मासूम छात्राएं सड़क किनारे खोदी गई मुरम की खदान में भरे पानी में डूब गई। मृतक छात्राओं की उम्र आठ से दस वर्ष के बीच थी, इनमें दो सगी बहनें भी हैं। सूचना मिलने पर ग्रामीण छात्राओं को खदान से निकालकर जिला अस्पताल लाए, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के श्यामपुर चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जाजनखेड़ी निवासी मुकेश गौर की बड़ी पुत्री 10 वर्षीय सुलोचना, उसकी बहन 7 साल की नीलू अपनी सहेली नीतू गौर पिता तुलाराम गौर के साथ स्कूल से घर लौट रही थी। सड़क किनारे स्थित खदान में बारिश पानी जमा हो गया है, इसी खदान के पास यह तीनों छात्राएं खेल रहीं थीं, इसी दौरान अचानक खदान में भरे पानी में चली गर्इं और देखते ही देखते डूब गर्इं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

तीन आदतन अपराधी जिला बदर

सीहोर : सीहोर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. संजय गोयल ने तीन आदतन अपराधियों को छ: माह के लिए जिला बदर करने के आदेश प्रसारित किए हैं। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. संजय गोयल ने पुलिस अधीक्षक सीहोर से प्राप्त प्रतिवेदन से पूर्णत: संतुष्ट होकर मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 एवं 6 के अंतर्गत अमजद खान वल्द अतिउल्ला खान उम्र 28 वर्ष निवासी रफीकगंज थाना मंडी सीहोर, मोहनसिंह वल्द दिलीप सिंह ठाकुर उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम कादराबाद थाना दोराहा और दाउद खां वल्द नबीखां उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम पन्दा थाना अहमदपुर को जिला सीहोर एवं उसके सीमावर्ती जिले भोपाल, रायसेन, होशंगाबाद, हरदा, देवास, शाजापुर एवं राजगढ जिलों की राजस्व सीमाओं से छ: माह के लिए निष्कासित किया है। उल्लेखनीय है कि अमजद खान वल्द अतिउल्ला खान उम्र 28 वर्ष निवासी रफीकगंज थाना मंडी सीहोर पर विगत 3 - 4 वर्षों से अपराधिक गतिविधियां तथा हत्या के प्रयास, अवैध हथियार रखने, गाली गुफ्तार करने, जान से मारने की धमकी, मारपीट जैसे अनेक जधन्य अपराध पंजीबद्ध है। मोहनसिंह वल्द दिलीप सिंह ठाकुर उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम कादराबाद थाना दोराहा के अपराधिक कृत्यों से आये दिन शांति भंग होने की संभावना रहती है। इस पर 15 विभिन्न गंभीर अपराधिक मामले दर्ज है। दाउद खां वल्द नबीखां उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम पन्दा थाना अहमदपुर जिला सीहोर वर्ष 1995 से लगातार अपराधिक गतिविधियों में संलग्न है मारपीट, छेडछाड, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने एवं अवैध रूप से हथियार रखने जैसे 12 प्रकरणों में इसकी संलिप्ता है यह दादागिरी के बल पर मारपीट कर आम जनता में भय व्याप्त कर रहा है। यह तीनों आदतन अपराधी क्षेत्र में कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित कर सकते है। इनका समाज में इतना आतंक है कि लोग इनके विरूद्ध रिपोर्ट लिखवाने एवं गवाही देने से कतराते हैं। इन्ही सब बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गोयल ने जिला बदर की कार्यवाही की है।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वृद्धजनों का सम्मान

सीहोर : अंतर्राष्ट्रीय वद्धजन दिवस एक अक्टूबर को आज जिला चिकित्सालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में वृद्धजनों को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्री लालाराम मीणा, न्यायालय जिला रजिस्ट्रार एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अरूण श्रीवास्तव तथा नगरपालिका के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप गौतम ने वृद्धजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें नि:शुल्क दवाएं भी वितरित की गई। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ए.एल. मरावी, सिविल सर्जन डॉ.टी.एन.चतुर्वेदी, सचिव रेडक्रास डॉ. अनिल शर्मा, एसडीएम श्री इच्छित गढपाले, उप संचालक सामाजिक न्याय श्रीमती जकिया जावेद, सीईओ जनपद पंचायत सीहोर डॉ.विनोद यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने कहा कि वृद्धजन समाज के अभिन्न अंग है जिन्हें सम्मान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन दिवस मनाने का मकसद वृद्धजनों को सम्मानित करने के साथ ही उनकी समस्याओं को दूर करना और उनकी बेहतरी के कार्य करना हैं। डॉ. गोयल ने कहा कि एक अक्टूबर का दिन वृद्धजनों के लिए इसी उद्देश्य को लेकर समर्पित किया गया है कि वृद्धजनों की जरूरतों को समझकर उनके बेहतर जीवन के लिए और क्या क्या किया जा सकता है। कलेक्टर ने समाज में वृद्धजन का महत्व रेखांकित करते हुए कहा कि स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों को आगे आकर वृद्धजनों के हित में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद वृद्धजनों की समस्याएं जानने और इनका निराकरण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पृथक से कांउन्टर लगाकर वृद्धजनों के आवेदन प्राप्त करें और उनकी समस्याओं का निराकरण करें। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्री लालाराम मीणा ने कहा कि वृद्धजनों का अनुभव और उनके आशीष से समाज को नई दिशा मिलती है। समाज का विकास वृद्धजनों के बगैर अधूरा है। उन्होंने कहा कि वृद्धजन को सम्मान देने में कभी पीछे नहीं रहना चाहिए। घर-परिवार, पडोसी और समाज के वृद्धजनों को सहयोग करना सभी नागरिकों का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि न्यायालय में वृद्धजनों को प्राथमिकता देकर उनके बयान पहले लिए जाते हैं। इसी प्रकार हर स्थान पर उन्हें प्राथमिकता मिलना चाहिए। कार्यक्रम को नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री प्रदीप गौतम ने भी संबोधित किया। इस मौके पर सौ वर्ष पूरे करने वाले पांच वृद्धजनों को एक एक हजार रूपये की राशि भेंट की गई। इनमें ग्राम दरखेड़ा के श्री ओंकार सिंह, इंग्लिशपुरा सीहोर की श्रीमती जमीला बी, सीहोर की श्रीमती मुलिया बाई एवं श्रीमती छोटी बाई तथा ग्राम बिजौरा के श्री चुन्नीलाल शामिल थे। चिकित्सकों द्वारा 133 वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाओं का वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आनंद शर्मा ने किया।

तीन ग्राम पंचायतों को मिली मनरेगा के तहत साढ़े आठ लाख की राशि

सीहोर : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जनपद पंचायत सीहोर की 3 ग्राम पंचायतों को 8 लाख 50 हजार रूपयों की राशि निर्माण कार्यों के लिए उपलब्ध कराई गई है। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल के अनुमोदन उपरांत उक्त राशि अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री बी.एस. जामोद द्वारा जारी कर दी गई है। आबंटित राशि का शासन द्वारा जारी नियम और निर्देशों के मुताबिक उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजनान्तर्गत चल रहे निर्माण कार्यों के लिए सीहोर जनपद पंचायत के मांग पत्र के अनुसार ग्राम पंचायत सीलखेड़ा और बरखेड़ाहसन को 4 - 4 लाख, और ग्राम पंचायत कादराबाद को 50 हजार रूपये की राशि निर्माण कार्यों के लिए मुहैया कराई गई है।

राजस्व अमले की अहम भूमिका - कलेक्टर

सीहोर :सीहोर तहसील कार्यालय में आज राजस्व वर्ष के शुभारंभ अवसर पर एक अक्टूबर को राजस्व दिवस के रूप में मनाया गया। इस मौके पर कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने उत्कृष्ट कार्यों के लिए पटवारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने पटवारियों को ई- बस्ता भी प्रदान किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर एडीएम श्री एस.एस.बघेल, संयुक्त कलेक्टर एवं प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख श्री गिरीश शर्मा, एसडीएम श्री इच्छित गढ़पाले, अतिरिक्त तहसीलदार श्री नरेन्द्र ठाकुर, श्री राजेन्द्र पंवार सहित तहसील के सभी राजस्व अधिकारी- कर्मचारी मौजूद थे।सराहनीय कार्यराजस्व दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने कहा कि शासन की मंशा समाज के अंतिम छोर की अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना है जिसमें राजस्व विभाग की अहम भूमिका है। उन्होंने बीते एक साल में राजस्व अमले द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में कम्प्यूटरीकृत भू-अभिलेख, ऋण पुस्तिकाओं का वितरण, मूल राजस्व रिकार्ड सीमांकन, नामांतरण, बंटवारे, जनगणना आदि कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने में राजस्व अमले ने उल्लेखनीय भूमिका का निर्वहन किया है। डॉ. गोयल ने कहा कि समन्वित प्रयासों और टीम भावना से किए गए कार्यों से सफलता सुनिश्चित है। उन्होंने अन्य जिलों के मुकाबले सीहोर जिले में भू-अभिलेख संबंधी बेहतर कार्यों के लिए संयुक्त कलेक्टर श्री गिरीश शर्मा सहित समूचे राजस्व अमले को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि नए राजस्व वर्ष में भी इसी प्रकार टीम भावना से कार्य कर राजस्व अमला अपनी महती भूमिका साबित करेगा। उन्होंने राजस्व दिवस आयोजन की सराहना करते हुए इसे एसडीएम श्री गढपाले द्वारा की गई अच्छी पहल बताया। स्व-मूल्यांकन का अवसरकार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडीएम श्री एस.एस.बघेल ने राजस्व दिवस मनाने की इस नई परम्परा को स्व मूल्यांकन करने की अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से जहां स्व मूल्यांकन का अवसर मिलता है वहीं भविष्य में और अधिक बेहतरी के संकल्प को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि फील्ड में किए गए श्रेष्ठ कार्यों से ही अधिकारी कर्मचारी की पहचान बनती है।चुनौती पूर्ण कार्यों को अंजामकार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर श्री गिरीश शर्मा ने कहा कि जिले के भू-अभिलेख का कम्प्यूटरीकरण कर इसे ऑन लाइन करना एक चुनौती पूर्ण कार्य था जिसे समन्वित प्रयासों से बखूबी अंजाम दिया गया। इसी तरह राजस्व कार्यों के अलावा जनगणना, निर्वाचन आदि कार्यों को समय सीमा में पूरा करने में राजस्व अमले ने सराहनीय योगदान किया है। उन्होंने कहा कि जन विश्वास को कायम रखना एक महती जिम्मेदारी है जिसका कुशलतापूर्वक निर्वहन जरूरी है।

उपलब्धियां एवं लक्ष्य
एसडीएम श्री इच्छित गढपाले ने सीहोर अनुभाग में बीते राजस्व वर्ष में किए गए कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि विगत वर्ष पाला एवं शीत लहर प्रभावित 6 हजार किसानों को 60 करोड़ की आर्थिक सहायता का वितरण तत्परता के साथ किया गया। इसी तरह सीमांकन के 642, बंटवारे के 1351, नामांतरण के 2332 प्रकरणों के निराकरण के साथ ही सीहोर तहसील में 30 हजार 500 और श्यामपुर तहसील में 21 हजार 347 ऋण पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। ई-बस्ता योजना के तहत मूल खसरे के 65 हजार 736 संशोधन कम्प्यूटरीकृत कर 51 हजार 445 तरमीमों को नक्शे पर उठाया गया। गत वर्ष 36 हजार 365 खसरा व खतौनी का वितरण किया गया। आगामी वर्ष में जातिगत जनगणना, ई-बस्ता योजना में नक्शों का शतप्रतिशत डिजीटाईजेशन, लोक सेवा गारंटी के तहत सभी सेवाओं को ऑन लाइन पंजीयन कर समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।कार्यक्रम में पटवारी श्री मुकुल तिवारी ने राजस्व विभाग की गतिविधियों पर आधारित स्व रचित गीत प्रस्तुत किया जिसे सबकी सराहना मिली। कार्यक्रम के संचालन का दायित्व तहसीलदार अलका इक्का ने बखूबी निभाया और अंत में आभार दोराहा नायब तहसीलदार शिल्पी दिवाकर ने व्यक्त किया।

हिंदी पत्रकारिता और साहित्य के बीच साठ-सत्तर के दशक तक भले ही सौहार्द्रपूर्ण रिश्ते रहे हों... एसपी सिंह के जमाने से पत्रकारिता में सक्रिय साहित्यकारों पर सवाल उठने शुरू हुए। पहली बार उन्हें पोंगापंथी पत्रकार तक कहा गया। भाषायी शुद्धतावादी और आग्रही होने के आरोप भी चस्पा हुए... धीरे-धीरे ये प्रवृत्ति हिंदी पत्रकारिता की बाद की पीढ़ियों में इतने गहरे तक धंस गई कि हिंदी साहित्य को कम से कम पत्रकारिता की दुनिया में बाहरी ग्रह का प्राणी माना जाने लगा, लेकिन पत्रकारिता के मन में एक बात छुपी रही...वह गंभीर और बौद्धिक होने का तमगा हासिल करने के चक्कर में इसी साहित्यकारिता और साहित्यिक लेखन के शरण में ही जाती रही। अंग्रेजी में कहते हैं न लव एंड हेट तो कुछ वही रिश्ता रहा...आज ये प्रवृत्ति खासतौर पर नजर आ रही है। साहित्यकारों को पत्रकारिता में उचित मुकाम तक पहुंचने ना दो, लेकिन गंभीरता और विमर्शवादी होने का प्रमाणपत्र उसी से हासिल करो, क्योंकि हिंदी का पाठक उसके ही प्रमाणपत्र को ज्यादा साखदार मानता है। इसी दौर में कुछ ऐसे भी पत्रकार रहे, जिन्होंने पत्रकारिता के धत्कर्माें से आजिज आकर पूरी तरह साहित्यकारिता को ही अपनी जिंदगी में बसा लिया। मध्यप्रदेश से दो नाम इन दिनों हिंदी साहित्य के आकाश में बेहद चर्चित हैं। पीली छतरी वाली लड़कियां, पाल गोमरा का स्कूटर, वारेन हेस्टिंगस का सांड, और अंत में प्रार्थना जैसी कहानियों के लेखक उदय प्रकाश को अब हिंदी का हर जागरूक पाठक जानता है। पाठकों की विशाल पूंजी में इन दिनों सफल सेंध मध्य प्रदेश के सीहोर निवासी पंकज सुबीर ने भी लगाई है।
उनके उपन्यास ‘ये वो सहर तो नहीं’ को हाल ही में दो-दो पुरस्कार मिले हैं। पहले इसी उपन्यास को ज्ञानपीठ ने अपने युवा सम्मान से नवाजा और अब जेसी जोशी स्मृति संस्थान ने शब्द साधना जनप्रिय युवा सम्मान से नवाजा है। जिंदगी की लड़ाई जवानी में ही बेहद मुश्किल दौर में होती है। हर हिंदी रचनाकार इसी दौर से निकलना और उसके बाद स्थायीत्व के साथ सुकून से रचाव की दुनिया में बसने की ख्वाहिश पाले होता है, लेकिन पहले टेलीविजन पत्रकार रहे सुबीर ने टेलीविजन पत्रकारिता की दुनिया को तभी अलविदा कह दिया, जब उनके सामने चुनौतियों के बावजूद संभावनाओं का खुला आकाश था। उन्होंने अपेक्षाकृत ज्यादा चुनौतीपूर्ण लेखन को पूरी तरह से अपना लिया। इसी दौरान उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी जैसी कई सशक्त कहानियां लिखीं और पाठकों के साथ ही समीक्षकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया। पंकज ने इसी दौर में स्वतंत्रता आंदोलन में अपने शहर की लोकजीवन की उन घटनाओं पर अपना ध्यान केंद्रित किया, जो अक्सर इतिहास में जगह नहीं हासिल कर पातीं, जबकि इतिहास रचने और बदलने में उनका भी वैसा ही योगदान होता है। इसी मेहनत को उन्होंने औपन्यासिक रचना का कलेवर दिया और ये वो सहर तो नहीं जैसी कृति हिंदी साहित्य को मिल सकी। पंकज का स्वतंत्र रूप से अब तक सिर्फ एक ही कहानी संग्रह ईस्ट इंडिया कंपनी और एक ही उपन्यास ये वो सहर तो नहीं ही आया है। लेकिन तीन और संग्रहों में उनकी कहानियां प्रतिष्ठापूर्ण स्थान हासिल कर चुकी हैं। सीहोर का ये युवा रचनाकार अपने शहर की पहली किन्नर मेयर ममता की जिंदगी को आधार बना कर इन दिनों लेखन की तैयारियों में जुटा है। पंकज की खासियत उनकी भाषा है। उसमें रचाव तो नजर आता है...लेकिन बनावटीपन नजर नहीं आता। अपने कथाक्रम में वे कई बार चौंकाते भी हैं, लेकिन ये चौंकाना भी प्रकारांतर से नए प्रसंगों का परिचय ही कराता है। पाठक को इस तरह से जोड़ना और अपनी बात उसके अंतरतम तक पहुंचा पाने की उनकी ये शैली है और अपनी इसी शैली के कारण कथा जगत के उदीयमान हस्ताक्षरों में पहली पंक्ति में नजर आते हैं।
- उमेश चतुर्वेदी

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