सीहोर। गलती से अपने हाथ से हुई मवेशी की मौत का खामियाजा किसान पुत्र को अब सवा महीने का वनवास काट कर झेलना पड़ेगा। यह वनवास गांव के उन दबंगो ने सुनाया है जिनके सामने बोलने की हिम्मत कोई नहीं करता। मामला जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव सेवनिया में सामने आया है। जिला प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे पिछले दो दिनों से यह किसान पुत्र गांव के बाहर जंगल में सोने-खाने को मजबूर है।
जानकारी के अनुसार सीहोर जिले 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम सेवनिया में एक ग्रामीण को उसके हाथों हुई मवेशी की मौत हो जाने के बाद ग्रामीणों ने गांव के 30 वर्षीय निर्मल वर्मा पिता सेवाराम को सवा महीने के लिए गांव निकाला देकर हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है। इस युवक के हाथों कुछ दिन पूर्व एक बैल की मौत हो गई थी। जिसके बाद गांव के दबंगो ने मिलकर उसे सवा महीने गांव निकाला देकर वनवास दे दिया। अब यह युवक पिछले दो दिनों से गांव के बाहर जंगल में रात गुजार रहा है।
पीडित की जुबानी
ग्राम सेवनिया में रहने वाले 30 वर्षीय निर्मल वर्मा ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले जब वह खेत में हल चला रहा था और पानी पीने चला गया था उस दौरान एक बैल की मौत हो गई थी। ग्रामीणों को जब इस बात की जानकारी मिली तो ग्राम वालों ने उसे शुक्रवार को यह सजा सुना दी गई। निर्मल के मुताबिक दबंगों ने उसे धमकी दी है कि उसे बात नहीं मानने पर जात से बंद कर दिया जाएगा और उसका हुक्का पानी भी बंद कर दिया जाएगा इस डर के कारण निर्मल ग्राम के बाहर जंगल में एक पेड के नीचे रहने चला गया है जहां वो अब सवा महीने तक रहेगा।
निर्मल के पिता 70 वर्षीय सेवाराम ने बताया कि उनका बेटा निर्मल ग्राम के बाहर रहने को मजबूर है शुक्रवार की रात वे रात मे गुपचुप तरीके से उसे भोजन देने पहुंचे।








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