बुधवार, 1 मई 2013

सार्वजनिक स्थान बनेंगे धूम्रपान मुक्त


जिले में तम्बाकू नियंत्रण कानून का पुर्ण परिपालन सुनिश्चित होगा 


सीहोर : भारतीय तम्बाकू नियंत्रण कानून की धारा 4 के अनुसार सभी सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध है और इसका उल्लंघन करने वालों पर 200 रूपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस धारा का जिले में पूर्ण परिपालन हो इसके लिए जरूरी है कि सभी सार्वजनिक स्थान जैसे सरकारी प्राइवेट कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, बस स्टैण्ड आदि पर धम्रपान निषेध के 30 गुणा 60 सेंटीमीटर के धूम्रपान निषेध संबंधी सूचना पटल लगे हो, सार्वजनिक स्थानों पर कोई धूम्रपान नहीं करे, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को बढावा देने वाली सामग्री जैसे एश ट्रे आदि ना हो, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने वाले लोगों पर अर्थदण्ड करने की व्यवस्था हो। यह बात कलेक्टर कार्यालय में जिला प्रशासन मध्यप्रदेश वालंटरी हेल्थ एसोसिअशन और इंटर नेशनल यूनियन अगेन्स्ट ट्यूबरक्युलोसिस एंड डिसीज द्वारा आयोजित कार्यशाला में कहीं गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर कवीन्द्र कियावत ने कहा कि जिले के सार्वजनिक स्थानों को धूम्रपान मुक्त बनाने के लिखे सभी अधिकारियों को अपने अपने कार्यालयों में धूम्रपान निषेध के सूचना पटल लगाये और नोडल अधिकारी नियुक्त करे और सुनिश्चित करे कि कार्यालयों में और सार्वजनिक स्थानों पर कोई धूम्रपान ना करे साथ ही यदि कोई धूम्रपान करता हुआ मिले तो उसे 200 रूपये तक अर्थदण्ड करें। श्री कियावत ने जिले में तम्बाकू नियंत्रण के लिए जोइंट कलेक्टर  नियाजखान को नोडल अधिकारी नियुक्त किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जल्द ही सीहोर जिले के सार्वजनिक स्थानों को धूम्रपान मुक्त बनाना है।
मध्यप्रदेश वालंटरी हेल्थ एसोसिअशन के  कार्यक्रम अधिकारी बकुल शर्मा ने बताया कि तम्बाकू नियंत्रण कानूनकी धारा 4 के पूर्ण परिपालन के लिए जरूरी है कि जिला स्तर पर कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में तम्बाकू नियंत्रण समिति गठित हो और इसकी नियमित बैठकें होती रहे जिसमें तम्बाकू नियंत्रण कानून के परिपालन की समीक्षा हो इसके अलावा जिले और विकासखंड स्तर पर एक प्रवर्तन दल (एनफोर्समेन्ट स्क्वाड) बनाने की भी जरूरत है जो समय समय पर जाकर सार्वजनिक स्थानों पर औचक निरीक्षण कर सके और वहां पर धूम्रपान करने वाले लोगों पर अर्थदण्ड कर सके इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों के प्रबंघक भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंे और संस्थान में धूम्रपान करने वालों पर अर्थदण्ड करें। साथ ही समय समय पर जिले से विभिन्न विभागों को और सार्वजनिक स्थानों के प्रबंधकों को तम्बाकू नियंत्रण कानून के परिपालन के लिए आदेश भी जारी होते रहेंे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कार्यक्रम अधिकारी  बकुल शर्मा ने बताया कि तम्बाकू नियंत्रण कानून की धारा 6 क के अनुसार नाबलिगों के द्वारा तम्बाकू उत्पादों की बिक्री दंडनीय अपराध है और 6 ख के अनुसार शैक्षणिक संस्थानों  के 300 फिट के दायरे में तम्बाकू उत्पादों  का विक्रय प्रतिबंधित है। जिले में भी नाबलिगों को तम्बाकू आपदा से बचाने के लिए इस धारा के पूर्ण परिपालन की जरूरत है इसके लिए शिक्षा विभाग को आगे आकर शैक्षणिक संस्थानों को धूम्रपान मुक्त बनाना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि संस्थान के 300 फीट के दायरे में तम्बाकू उत्पाद बेचने की दूकान ना हो।
तकनीकी सलाहकार डॉ. शालिनी कपूर ने बताया कि जिले में तम्बाकू नियंत्रण कानून की धारा 4 और 6 के परिपालन के लिए विकासखंड स्तर पर कार्यशालाओं के माध्यम से अधिकारियों को तम्बाकू नियंत्रण कानून के बारे में बताया जाएगा और साथ ही हर विकासखंड से पुलिस, शिक्षा, पंचायत, नगरपालिका आदि विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा इसके साथ ही विभिन्न माध्यमों से आम नागरिकों को जागरूक भी किया जायगा इसके अलावा तम्बाकू नियंत्रण कानून के परिपालन के लिए प्रवर्तन दल के माध्यम से इन धाराओं का उल्लंघन करने वालों पर अर्थदण्ड भी किया जाएगा ताकि सावर्जनिक स्थानों पर धूम्रपान कम हो। कार्यशाला में राज्य सलाहकार डॉ. सोमिल रस्तोगी ने भी संबोधित किया और धारा 5 और 7 के बारे में भी बताया गया कि धारा 5 के अनुसार सभी तम्बाकू उत्पादों का विज्ञापन प्रतिबंधित है और धारा 7 के अनुसार सभी तम्बाकू उत्पादों पर चित्रात्मक चेतावनियां लगी होना जरूरी है।

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