सीहोर। । सोमवार की रात निकटवर्ती ग्राम नयापुरा से बैंडबाजा बारातियों को दूल्हों सहित वापस लौटने पर विवश होना पड़ा। प्रशासनिक अमले द्वारा की गई पहल पर दो नाबालिग बालिकाओं को विवाह कराने से रोका गया। प्राप्त जानकारी अनुसार निकटवर्ती ग्राम नयापुरा से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जिला मुख्यालय पर सोमवार की रात नौ बजे सूचना दी गई कि हमारे गांव में दो बालिकाओं को विवाह किया जा रहा है पर यह दोनों बालिकाएं नाबालिग है। इस सूचना के मिलते ही जिला मुख्यालय से महिला बालविकास विभाग के परियोजना अधिकारी संजय श्रीवास्तव के नेतृत्व में महिला अधिकारी तथा मंडी पुलिस बल पहुंचा जहां पर सूचना की पुष्टि हुई तो लड़कियों के परिजनों को समझाया गया कि यह गैर कानूनी है तथा बालिकाओं की दृष्टि से भी ठीक नहीं है। कुछ ग्रामीणों द्वारा भी समझाइश दी गई जिस पर दोनों लड़की के पिता द्वारा सहमति दी गई जिस पर ग्राम डुबड़ी और ग्राम खजूरी कला से आई बारात को गांव से वापस लौटने पर विवश होना पड़ा।
जब ग्रामीण हुए नाराज
सोमवार की रात को की गई कार्रवाई के बाद मंगलवार को यह सूचना आने पर कि दोनों बालिकाओं को विवाह कर दिया गया है जिसकी क्रास चैकिंग करने के लिए महिला बाल विकास कार्यालय की टीम दोबारा मंगलवार की दोपहर को गांव पहुंची और दोनों बालिका के पिता से बातचीत की जिस पर लड़की के पिता सहित अन्य ग्रामीण भी नाराज हो गए
साहब माहौल खराब है...
मंगलवार की मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए दोनों लड़कियों के पिता ने बताया कि मेरी ही इच्छा थी कि दोनों बेटियों का विवाह जल्द से जल्द कर दूं साहब आप लोग देख नहीं रहे है कि हर तरफ का माहौल खराब चल रहा है बेटी के बाप को तो हर तरफ देखना पड़ता है। परियोजना अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि लड़की के पिता द्वारा ऐसा कुछ भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे यह बात साफ हो सके कि यह बालिग है। इनके द्वारा अस्पताल के मेडीकल बोर्ड को एक सर्टिफिकेट दिखाया गया था जिस पर लगभग अठारहा साल की उम्र लिखी हुई है। मीडिया कर्मियों पर भी इन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब रात को ही सारा मामला सुलझ गया था तो दोबारा आना ठीक बात नहीं है। एक तो गांव से बारात लौट गई जिससे परिजन भी व्यथित है अधिकारियों और मीडिया कर्मियों ने उन्हें समझाया कि हम लोग किसी की भावना से खिलवाड़ करने के लिए एकत्रित नहीं हुए नाबालिग लड़कियों का विवाह ठीक बात नहीं है। तब जाकर ग्रामीण और परिजन शांत हुए इसके बाद दोनों नाबालिग बालिकाओं से बात कराई गई जिस पर उनका कहना था कि हमारे पिता द्वारा अब विवाह नहीं कराया जा रहा है हम पर किसी प्रकार का कोई दवाब नहीं है और हम भी इस फैसले से खुश है।
जब ग्रामीण हुए नाराज
सोमवार की रात को की गई कार्रवाई के बाद मंगलवार को यह सूचना आने पर कि दोनों बालिकाओं को विवाह कर दिया गया है जिसकी क्रास चैकिंग करने के लिए महिला बाल विकास कार्यालय की टीम दोबारा मंगलवार की दोपहर को गांव पहुंची और दोनों बालिका के पिता से बातचीत की जिस पर लड़की के पिता सहित अन्य ग्रामीण भी नाराज हो गए
साहब माहौल खराब है...
मंगलवार की मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए दोनों लड़कियों के पिता ने बताया कि मेरी ही इच्छा थी कि दोनों बेटियों का विवाह जल्द से जल्द कर दूं साहब आप लोग देख नहीं रहे है कि हर तरफ का माहौल खराब चल रहा है बेटी के बाप को तो हर तरफ देखना पड़ता है। परियोजना अधिकारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि लड़की के पिता द्वारा ऐसा कुछ भी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे यह बात साफ हो सके कि यह बालिग है। इनके द्वारा अस्पताल के मेडीकल बोर्ड को एक सर्टिफिकेट दिखाया गया था जिस पर लगभग अठारहा साल की उम्र लिखी हुई है। मीडिया कर्मियों पर भी इन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब रात को ही सारा मामला सुलझ गया था तो दोबारा आना ठीक बात नहीं है। एक तो गांव से बारात लौट गई जिससे परिजन भी व्यथित है अधिकारियों और मीडिया कर्मियों ने उन्हें समझाया कि हम लोग किसी की भावना से खिलवाड़ करने के लिए एकत्रित नहीं हुए नाबालिग लड़कियों का विवाह ठीक बात नहीं है। तब जाकर ग्रामीण और परिजन शांत हुए इसके बाद दोनों नाबालिग बालिकाओं से बात कराई गई जिस पर उनका कहना था कि हमारे पिता द्वारा अब विवाह नहीं कराया जा रहा है हम पर किसी प्रकार का कोई दवाब नहीं है और हम भी इस फैसले से खुश है।







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