भोपाल। विस्तार योजना के तहत घोषणा करते हुए जीवीके ईएमआरआई 108 के लिए या फिर से गर्व का क्षण है कि राज्य के 41 जिलों में सफलता पूर्वक 366 एंबूलेंस का आंकड़ा पार कर लिया है। इस विस्तार के साथ अब अधिक आपात स्थितियां नियंत्रित की जा सकती है, अधिक स्थानों में कार्य किया जा सकता है और अधिक लोगों की जान बचाई जा सकती है।
विस्तार योजना फरवरी 2013 में शुरू की गई थी और यह प्रक्रिया अभी भी चल रही है। जो जिले प्रमुखता लाभान्वित हुए है, वह है, कटनी, धार, रायसेन, शाजपुर, राजगढ़, मुरैना, नरसिंहगढ़ और छतरपुर आदि। शुरूआत के बाद से ही आपातकालीन सेवाओं ने राज्य में सफलता पूर्वक साढ़े चार लाख से अधिक आपात स्थितियों में भाग लिया और अब विस्तार के साथ कई और लोग भी इसका लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते जीवीके ईएमआरआई प्रमुख देवेंन्द्र सिंह ने बताया कि म
ध्यप्रदेश के 41 जिलों और आसपास के इलाकों के नागरिक, हमारी सेवाओं का उपयोग करने में सक्षम हो जाऐंगे। यह अधिक से अधिक जीवन बचाने के हमारे दृष्टिकोण का एक हिस्सा है। हमारी सेवाओं का ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार से, गर्भावस्था संबंधित आपात स्थितियों के लिए अधिक फायदा होगा और मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद हो सकेगी, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का जटिल प्रसव के समय अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
प्रदेश के हर हिस्से में व्याप्त
एंबूलेंस के लिए एक कामन फोन नंबर 108 के साथ मध्यप्रदेश के दूरदराज हिस्सों को भी कवर किया जा रहा है। सभी काल एक सेंट्रल यूनिट, जीवीके इएमआरआई इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर भोपाल, द्वारा रिसीव किये जाते है। इमरजेंसी रिस्पांस आफिसर को जितनी जल्द ी हो सके सभी प्राइमरी जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, जिसमें पेशेंट और फोन करने वाले का नाम, इमरजेंसी का टाइप, फोन करने वाले का स्थान और निकटतम लैंडमार्क शामिल है। जीवीके इएमआरआई के अनुसार, आइडियल रिस्पांस टाइम, काल प्राप्ति के 20 के मिनट के अंदर है।
108 सेवा मुख्य रूप से सड़क दुर्घटनाओं, हृदय से संबंधित आपातक स्थिति, सांस से संबंधित आपात स्थिति, गंभीर चोटों के लिए या प्रसव के करीब गर्भवती महिलाओं को ले जाने के लिए प्रयोग की जाती है। प्रत्येक एंबूलेंस स्ट्रेचर, आक्सीजन सिलेंडर, बेसिक मेडिसिंन और स्टैण्डर्ड इक्विपमेंट जैसे स्टेथोस्कोप, ग्लूकोमीटर और बीपी मशीन, नेबुलिजेर आदि के साथ फिट है।
एंबूलेंस में प्रशिक्षित इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन और पायलट्स उपलब्ध होते है, जिनका मिशन, रोगी को नजदीकी अस्पताल तक पहुंचने तक पूर्व अस्पताल देखभाल प्रदान करना होता है। इमरजेंसी मेडिकल तकनीशियन को बड़े पैमाने पर सेंटर में और फील्ड पर 45 दिनों के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। यह सेवा का शीघ्र ही विस्तार किया जाएगा।








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