सीहोर: मध्यप्रदेश सरकार बाल-विवाह को रोकने के लिए सघन अभियान चलायेगी। आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव द्वारा सभी कलेक्टर्स को पूर्व से तैयार कार्य-योजना और रणनीति के अनुसार सघन अभियान चलाकर बाल-विवाहों को सख्ती से रोकने के निर्देश दिये गये हैं। कलेक्टर कवीन्द्र कियावत ने इस अभियान का सीहोर जिले में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य शासन द्वारा जिला कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि आगामी 13 मई को अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले सामूहिक विवाह समारोहों पर पैनी नजर रखी जाए। समाज में बाल-विवाह आज भी एक समस्या है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बाल-विवाह रोकने के लिये पूर्व से ही लाडो अभियान चलाया जा रहा है। लाडो अभियान के तहत बाल-विवाह रोकने के लिये कलेक्टरों को पूर्व में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये जा चुके हैं। चूँकि अक्षय तृतीया के दिन बाल-विवाह होने की संभावना रहती है, इसीलिए इस दिन सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतना होगी।
कलेक्टरों को बाल-विवाह रोकने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सघन अभियान चलाने तथा उसमें अन्य सभी शासकीय विभागों की भागीदारी सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिये गये हैं। आयुक्त महिला सशक्तिकरण श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने 18 साल से कम उम्र के बालक-बालिकाओं की सूची जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और सभी सरपंचों को उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि सूची के अनुसार बालक-बालिकाओं के परिवार पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा बाल-विवाह न होने की जिम्मेदारी तय की जाये। शहरी क्षेत्र में पार्षद और ग्रामीण क्षेत्र में सरपंच सामूहिक विवाह के आयोजन को लेकर सजग रहें। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि वे अक्षय तृतीया के बाद पुन: एक बार सर्वे कराकर यह सुनिश्चित करे कि उनके जिले में कोई भी बाल-विवाह नहीं हुआ। जिले के सभी जन-प्रतिनिधियों, धर्म-गुरुओं, प्रमुख व्यक्तियों आदि का बाल-विवाह की रोकथाम के लिये उन्मुखीकरण करवाया जाये। बाल-विवाह की सूचना के लिये जिम्मेदार अधिकारियों के टेलीफोन/मोबाइल नम्बर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। जिले में बाल-विवाह की सूचना किसी भी प्रकार से प्राप्त होते ही तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाये।







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