अभियोजन के अनुसार नसरुल्लागंज के बजरंग कुटी कालोनी निवासी 26 वर्षीय प्रकाश आत्मज मंशाराम विश्वकर्मा द्वारा अपनी ही कालोनी में रहने वाली अनुसूचित जाति की 16 वर्षीय बालिका को उस समय हवस का शिकार बनाया था जब वो अपने घर पर अकेली थी। यह घटना फरवरी 2012 की है। पीडि़त बालिका द्वारा 5 फरवरी 12 को इस मामले मेें लिखित आवेदन देते हुए नसरुल्लागंज थाने में बताया गया था कि उसके साथ जबरिया रेप किया जाकर उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। बालिका का मेडीकल परीक्षण कराए जाने के बाद पुलिस द्वारा आरोपी प्रकाश विश्वकर्मा के खिलाफ भादवि की धारा 376 के साथ भादवि की धारा 450 तथा अनुसचित जाति जनजाति एक्ट के अंर्तगत प्रकरण कायम कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन की ओर से दस ग्वाह कराए गए। विशेष न्यायाधीश श्री दिलीप कुमार मिश्रा द्वारा दोनों पक्षों का सुनने के बाद आरोपी प्रकाश विश्वकर्मा के खिलाफ आरोप दोष सिद्ध पाते हुए उसे भादवि की धारा 376 के अंर्तगत दस वर्ष के कारावास और दो हजार रुपए के अर्थदंड से तथा भादवि की धारा 450 के अंर्तगत पाँच वर्ष का कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।







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